Vaibhav Suryavanshi ने Duleep Trophy 2026 से पहले Red-Ball क्रिकेट की तैयारी शुरू कर दी है। जानें Rajasthan Royals कैंप, East Zone टीम, Zimbabwe सीरीज और उनके रिकॉर्ड्स की पूरी जानकारी।

Vaibhav Suryavanshi red ball practice ahead of Duleep Trophy 2026
Vaibhav Suryavanshi Duleep Trophy: भारतीय क्रिकेट के युवा सितारे वैभव सूर्यवंशी ने अब T20 क्रिकेट से ध्यान हटाकर Red-Ball क्रिकेट पर फोकस करना शुरू कर दिया है। 23 अगस्त से शुरू होने वाली Duleep Trophy 2026 से पहले वैभव राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में अभ्यास कर रहे हैं।
उन्होंने मंगलवार को ट्रेनिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया, जिसमें वह गेंद छोड़ने, डिफेंस खेलने और आक्रामक शॉट्स का अभ्यास करते दिखाई दिए। पोस्ट के साथ उन्होंने सिर्फ “Preparation” लिखा।
रिपोर्टों के मुताबिक, वैभव नागपुर के पास Talegaon स्थित Rajasthan Royals के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में चल रहे ट्रेनिंग कैंप का हिस्सा हैं। यह कैंप Duleep Trophy से पहले खिलाड़ियों की Red-Ball तैयारी के लिए लगाया गया है।

वैभव को Duleep Trophy के लिए East Zone का उपकप्तान बनाया गया है, जबकि विकेटकीपर-बल्लेबाज Ishan Kishan टीम की कप्तानी करेंगे। टूर्नामेंट 23 अगस्त से शुरू होना है।
महज 15 साल की उम्र में वैभव को सीनियर घरेलू क्रिकेट की इस जिम्मेदारी के लिए चुना जाना उनके तेजी से बढ़ते कद को दिखाता है। हालांकि, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती अब T20 की तेज बल्लेबाजी से हटकर Red-Ball क्रिकेट की तकनीक और धैर्य को साबित करना होगी।
हालिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया है कि कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने इतनी कम उम्र में उपकप्तानी मिलने को लेकर चिंता जताई है और माना है कि लंबे फॉर्मेट में ढलना उनके लिए प्राथमिक चुनौती होनी चाहिए।
Zimbabwe दौरे से लौटने के बाद वैभव ने Red-Ball क्रिकेट की ओर अपना ध्यान लगाया है। Rajasthan Royals के ट्रेनिंग कैंप में उनके साथ तेज गेंदबाज Tushar Deshpande, Sandeep Sharma और अन्य खिलाड़ी भी अभ्यास कर रहे हैं। वैभव के लिए यह कैंप खास महत्व रखता है क्योंकि Duleep Trophy उनके खेल के एक बिल्कुल अलग पहलू की परीक्षा लेगी। T20 क्रिकेट में उनकी ताकत तेज रन बनाना और गेंदबाजों पर दबाव डालना रही है। लेकिन चार दिवसीय क्रिकेट में उन्हें नई गेंद का सामना करने, गेंद छोड़ने, लंबे समय तक क्रीज पर टिकने और पारी को अलग-अलग चरणों में बनाने की कला दिखानी होगी। ट्रेनिंग वीडियो में गेंद छोड़ने और डिफेंस पर उनका फोकस इसी बदलाव की ओर इशारा करता है।
Duleep Trophy के लिए East Zone की टीम में कई अनुभवी और युवा खिलाड़ियों का मिश्रण है। East Zone Squad: Ishan Kishan (कप्तान), Vaibhav Suryavanshi (उपकप्तान), Abhimanyu Easwaran, Sudip Kumar Gharami, Mohammed Shami, Mukesh Kumar, Shahbaz Ahmed, Suraj Sindhu Jaiswal, Virat Singh, Kumar Kushagra, Shikhar Mohan, Subhranshu Senapati, Anukul Roy, Abhijit Sarkar और Denish Das। ऐसी टीम में वैभव को अनुभवी खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने का मौका मिलेगा। खास तौर पर Mohammed Shami और Mukesh Kumar जैसे गेंदबाजों के खिलाफ या उनके साथ अभ्यास उनके Red-Ball खेल के लिए उपयोगी अनुभव दे सकता है।
Duleep Trophy से पहले वैभव का आत्मविश्वास उनके शानदार Zimbabwe दौरे से और बढ़ा है। भारत की तीन मैचों की T20I सीरीज में उन्होंने 151 रन बनाए और Player of the Series चुने गए। उनकी तीन पारियों में दो अर्धशतक शामिल रहे, जबकि तीसरे मैच में उन्होंने 81 रन की मैच जिताऊ पारी खेली। भारत ने यह सीरीज 3-0 से जीती थी। 15 साल और 121 दिन की उम्र में Player of the Series बनकर वैभव ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में एक और उम्र संबंधी रिकॉर्ड बनाया। Zimbabwe सीरीज के पहले मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 18 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया था और पुरुषों के T20I में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने का रिकॉर्ड बनाया।
Zimbabwe दौरे तक वैभव भारत के लिए 6 T20I खेल चुके हैं और उनके नाम 193 रन हैं। उनका T20I स्ट्राइक रेट 189 के आसपास रहा है। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर अभी शुरुआती दौर में है। England दौरा उनके लिए मुश्किल रहा था, लेकिन Zimbabwe में उन्होंने शानदार वापसी करते हुए अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। यही वजह है कि Duleep Trophy में उनका प्रदर्शन अब खास नजरों में रहेगा।

वैभव ने England के खिलाफ Manchester में दूसरे T20I के दौरान 15 साल 99 दिन की उम्र में भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय डेब्यू किया।
इसके साथ ही वह भारत के लिए सीनियर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गए। उन्होंने Sachin Tendulkar का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा, जिन्होंने 16 साल 205 दिन की उम्र में भारत के लिए डेब्यू किया था। वैभव ने महिला क्रिकेट में Shafali Verma के 15 साल 239 दिन के रिकॉर्ड को भी पीछे किया।
यह रिकॉर्ड उनके छोटे से अंतरराष्ट्रीय करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पहले ही वैभव ने IPL 2026 में अपनी बल्लेबाजी से बड़ा प्रभाव छोड़ा था।
Rajasthan Royals के लिए खेलते हुए उन्होंने 16 मैचों में 776 रन बनाए और 237.30 के स्ट्राइक रेट से बल्लेबाजी की। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने Orange Cap जीती।
इसके अलावा उन्होंने Most Valuable Player, Emerging Player, Super Striker और Super Sixes के अवॉर्ड भी अपने नाम किए। Rajasthan Royals ने भी उनके इस शानदार सीजन की पुष्टि की है।
उनका 2026 IPL अभियान इसलिए भी खास रहा क्योंकि वह महज 15 साल की उम्र में टूर्नामेंट के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने।
IPL और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से पहले वैभव ने 2026 U19 World Cup में भारत के लिए शानदार प्रदर्शन किया था।
उन्होंने टूर्नामेंट में 439 रन बनाए और Player of the Tournament चुने गए। England के खिलाफ फाइनल में उन्होंने सिर्फ 80 गेंदों पर 175 रन की विस्फोटक पारी खेली।
ICC के मुताबिक, इस पारी ने भारत को U19 World Cup खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई और वैभव को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया।
फाइनल की यह पारी U19 World Cup के इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में शामिल रही। उनके प्रदर्शन ने यह साफ कर दिया था कि युवा बल्लेबाज बड़े मंच पर भी दबाव में आक्रामक क्रिकेट खेलने की क्षमता रखता है।
वैभव के करियर में अब तक T20 क्रिकेट की आक्रामक बल्लेबाजी सबसे ज्यादा चर्चा में रही है। IPL में 776 रन और Zimbabwe में Player of the Series बनने के बाद उनकी अगली चुनौती पूरी तरह अलग है।
Duleep Trophy में उन्हें यह दिखाना होगा कि वह सिर्फ तेज रन बनाने वाले बल्लेबाज नहीं हैं, बल्कि लंबे फॉर्मेट में भी पारी को नियंत्रित कर सकते हैं।
गेंद को छोड़ना, डिफेंस मजबूत करना और सही गेंद का इंतजार करना Red-Ball क्रिकेट की बुनियादी जरूरतें हैं। उनके हालिया ट्रेनिंग वीडियो में यही चीजें नजर आईं।
15 साल की उम्र में इतनी तेजी से आगे बढ़ रहे वैभव के लिए Duleep Trophy इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां उनका सामना घरेलू क्रिकेट के अनुभवी खिलाड़ियों से होगा। यह टूर्नामेंट उनके खेल को अगले स्तर तक ले जाने का एक अहम मौका साबित हो सकता है।