हरभजन सिंह ने गौतम गंभीर को सलाह दी है कि 2027 वनडे विश्व कप से 4-5 महीने पहले टीम इंडिया के 15 खिलाड़ियों का चयन स्पष्ट हो जाना चाहिए।

वनडे विश्व कप 2027 में अभी करीब एक साल का समय बाकी है, लेकिन टूर्नामेंट की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। टीम इंडिया भी अपने विकल्पों को परखने और सही संयोजन तलाशने की प्रक्रिया में है। इसी बीच भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने मुख्य कोच गौतम गंभीर को अहम सलाह दी है।
हरभजन का मानना है कि टीम मैनेजमेंट को फिलहाल प्रयोग करने की पूरी आजादी रखनी चाहिए, लेकिन विश्व कप शुरू होने से करीब चार-पांच महीने पहले तक टीम की तस्वीर साफ हो जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उस समय तक यह स्पष्ट होना चाहिए कि विश्व कप के लिए भारत के 15 खिलाड़ी कौन होंगे और टीम किस तरह के क्रिकेट के साथ टूर्नामेंट में उतरना चाहती है।
पीटीआई के साथ बातचीत में हरभजन सिंह ने कहा कि भारतीय टीम के पास इस समय कई विकल्प मौजूद हैं। ऐसे में सही खिलाड़ियों का चुनाव आसान नहीं होगा। उनके मुताबिक गंभीर और उनकी कोचिंग टीम को विश्व कप के संभावित वेन्यू और वहां की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर टीम तैयार करनी होगी।
हरभजन ने कहा कि टीम के पास करीब एक साल का समय है और यह प्रयोग करने के लिए पर्याप्त है। लेकिन विश्व कप से चार-पांच महीने पहले तक टीम तय हो जानी चाहिए, ताकि खिलाड़ियों को अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों की स्पष्ट जानकारी रहे।
उनके मुताबिक अभी किए गए प्रयोगों का उद्देश्य ऐसे खिलाड़ियों की पहचान करना होना चाहिए, जो बड़े टूर्नामेंट में अपनी जिम्मेदारी प्रभावी तरीके से निभा सकें।
हरभजन ने भारतीय टीम में मौजूद विकल्पों को लेकर इसे एक तरह का 'अच्छा सिरदर्द' बताया। उन्होंने कहा कि टीम के पास कई अनुभवी और युवा खिलाड़ी हैं, जिससे चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने विकल्पों की कमी नहीं है।
उन्होंने विराट कोहली, रोहित शर्मा, श्रेयस अय्यर, ईशान किशन, शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे नामों का उल्लेख किया। इसके अलावा युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी भी विकल्पों में शामिल हैं।
हरभजन के मुताबिक जब टीम में इतने विकल्प हों तो सही संयोजन चुनना मुश्किल जरूर होता है, लेकिन यह टीम के लिए सकारात्मक स्थिति भी है।
पूर्व भारतीय स्पिनर ने जोर दिया कि विश्व कप के करीब आते-आते खिलाड़ियों को यह पता होना चाहिए कि टीम में उनकी भूमिका क्या है।
उनका मानना है कि केवल 15 खिलाड़ियों के नाम तय करना ही पर्याप्त नहीं है। टीम मैनेजमेंट को यह भी स्पष्ट करना होगा कि टीम किस तरह का क्रिकेट खेलना चाहती है और अलग-अलग परिस्थितियों में उसका संयोजन क्या होगा।
हरभजन के अनुसार नतीजे हमेशा किसी टीम के नियंत्रण में नहीं होते, लेकिन तैयारी और भूमिका की स्पष्टता टीम के हाथ में होती है। इसलिए विश्व कप से काफी पहले टीम का ढांचा तय करना फायदेमंद होगा।
भारत ने आखिरी बार 2011 में वनडे विश्व कप जीता था। महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में श्रीलंका को हराकर खिताब अपने नाम किया था।
इसके बाद भारत 2015 और 2019 विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंचा, जबकि 2023 में टीम ने फाइनल में जगह बनाई। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में ऑस्ट्रेलिया ने भारत को हराकर खिताब जीता था।
अब 2027 में भारतीय टीम की नजरें एक बार फिर विश्व कप ट्रॉफी पर होंगी।
2027 वनडे विश्व कप की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया संयुक्त रूप से करेंगे।
ऐसे में टीम इंडिया के लिए अलग-अलग परिस्थितियों के मुताबिक खिलाड़ियों और टीम संयोजन को तैयार करना महत्वपूर्ण होगा। यही वजह है कि हरभजन ने संभावित वेन्यू और कंडीशन को ध्यान में रखकर तैयारी करने पर जोर दिया है।
विश्व कप में अभी समय है, इसलिए टीम मैनेजमेंट के पास अलग-अलग खिलाड़ियों को आजमाने और उनकी भूमिका तय करने का पर्याप्त अवसर है। लेकिन जैसे-जैसे टूर्नामेंट करीब आएगा, प्रयोगों से ज्यादा स्थिरता और स्पष्ट संयोजन महत्वपूर्ण हो जाएगा।
हरभजन ने जिन खिलाड़ियों का नाम लिया, उनमें विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी शामिल हैं। हालांकि 2027 विश्व कप तक दोनों की उपलब्धता और टीम में भूमिका भविष्य की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
इस समय यह कहना संभव नहीं है कि 2027 विश्व कप के लिए भारत की अंतिम 15 सदस्यीय टीम में कौन-कौन शामिल होगा। चयन से पहले खिलाड़ियों का प्रदर्शन, फिटनेस, टीम की जरूरत और उस समय की परिस्थितियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
इसलिए हरभजन की सलाह का मुख्य फोकस किसी खास खिलाड़ी को चुनने के बजाय समय रहते टीम का कोर और खिलाड़ियों की भूमिकाएं तय करने पर है।