पाकिस्तान क्रिकेट में चल रहे बड़े बदलावों के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पुरुष राष्ट्रीय टीमों के लिए नए फील्डिंग कोच की तलाश शुरू कर दी है। बोर्ड ने इस पद के लिए सार्वजनिक रूप से आवेदन आमंत्रित किए हैं और आवेदन की अंतिम तारीख 9 सितंबर 2026 रखी गई है।

पाकिस्तान क्रिकेट में चल रहे बड़े बदलावों के बीच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने पुरुष राष्ट्रीय टीमों के लिए नए फील्डिंग कोच की तलाश शुरू कर दी है। बोर्ड ने इस पद के लिए सार्वजनिक रूप से आवेदन आमंत्रित किए हैं और आवेदन की अंतिम तारीख 9 सितंबर 2026 रखी गई है।
PCB की ओर से यह भर्ती ऐसे समय में सामने आई है जब पाकिस्तान की टेस्ट टीम इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज में मुश्किल दौर से गुजर रही है। बोर्ड ने हाल ही में टीम और कोचिंग स्टाफ में कई बड़े बदलाव भी किए हैं।
PCB के जॉब विज्ञापन के अनुसार, नए फील्डिंग कोच के पद के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 9 सितंबर 2026 है।
बोर्ड ऐसे उम्मीदवार की तलाश में है जो पाकिस्तान की रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल दोनों टीमों के फील्डिंग प्रदर्शन को बेहतर बनाने में योगदान दे सके।
यह पद केवल कैचिंग और थ्रोइंग तक सीमित नहीं होगा। कोच से खिलाड़ियों की मूवमेंट, फिटनेस, फील्डिंग तकनीक और मैदान पर समग्र प्रदर्शन को विकसित करने की जिम्मेदारी भी निभाने की उम्मीद है।
बोर्ड ने उम्मीदवारों के लिए कुछ प्रमुख योग्यताएं निर्धारित की हैं। आवेदक के पास कम से कम Level Two क्रिकेट कोचिंग प्रमाणपत्र होना चाहिए।
इसके अलावा, उम्मीदवार के पास कम से कम पांच साल का प्रासंगिक कोचिंग अनुभव होना जरूरी है। PCB ने ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता देने की बात कही है जिन्हें एलीट, राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय टीमों के साथ काम करने का अनुभव हो।
उम्मीदवार को आधुनिक फील्डिंग तकनीकों, मैच एनालिसिस और खिलाड़ी विकास की अच्छी समझ भी होनी चाहिए।
नियुक्त होने वाले कोच का मुख्य लक्ष्य पाकिस्तान की फील्डिंग को एक मजबूत टीम यूनिट के रूप में विकसित करना होगा।
उन्हें खिलाड़ियों के कैचिंग और थ्रोइंग कौशल पर काम करने के साथ-साथ मैदान पर मूवमेंट और फिटनेस में सुधार करना होगा। रेड-बॉल और व्हाइट-बॉल क्रिकेट की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार करना भी भूमिका का अहम हिस्सा होगा।
आधुनिक क्रिकेट में एक कैच, रन-आउट या अतिरिक्त रन रोकना मैच का रुख बदल सकता है। ऐसे में पाकिस्तान टीम के लिए इस क्षेत्र को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
PCB की यह भर्ती पूर्व ऑल-फॉर्मेट फील्डिंग कोच Shane McDermott के जाने के बाद हो रही है। McDermott ने जुलाई 2025 में यह जिम्मेदारी संभाली थी और करीब एक साल बाद 11 जुलाई 2026 को उनका कार्यकाल समाप्त हुआ।
उनके जाने के बाद यह पद खाली था। अब PCB ने औपचारिक भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है।
फील्डिंग कोच की भर्ती पाकिस्तान क्रिकेट में हो रहे व्यापक बदलावों के बीच सामने आई है। इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में पाकिस्तान 0-2 से पीछे है।
इसके बाद PCB ने 31 अगस्त 2026 को टेस्ट टीम में बड़ा बदलाव किया और सात खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया। इनमें मोहम्मद रिजवान, इमाम-उल-हक और सलमान अली आगा जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
बोर्ड ने रेड-बॉल टीम के मुख्य कोच सरफराज अहमद और गेंदबाजी कोच उमर गुल को भी उनके पदों से हटा दिया।

इंग्लैंड दौरे के बाकी हिस्से के लिए व्हाइट-बॉल टीम के मुख्य कोच Mike Hesson और गेंदबाजी कोच Ashley Noffke को टेस्ट टीम के बैकरूम स्टाफ की जिम्मेदारी दी गई है।
इंग्लैंड के खिलाफ तीसरा टेस्ट 9 सितंबर 2026 से एजबेस्टन में खेला जाना है। ऐसे में PCB के सामने एक तरफ तत्काल टेस्ट प्रदर्शन सुधारने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर टीम के लंबे समय के ढांचे को दोबारा तैयार करने की जरूरत भी है।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मुकाबले अक्सर बेहद छोटे अंतर से तय होते हैं। एक आसान कैच छोड़ना या रन रोकने में नाकाम रहना मैच के नतीजे पर असर डाल सकता है।
पाकिस्तान की फील्डिंग लंबे समय से क्रिकेट विश्लेषकों और प्रशंसकों की चर्चा का विषय रही है। ऐसे में PCB का विशेषज्ञ फील्डिंग कोच नियुक्त करने पर जोर टीम के प्रदर्शन के इस हिस्से को व्यवस्थित तरीके से सुधारने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है।
नए कोच के सामने सबसे बड़ी चुनौती व्यक्तिगत फील्डिंग प्रतिभा को एक भरोसेमंद और लगातार प्रदर्शन करने वाली टीम यूनिट में बदलना होगी।
पाकिस्तान क्रिकेट में हालिया बदलाव केवल एक कोचिंग पद तक सीमित नहीं हैं। खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और टीम संरचना में बदलाव के बीच बोर्ड को ऐसा सिस्टम तैयार करना होगा जो अलग-अलग फॉर्मेट में लगातार प्रदर्शन दे सके।
फील्डिंग कोच की नियुक्ति इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। अब नजर इस बात पर होगी कि PCB किस उम्मीदवार को जिम्मेदारी सौंपता है और नया कोच टीम के फील्डिंग स्तर में कितना सुधार ला पाता है।