भोपाल में किसानों का विरोध-प्रदर्शन: भोपाल में हज़ारों किसान मूंग की 100% MSP पर खरीद और खाद के वितरण की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा के नेतृत्व में हजारों किसान मूंग की 100% सरकारी खरीद, MSP की कानूनी गारंटी और खाद वितरण में सुधार जैसी मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी किसान होशंगाबाद रोड स्थित सावरकर सेतु पर डेरा जमाए हुए हैं और मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की तैयारी कर रहे हैं।
किसानों के इस आंदोलन का असर अब राजधानी की यातायात व्यवस्था और स्कूलों पर भी साफ दिखाई दे रहा है। प्रभावित इलाकों के कई स्कूलों में एहतियात के तौर पर छुट्टी घोषित की गई है, जबकि कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया है।
किसानों का कहना है कि सरकार केवल सीमित मात्रा में मूंग की खरीद कर रही है, जबकि उनकी मांग है कि पूरी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाए। किसानों का आरोप है कि खरीद की सीमा तय होने के कारण उन्हें अपनी उपज बाजार में कम कीमत पर बेचनी पड़ती है, जिससे आर्थिक नुकसान होता है।
इसके अलावा खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था को भी किसान अव्यवहारिक बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस सिस्टम के कारण समय पर खाद नहीं मिल पाती और खेती प्रभावित होती है।
आंदोलन कर रहे किसानों ने सरकार के सामने पांच प्रमुख मांगें रखी हैं।
बुधवार सुबह से आंदोलन स्थल पर किसानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। किसान संगठनों का दावा है कि दोपहर तक 5,000 से अधिक किसान प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं। नर्मदापुरम, रायसेन, हरदा और सीहोर सहित कई जिलों से किसान भोपाल पहुंच रहे हैं।
प्रदर्शन स्थल पर किसान नारेबाजी कर रहे हैं और "जय किसान, जय जवान" के नारे लगाए जा रहे हैं। कई किसान सात दिन का राशन, बिस्तर और जरूरी सामान लेकर पहुंचे हैं ताकि जरूरत पड़ने पर लंबे समय तक आंदोलन जारी रखा जा सके।
किसान नेताओं का कहना है कि यदि प्रशासन रास्ता रोकता है तो वे अलग-अलग मार्गों से मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचने की कोशिश करेंगे। प्रदर्शनकारी नेताओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
इस आंदोलन की खास बात यह है कि अब Gen-Z युवा भी किसानों के समर्थन में आगे आ रहे हैं। कई युवा प्रदर्शन स्थल पर पहुंचकर पोस्टर बना रहे हैं और किसानों के साथ प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे हैं। इससे आंदोलन को सामाजिक समर्थन भी मिलता दिखाई दे रहा है।
आंदोलन के कारण होशंगाबाद रोड और आसपास के कई मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग कर रखी है और वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग तय किए गए हैं।
सुरक्षा और बच्चों की सुविधा को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों के कई निजी और सरकारी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है।
राज्य सरकार ने इस मामले में केंद्र सरकार से भी हस्तक्षेप की मांग की है। बताया जा रहा है कि प्रदेश सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर मूंग खरीद का लक्ष्य बढ़ाने का अनुरोध किया है ताकि अधिक से अधिक किसानों को MSP का लाभ मिल सके।
भोपाल में चल रहा किसान आंदोलन केवल मूंग खरीद का मुद्दा नहीं, बल्कि किसानों की आय, MSP और कृषि व्यवस्था से जुड़ी बड़ी चिंताओं को भी सामने ला रहा है। आने वाले दिनों में सरकार और किसान संगठनों के बीच बातचीत के बाद ही यह साफ होगा कि आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ेगा। फिलहाल राजधानी भोपाल में किसान अपनी मांगों को लेकर डटे हुए हैं और पूरे प्रदेश की नजर इस आंदोलन पर बनी हुई है।