केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को नई दिल्ली में कहा कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित है। उन्होंने यह बयान CII के सालाना बिज़नेस समिट 2026 के दौरान दिया। उनके अनुसार, भारत के पास पर्याप्त भंडार है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि देश को किसी ऊर्जा संकट या “लॉकडाउन जैसी स्थिति” का सामना नहीं करना पड़ेगा।
हरदीप पुरी: 60 दिनों का स्टॉक — क्या है सच्चाई?
हरदीप पुरी ने स्पष्ट किया कि भारत के पास इस समय ये भंडार मौजूद हैं:
- लगभग 60 दिनों के लिए कच्चा तेल (Crude Oil) का स्टॉक
- लगभग 60 दिनों के लिए LNG (प्राकृतिक गैस) का स्टॉक
- और 45 दिनों के लिए LPG (खाना पकाने वाली गैस) का स्टॉक
ये आंकड़े मौजूदा वैश्विक संकट और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच राहत देने वाले हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि आपूर्ति लाइनों में कोई रुकावट नहीं है और देश के भीतर ईंधन की उपलब्धता स्थिर बनी हुई है।
सरकार ने यह जानकारी क्यों दी?
हाल ही में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से ईंधन और संसाधनों को बचाने की अपील की थी। कई जगहों पर, इस बयान से ऐसी अफवाहें फैल गईं कि पेट्रोल, डीजल या LPG की कमी हो सकती है।
इन अफवाहों को खारिज करते हुए, पुरी ने कहा कि ऐसी अटकलें बेबुनियाद हैं और इनसे “पैनिक बाइंग” (घबराहट में खरीदारी) जैसी स्थितियाँ पैदा हो सकती हैं, जबकि देश के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है।
OMCs पर बढ़ता वित्तीय दबाव
पुरी ने यह भी बताया कि आम जनता को राहत देने के लिए पिछले चार वर्षों से पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके परिणामस्वरूप, तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को रोज़ाना लगभग ₹1,000 करोड़ का नुकसान हो रहा है। इस मौके पर, उन्होंने संकेत दिया कि यह स्थिति लंबे समय तक कायम नहीं रह सकती है और भविष्य में कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है।
LPG उत्पादन में ज़बरदस्त बढ़ोतरी
पुरी ने बताया कि, संघर्ष शुरू होने से पहले, भारत के LPG आयात का लगभग 60% हिस्सा होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते आता था।
इसके परिणामस्वरूप, घरेलू उत्पादन को बढ़ाना पड़ा, और अब यह बढ़कर लगभग 54,000 से 56,000 मीट्रिक टन प्रतिदिन के स्तर पर पहुँच गया है। इस कदम का उद्देश्य निरंतर और बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
सरकार का संदेश
उनका मुख्य संदेश यह रहा है कि भारत ने वैश्विक ऊर्जा संकट का प्रभावी ढंग से सामना किया है और निकट भविष्य में उसे आपूर्ति से जुड़ी किसी गंभीर समस्या का सामना करने की संभावना नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने जनता से आग्रह किया कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और ईंधन की खपत में संयम बरतें।
हरदीप पुरी का बयान निम्नलिखित बिंदुओं को स्पष्ट करता है:
- भारत में ईंधन की उपलब्धता सुरक्षित बनी हुई है।
- देश के पास पर्याप्त मौजूदा भंडार उपलब्ध है।
- कीमतों में स्थिरता बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है।
- तेल विपणन कंपनियों (OMCs) पर दबाव बढ़ रहा है, जिसके चलते कीमतों की समीक्षा की जा सकती है।
इन सबके बीच, सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा मज़बूत बनी रहे।













