उत्तर प्रदेश के औरैया से एक ऐसा औरैया ठगी मामला सामने आया है, जिसने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को कब तक ठगा जाता रहेगा। इस बार निशाना बनी हैं गांव की महिलाएं, जिन्हें आत्मनिर्भर बनाने का सपना दिखाकर उनके ही नाम पर लोन लेकर लाखों रुपये हड़प लिए गए।
साइबर थाना पुलिस ने इस पूरे खेल का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह काफी समय से सक्रिय था और बेहद सुनियोजित तरीके से महिलाओं को जाल में फंसा रहा था।
औरैया ठगी मामला: कैसे हुआ खुलासा?
मामले की शुरुआत तब हुई जब अजीतमल क्षेत्र की रहने वाली वंदना ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने उन्हें पीएम महिला रोजगार योजना के तहत सिलाई सेंटर खोलने और नौकरी दिलाने का भरोसा दिया। इसके बदले उनसे पैसे लिए गए और आधार कार्ड समेत जरूरी दस्तावेज भी जमा कराए गए, लेकिन न तो उन्हें कोई नौकरी मिली और न ही सिलाई सेंटर खोला गया।
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इसके बाद मामला साइबर थाने पहुंचा और जांच शुरू हुई। पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई और दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

ऐसे चल रहा था पूरा फ्रॉड गेम
जांच में जो सामने आया, वह चौंकाने वाला है। आरोपी बेहद चालाकी से महिलाओं को टारगेट करते थे। वे गांव-गांव जाकर स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के मोबाइल नंबर जुटाते थे और फिर फोन कर उन्हें सरकारी योजना का लालच देते थे। इसके बाद गांव में मीटिंग आयोजित कर उनका भरोसा जीतते थे, जहां हर महिला से 250 रुपये लिए जाते थे और आधार कार्ड समेत अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करा लिए जाते थे। इसके बाद असली खेल शुरू होता था। उन्हीं दस्तावेजों के जरिए महिलाओं के नाम पर लोन लिया जाता था।
लोन से खरीदी गई चीजों में ई-स्कूटी, इन्वर्टर, बैटरी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान शामिल थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इन सामानों की EMI महिलाओं के खातों से लगातार कटती रही, जबकि इनका इस्तेमाल आरोपी खुद करते थे।
पुलिस ने क्या-क्या बरामद किया?
पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में सामान और दस्तावेज बरामद किए हैं:
- 1 ई-स्कूटी
- 2 इन्वर्टर और बैटरी
- 3 मोबाइल फोन
- 107 आधार कार्ड की कॉपी
- 11 स्टांप पेपर
- 12 फर्जी योजना कार्ड
- 4 एडिटेड आधार कार्ड
अब तक करीब 10 से 12 लाख रुपये की ठगी सामने आ चुकी है।

कौन हैं आरोपी?
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ वर्मा उर्फ टिंकू (मैनपुरी) और सुनीता (औरैया) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार यह गिरोह बड़ा हो सकता है और इसमें अन्य लोगों की संलिप्तता की भी आशंका है, जिसकी जांच अभी जारी है।
पुलिस क्या कर रही है आगे?
एसपी अभिषेक भारती के अनुसार ठगी की रकम जिन खातों में गई है उन्हें फ्रीज किया जा रहा है। कोर्ट के आदेश के बाद पीड़ितों को उनका पैसा वापस दिलाया जाएगा और साथ ही गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश भी लगातार जारी है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
यह पहली बार नहीं है जब औरैया में इस तरह की ठगी सामने आई हो। इससे पहले भी नौकरी के नाम पर सैकड़ों महिलाओं से लाखों रुपये ठगे जाने की खबर आई थी। कई महिलाओं ने 60 हजार से लेकर 1 लाख रुपये तक गंवाए थे। इससे साफ है कि ऐसे गिरोह लगातार नए तरीके ढूंढकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
सावधान रहें: ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?
अगर आपको भी किसी योजना के नाम पर ऑफर मिलता है, तो थोड़ा रुककर सोचिए:
- कोई भी सरकारी योजना के लिए सीधे पैसे नहीं लेती
- दस्तावेज किसी अनजान व्यक्ति को न दें
- ऑफिशियल वेबसाइट या सरकारी दफ्तर से जानकारी जरूर लें
- संदिग्ध कॉल या ऑफर की तुरंत पुलिस में शिकायत करें
यह औरैया ठगी मामला सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है, सपनों के नाम पर धोखा देने वाले हर जगह मौजूद हैं। जरूरत है तो बस थोड़ा सतर्क रहने की।
FAQs
Q1. क्या सच में पीएम महिला रोजगार योजना के तहत पैसे देने पड़ते हैं?
नहीं, ऐसी कोई भी सरकारी योजना सीधे पैसे लेकर नहीं चलती। अगर कोई पैसे मांग रहा है, तो समझिए कुछ गड़बड़ है।
Q2. अगर मेरे दस्तावेज किसी ने ले लिए हैं तो क्या करूं?
तुरंत नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज करें। बैंक को भी सूचित करें ताकि किसी लोन या ट्रांजैक्शन को रोका जा सके।
Q3. क्या ठगे गए पैसे वापस मिल सकते हैं?
अगर समय पर शिकायत हो जाए और खाते फ्रीज हो जाएं, तो कोर्ट के जरिए पैसा वापस मिल सकता है।
Q4. ऐसे कॉल्स से कैसे बचें?
अनजान नंबर से आए ऑफर पर भरोसा न करें। पहले खुद जांच करें, फिर ही कोई कदम उठाएं।
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