सोना-चांदी की कीमतों में आज यानी 28 मई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली है। वजह साफ है एक तरफ अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना और दूसरी तरफ ईरान को लेकर अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से बढ़ा हुआ वैश्विक तनाव। इन दोनों वजहों ने मिलकर पूरी कमोडिटी मार्केट को हिला दिया है। वैश्विक बाजार में निवेशक फिलहाल इसी बात को लेकर परेशान हैं कि क्या महंगाई लंबे समय तक ऊंची बनी रहेगी और क्या आने वाले समय में ब्याज दरें और बढ़ सकती हैं। इसी डर का सीधा असर सोने और चांदी की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी पर कितना दबाव?

ताजा अपडेट के मुताबिक, स्पॉट गोल्ड करीब 0.8% गिरकर 4,419.60 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं जून डिलीवरी वाला अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर भी 0.7% टूटकर 4,417.10 डॉलर पर आ गया। चांदी की बात करें तो वहां भी गिरावट ज्यादा तेज रही। स्पॉट सिल्वर करीब 1.7% टूटकर 73.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। विशेषज्ञों का कहना है कि जब डॉलर मजबूत होता है तो गोल्ड-सिल्वर जैसे मेटल्स पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है, क्योंकि ये डॉलर में ही ट्रेड होते हैं।

ईरान-US तनाव का बाजार पर क्या असर पड़ा?

अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव फिलहाल मार्केट के सेंटीमेंट को सबसे ज्यादा प्रभावित कर रहा है। निवेशक इसी इंतजार में हैं कि क्या हालात सुधरते हैं या तनाव और बढ़ेगा। हाल ही में सामने आए घटनाक्रमों ने भी चिंता बढ़ाई है कुवैत ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के खतरे को देखते हुए एयर डिफेंस सिस्टम एक्टिव कर दिया है। दूसरी तरफ ऊर्जा महंगाई को लेकर फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने भी चेतावनी दी है कि तेल और ऊर्जा की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं, जिससे पूरी दुनिया में महंगाई दबाव बना रह सकता है।

भारत के बड़े शहरों में आज के गोल्ड रेट(28 मई)

भारत में कमोडिटी मार्केट ईद-उल-अजहा (बकरीद) की वजह से बंद रहा, लेकिन शहरों के लेटेस्ट रेट्स इस तरह रहे

शहर24 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)22 कैरेट सोने का भाव (प्रति 10 ग्राम)
मुंबई₹1,56,150₹1,43,138
दिल्ली₹1,55,880₹1,42,890
बेंगलुरु₹1,56,270₹1,43,248
कोलकाता₹1,55,940₹1,42,945
हैदराबाद₹1,56,400₹1,43,367
चेन्नई₹1,56,610₹1,43,559

चांदी की बात करें तो ज्यादातर बड़े शहरों में यह करीब ₹2,65,000 से ₹2,68,000 प्रति किलो के आसपास रही।

बाजार का मूड: गिरावट के बावजूद लंबी रेस का खेल जारी

भले ही अभी सोने-चांदी पर दबाव दिख रहा है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह ट्रेंड पूरी तरह से कमजोर नहीं हुआ है। टेक्निकल चार्ट्स के हिसाब से सोना अभी भी एक बड़े अपट्रेंड में बना हुआ है और 30-week मूविंग एवरेज के पास इसे सपोर्ट मिलने की उम्मीद है। ट्रेडिंग लेवल्स के हिसाब से सोने में लगभग ₹1,51,000 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। अगर यह टूटता है तो बाजार का पूरा ट्रेंड बदल सकता है, लेकिन जब तक यह कायम है, लॉन्ग टर्म बुलिश सेंटीमेंट बना रह सकता है। चांदी में भी यही स्थिति है शॉर्ट टर्म में उतार-चढ़ाव जरूर है, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड अभी भी ऊपर की तरफ ही माना जा रहा है।

तेल, डॉलर और जियोपॉलिटिक्स तय करेंगे आगे की दिशा

आने वाले दिनों में सोना और चांदी की दिशा पूरी तरह तीन चीजों पर निर्भर करेगी अमेरिकी डॉलर की चाल, ईरान-यूएस तनाव का अपडेट और कच्चे तेल की कीमतें। अगर तनाव और बढ़ता है तो सोना एक बार फिर सुरक्षित निवेश (safe haven) के रूप में चमक सकता है। लेकिन अगर हालात शांत होते हैं और डॉलर मजबूत बना रहता है, तो कीमतों पर और दबाव भी देखने को मिल सकता है।