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“प्रेशा हमेशा एक से ही एक उज्वल छात्र रहीं हैं। अपनी शिक्षा के अलावा, वह लगभग हर चीज में अपना मन लगाती है।” प्रेशा की मां संगीता खेमानी ने कहा।
प्रेशा के पिता मीडिया का बताया, कि “प्रेशा लॉकडाउन से से ही लगभग 150 देशों के झंडों और उनकी राजधानियों के बारे में पढ़ाई कर रही थी वह हर हफ्ते इन सभी देशो की जानकारी को इकठ्ठा कर रही थी।”
प्रेशा के पिता बताते हैं कि उन्हें देश और दुनिया के बारे में जानना बहुत पसंद है, वह हमेशा ही अलग अलग देशो के बारे में जानने की इच्छुक रहती है। प्रेशा की यह लगन ही उन्हें वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के काबिल बना पाई।
प्रेशा खेमानी अपने माता-पिता के साथ पुणे में रहती हैं। उनके माता-पिता, जो मूल रूप से मध्य प्रदेश के निवासी थे, ने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को अपने स्कूल की मदद से विश्व रिकॉर्ड खिताब के लिए प्रवेश कराया।
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