पूर्व भारतीय अंपायर अनिल चौधरी ने विराट कोहली के आक्रामक स्वभाव की तारीफ करते हुए IPL 2013 में गौतम गंभीर के साथ हुई उनकी चर्चित बहस को याद किया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में जोश और आक्रामकता जरूरी है, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए।

पूर्व भारतीय अंपायर अनिल चौधरी ने विराट कोहली के आक्रामक स्वभाव की तारीफ करते हुए IPL 2013 में गौतम गंभीर के साथ हुई उनकी चर्चित बहस को याद किया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में जोश और आक्रामकता जरूरी है, लेकिन इसकी एक सीमा होनी चाहिए।
जियोहॉटस्टार से बातचीत में अनिल चौधरी ने बताया कि वह विराट कोहली के जूनियर क्रिकेट के दिनों से उनके मैचों में अंपायरिंग करते रहे हैं। ऐसे में वह उनके स्वभाव को अच्छी तरह जानते हैं।
उन्होंने कहा, "मैं विराट को बचपन से जानता हूं। मैंने उनके कई मैचों में अंपायरिंग की है। उनके मन में किसी के लिए कोई गलत भावना नहीं होती। वह कभी-कभी आक्रामक तरीके से प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन अगर आप सही हैं तो वह आपकी बात भी मानते हैं। ओवरों के बीच वह आकर बात करते हैं और माहौल सामान्य रखते हैं। ऐसे खिलाड़ी खेल में होने चाहिए, वरना मैच का रोमांच कम हो जाएगा।"
अनिल चौधरी ने साल 2013 के IPL मुकाबले को भी याद किया, जब रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) और कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के बीच एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मैच के दौरान विराट कोहली और गौतम गंभीर के बीच तीखी बहस हुई थी।
उस मुकाबले में विराट कोहली 35 रन बनाकर लक्ष्मीपति बालाजी की गेंद पर आउट हुए थे। आउट होने के बाद मैदान छोड़ने से पहले उनकी कुछ बातचीत हुई, जिसके बाद तत्कालीन KKR कप्तान गौतम गंभीर भी वहां पहुंच गए। देखते ही देखते दोनों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। बाद में KKR के खिलाड़ी रजत भाटिया ने बीच-बचाव कर दोनों को अलग किया।
इस घटना को याद करते हुए अनिल चौधरी ने कहा, "मुझे पहले से अंदाजा था कि ऐसा हो सकता है, क्योंकि उत्तर भारत के खिलाड़ी हमेशा आक्रामक अंदाज में खेलते हैं। मैंने भी स्थानीय क्रिकेट खेली है और वहां का माहौल ऐसा ही होता है। अगर खिलाड़ी उसी जुनून के साथ नहीं खेलेंगे तो उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन भी नहीं निकल पाएगा। हालांकि, आक्रामकता की एक सीमा होनी चाहिए और उसे पार नहीं करना चाहिए।"
अनिल चौधरी के इस बयान के बाद एक बार फिर विराट कोहली और गौतम गंभीर की IPL 2013 की मशहूर भिड़ंत चर्चा में आ गई है।