Sneh Rana ने Women’s Cricket में Pay Parity, नियमित सीरीज और WPL जैसे बदलावों के लिए Jay Shah और BCCI को श्रेय दिया। जानिए उन्होंने 2017 World Cup को क्यों अहम बताया।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की अनुभवी ऑलराउंडर Sneh Rana ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में महिलाओं की स्थिति मजबूत होने के पीछे हुए बदलावों पर खुलकर बात की है। उन्होंने ICC President Jay Shah और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को महिला क्रिकेट के विकास के लिए किए गए कई महत्वपूर्ण कदमों का श्रेय दिया।
दिल्ली में आयोजित We Women Want Conclave & Shakti Awards 2026 में बोलते हुए Sneh Rana ने कहा कि महिला क्रिकेट में बदलाव किसी एक दिन में नहीं आया। उनके मुताबिक, पूर्व महिला क्रिकेटरों ने वर्षों तक इसकी नींव तैयार की और 2017 Women’s World Cup के बाद इस बदलाव को एक नई दिशा मिली।
राणा ने खास तौर पर Pay Parity, महिलाओं के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय सीरीज और Women’s Premier League (WPL) की शुरुआत को महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया।

जब Sneh Rana से पूछा गया कि उन्हें कब महसूस हुआ कि महिला क्रिकेटरों को वह पहचान मिलनी शुरू हुई जिसके लिए उन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया था, तो उन्होंने इसे किसी एक खास पल से जोड़ने से इनकार किया।
उन्होंने कहा कि महिला क्रिकेट की वरिष्ठ खिलाड़ियों ने वर्षों तक इसकी नींव तैयार की। हालांकि, उनके मुताबिक 2017 Women’s World Cup में भारत के फाइनल तक पहुंचने के बाद बदलाव अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा।
इसी संदर्भ में उन्होंने Jay Shah का नाम लिया और महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने में उनके योगदान की सराहना की।
राणा ने Pay Parity, लगातार होने वाली महिला क्रिकेट सीरीज और WPL की शुरुआत को उन बदलावों में शामिल किया, जिनसे महिला क्रिकेटरों को आगे बढ़ने के ज्यादा अवसर मिले हैं।
महिला क्रिकेट में Pay Parity की दिशा में उठाए गए कदमों ने खिलाड़ियों के पेशेवर दर्जे को मजबूत किया है। समानता की दिशा में यह बदलाव सिर्फ आर्थिक पहलू तक सीमित नहीं है, बल्कि महिला क्रिकेटरों को मिलने वाली मान्यता को भी दर्शाता है।
Sneh Rana ने इसी बदलाव को महिला क्रिकेट के विकास के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में रेखांकित किया।
उनके मुताबिक, पहले महिलाओं के लिए लगातार अंतरराष्ट्रीय सीरीज का आयोजन उस स्तर पर नहीं होता था, लेकिन अब महिला क्रिकेट का कैलेंडर कहीं अधिक सक्रिय हो चुका है।
इससे खिलाड़ियों को नियमित रूप से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने और अपने प्रदर्शन को बेहतर करने के ज्यादा मौके मिलते हैं।
Women’s Premier League (WPL) की शुरुआत 2023 में हुई और इसके बाद महिला क्रिकेटरों के लिए घरेलू फ्रेंचाइजी क्रिकेट का एक बड़ा मंच तैयार हुआ।
WPL ने भारतीय और विदेशी महिला खिलाड़ियों को उच्च स्तर की प्रतिस्पर्धा में खेलने का अवसर दिया। युवा खिलाड़ियों को अनुभवी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा करने और दबाव वाली परिस्थितियों में प्रदर्शन करने का अनुभव भी मिला।
तेज गति से रन बनाने और आधुनिक टी20 क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक खुद को ढालने के लिए भी WPL एक महत्वपूर्ण मंच बनकर सामने आया है।
Sneh Rana के बयान के संदर्भ में देखें तो WPL सिर्फ एक नई प्रतियोगिता नहीं, बल्कि महिला क्रिकेट के पूरे इकोसिस्टम में आए बड़े बदलाव का हिस्सा है।
भारत ने 2017 Women’s World Cup में फाइनल तक पहुंचकर महिला क्रिकेट को देश में बड़े स्तर पर चर्चा में ला दिया था। भारतीय टीम का अभियान भले ही खिताब के साथ खत्म नहीं हुआ, लेकिन उस टूर्नामेंट ने महिला क्रिकेट की लोकप्रियता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Sneh Rana ने भी इसी टूर्नामेंट को महिला क्रिकेट में बदलाव की शुरुआत से जोड़ा।
उनके मुताबिक, यह कहना सही नहीं होगा कि खिलाड़ियों को अचानक पहचान मिल गई। इसके बजाय, यह वर्षों की मेहनत का परिणाम था, जिसमें पुरानी पीढ़ी की महिला क्रिकेटरों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
महिला क्रिकेट में बदलाव का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखाई दे रहा है। 2025 Women’s ODI World Cup के लिए ICC ने कुल 13.88 मिलियन डॉलर का पुरस्कार पूल घोषित किया था।
यह राशि पिछले पुरुष ODI World Cup के पुरस्कार पूल से अधिक थी। इससे महिला क्रिकेट में आर्थिक निवेश और प्रतियोगिताओं की बढ़ती अहमियत का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यह बदलाव उस व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है जिसमें महिला क्रिकेट को अधिक व्यावसायिक, प्रतिस्पर्धी और दर्शकों के लिए आकर्षक बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
क्रिकेट के मैदान पर Sneh Rana की अगली बड़ी चुनौती Women’s Asia Cup 2026 हो सकती है। टूर्नामेंट 28 अगस्त से दुबई इंटरनेशनल स्टेडियम में शुरू होने वाला है।
भारत को ग्रुप चरण में Thailand, Hong Kong और arch-rivals Pakistan के साथ रखा गया है।
राणा के लिए हालिया अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन भी काफी प्रभावशाली रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ Lord’s में खेले गए एकमात्र टेस्ट में उन्होंने गेंद से महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और छह विकेट हासिल किए।
भारत ने उस मुकाबले में इंग्लैंड को 270 रन से हराया था। ऐसे में आगामी टूर्नामेंट में भी राणा का अनुभव भारतीय टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

Sneh Rana की बातों से साफ है कि महिला क्रिकेट में आज दिखाई देने वाले बदलाव के पीछे कई वर्षों की मेहनत और कई पीढ़ियों का योगदान है।
वरिष्ठ महिला क्रिकेटरों द्वारा तैयार की गई नींव, 2017 World Cup जैसी उपलब्धियां, Pay Parity, नियमित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और WPL जैसे मंचों ने महिला क्रिकेट को नई दिशा दी है।
राणा ने Jay Shah और BCCI को इन बदलावों के लिए श्रेय दिया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा स्थिति तक पहुंचने में पुरानी पीढ़ी की महिला क्रिकेटरों की मेहनत को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
महिला क्रिकेट का सफर अभी जारी है और Sneh Rana जैसे अनुभवी खिलाड़ियों के लिए आने वाले वर्षों में मैदान पर प्रदर्शन के साथ-साथ इस बदलते इकोसिस्टम का हिस्सा बने रहना भी महत्वपूर्ण होगा।