Bhuvneshwar Kumar ने 2027 ODI World Cup के लिए Team India में वापसी की संभावना पर बड़ा बयान दिया है। जानिए चयन में उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है।

भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज Bhuvneshwar Kumar ने 2027 ODI World Cup में भारत के लिए खेलने की अपनी इच्छा साफ कर दी है। लंबे समय से टीम इंडिया के वनडे सेटअप से बाहर चल रहे इस अनुभवी पेसर ने कहा है कि अगर चयनकर्ताओं की ओर से उन्हें मौका मिलता है तो वह दोबारा भारतीय टीम की जर्सी पहनने के लिए तैयार हैं।
बुधवार, 10 अगस्त 2026 तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार, भुवनेश्वर कुमार ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत के लिए आखिरी मुकाबला 2022 में खेला था। हालांकि, घरेलू और फ्रेंचाइजी क्रिकेट में उन्होंने अपनी गेंदबाजी क्षमता बनाए रखी है।
दक्षिण अफ्रीका में होने वाला 2027 ODI World Cup भुवनेश्वर के लिए खास मौका हो सकता है। दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियां आम तौर पर स्विंग और सीम गेंदबाजी के लिए मददगार मानी जाती हैं, जो भुवनेश्वर की गेंदबाजी शैली के अनुकूल हो सकती हैं। हालांकि, सिर्फ परिस्थितियां उनके चयन की गारंटी नहीं देतीं।

जब भुवनेश्वर कुमार से भारतीय टीम में संभावित वापसी के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि चयनकर्ताओं की ओर से बुलावा आने पर वह इसे ठुकराएंगे नहीं।
उन्होंने कहा कि अगर उन्हें भारत के लिए खेलने का मौका मिलता है तो वह पूरी तरह तैयार रहेंगे। साथ ही, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका मौजूदा फोकस किसी चयन को हासिल करने के बजाय क्रिकेट खेलना और अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना है।
भुवनेश्वर इस समय उत्तर प्रदेश की टी20 लीग में खेल रहे हैं। उनके मुताबिक, वह वहां सिर्फ इस उद्देश्य से नहीं आए हैं कि किसी दूसरे स्तर पर पहुंचने के लिए उनका चयन हो। उनका मुख्य लक्ष्य क्रिकेट खेलना और टीम के लिए योगदान देना है।
भुवनेश्वर कुमार की सबसे बड़ी ताकत उनकी स्विंग गेंदबाजी और नई गेंद से विकेट लेने की क्षमता रही है। दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों में ऐसी गेंदबाजी उपयोगी साबित हो सकती है।
उनका अनुभव भी टीम के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। भुवनेश्वर भारत के लिए लंबे समय तक तीनों प्रारूपों में खेल चुके हैं और बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों का अनुभव रखते हैं।
उन्होंने 2013 ICC Champions Trophy में भारत की खिताबी जीत में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। सफेद गेंद के क्रिकेट में उनके पास 100 से अधिक वनडे मुकाबलों का अनुभव है।
हालांकि, मौजूदा भारतीय ODI टीम में जगह बनाना उनके लिए आसान नहीं होगा। चयनकर्ताओं के सामने उम्र, फिटनेस, मौजूदा गेंदबाजों का प्रदर्शन और मैच प्रैक्टिस जैसे कई पहलू होंगे।
भुवनेश्वर कुमार की वापसी के रास्ते में सबसे बड़ी समस्या उनकी वनडे मैच प्रैक्टिस हो सकती है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, उन्होंने 2023 के बाद कोई List-A मुकाबला नहीं खेला है। वनडे क्रिकेट में एक गेंदबाज को लगातार 10 ओवर गेंदबाजी करने की क्षमता और लय बनाए रखना जरूरी होता है। ऐसे में लंबे समय तक इस प्रारूप से दूर रहना चयन के लिहाज से नुकसानदायक हो सकता है।
टी20 क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन और ODI क्रिकेट की जरूरतों के बीच अंतर होता है। आईपीएल में प्रभावशाली गेंदबाजी करना निश्चित रूप से सकारात्मक है, लेकिन चयनकर्ता वनडे टीम चुनते समय खिलाड़ी के 50 ओवर के प्रारूप में हालिया प्रदर्शन को भी महत्व दे सकते हैं।

भुवनेश्वर कुमार भारत के सफल सफेद गेंद गेंदबाजों में शामिल रहे हैं। उन्होंने 121 वनडे मैचों में 141 विकेट लिए हैं। उनका वनडे गेंदबाजी औसत 35.11 और इकॉनमी रेट 5.08 रहा है।
टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में उन्होंने भारत के लिए 87 मैच खेले और 90 विकेट हासिल किए।
टेस्ट क्रिकेट में उनका आखिरी मुकाबला 2018 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ आया था। वहीं, उनका आखिरी ODI मैच जनवरी 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ ही था। भारतीय T20I टीम के लिए उनकी अंतिम उपस्थिति नवंबर 2022 में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज में हुई थी।

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि भुवनेश्वर कुमार 2027 ODI World Cup के लिए भारतीय टीम में जगह बनाएंगे। उनका चयन पूरी तरह भविष्य के प्रदर्शन, फिटनेस, मैच प्रैक्टिस और चयनकर्ताओं की रणनीति पर निर्भर करेगा।
उनके पक्ष में अनुभव और दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियों में उपयोगी साबित होने वाली गेंदबाजी शैली है। दूसरी ओर, ODI क्रिकेट में लंबे समय से मैच न खेलना उनके खिलाफ जा सकता है।
अगर भुवनेश्वर आगामी समय में घरेलू या अन्य उपलब्ध वनडे क्रिकेट में अपनी मैच फिटनेस और गेंदबाजी लय साबित कर पाते हैं, तो चयनकर्ताओं के लिए उनका नाम एक बार फिर चर्चा में आ सकता है।
फिलहाल भुवनेश्वर कुमार ने अपनी ओर से दरवाजा खुला रखा है। अब यह देखना होगा कि क्या उनका प्रदर्शन उन्हें 2027 World Cup के लिए भारत की योजनाओं में वापस ला पाता है।