प्लेटफॉर्म पर न पहुंच सके स्ट्रीट डॉग्स इसलिए भोपाल रेल मंडल बनवा रहा डॉग शेल्टर 

भोपाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफाॅर्म पर डॉग्स न पहुंच सकें। इसके लिए भोपाल रेलवे मंडल स्टेशन परिसर में डॉग शेल्टर बनवा रहा है। रेलवे को रोजाना भोपाल स्टेशन पर कुत्तों की समस्या के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। लेकिन रेलवे स्टेशन चारों तरफ से बंद नहीं होने के कारण आवारा कुत्ताें को स्टेशन में आने से रोक पाना सम्भव नहीं हो पाता है। इस कारण रेलवे अब डॉग्स के लिए शेल्टर हॉम बना रहा है।

प्लेटफॉर्म पर न पहुंच सके स्ट्रीट डॉग्स इसलिए भोपाल रेल मंडल बनवा रहा डॉग शेल्टर 
भोपाल रेलवे स्टेशन (Bhopal Railway Station) के प्लेटफाॅर्म पर डॉग्स (Street Dogs) न पहुंच सकें। इसके लिए भोपाल रेलवे मंडल स्टेशन परिसर में डॉग शेल्टर (Dog Shelter) बनवा रहा है। रेलवे को रोजाना भोपाल स्टेशन पर कुत्तों की समस्या के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही हैं। लेकिन रेलवे स्टेशन चारों तरफ से बंद नहीं होने के कारण आवारा कुत्ताें को स्टेशन में आने से रोक पाना सम्भव नहीं हो पाता है। इस कारण रेलवे अब डॉग्स के लिए शेल्टर हॉम बना रहा है।

रेलवे के अधिकारियों की मानें तो श्वानों को स्टेशन परिसर में आने से रोकने के कई उपाय किए गए, लेकिन कारगर नहीं हुए। ये आवारा जानवर किसी न किसी रास्ते से खाने और छत की खोज में प्लेटफॉर्म पर आ ही जाते हैं और इनके कारण डॉग बाइट की शिकायतें तो मिलती ही हैं। रेलगाड़ियों से इनके घायल होने और जान जाने तक का खतरा बना रहता है। 

डाॅग्स के खाने पीने की होगी व्यवस्था : 
आवारा श्वानों के स्टेशन में रहने के कारण शिकायतें तो नियमित आती रहती हैं, लेकिन इनकी समस्या के निदान के कोई ठोस उपाय नहीं मिलते हैं। कई बार नगर निगम के द्वारा भी इन्हें पकड़वाया गया, लेकिन ये कुछ समय बाद वापिस स्टेशन परिसर में आ जाते हैं। इसलिए भोपाल रेल मंडल ने डीआरएम (DRM Bhopal) के निर्देशानुसार  नई पहल करते हुए स्टेशन से थोड़ा हटकर आवारा श्वानों के लिए शेल्टर (आश्रय घर) बनाने शुरू किए हैं और वहां पर श्वानों के भोजन-पानी की व्यवस्था भी की गई है। रेलवे अधिकारियों की मानें तो इससे स्ट्रीट डॉग्स का ध्यान शेल्टर की तरफ़ बंटेगा और वो स्टेशन से दूर रहेंगे।

डीआरएम का आदेश बेजुबानों से न हो मारपीट : 
डीआरएम भोपाल ने इस दौरान स्टेशन पर काम करने वाले सभी कर्मचारियों को सख़्त आदेश दिए हैं कि श्वान यदि स्टेशन पर आ भी जाए, तो उनके साथ कोई क्रूरता ना हो, और उन्हें मारा-दुतकारा ना जाए। मंडल को यह उम्मीद है कि धीरे-धीरे खाने और आराम करने की नई जगह से वो डॉग्स स्टेशन पर आना छोड़ देंगे।