Rinku Singh statement: गुजरात टाइटंस के खिलाफ आखिरी पांच गेंद में पांच छक्के लगाकर कोलकाता नाइटराइडर्स को आईपीएल टी20 मुकाबले में यादगार जीत दिलाने वाले रिंकू सिंह (Rinku Singh) ने अपने हर छक्के को उनके लिए संघर्ष करने वाले परिवार को समर्पित किया। Rink...
Rinku Singh statement: गुजरात टाइटंस के खिलाफ आखिरी पांच गेंद में पांच छक्के लगाकर
कोलकाता नाइटराइडर्स को आईपीएल टी20 मुकाबले में यादगार जीत दिलाने वाले रिंकू सिंह (
Rinku Singh) ने अपने हर छक्के को उनके लिए संघर्ष करने वाले परिवार को समर्पित किया।
Rinku Singh उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के बेहद सामान्य परिवार से आते हैं। उनके पिता घरों में गैस सिलेंडर को पहुंचाने का काम करते थे। परिवार को कर्ज के बोझ से बाहर निकालने के लिए रिंकू उत्तर प्रदेश की
अंडर-19 टीम के खिलाड़ी के तौर पर मिलने वाले वजीफे को बचाने के साथ घर में नौकर का काम भी कर चुके हैं।
[caption id="attachment_44896" align="alignnone" width="696"]

credit: google[/caption]
Rinku Singh ने अब तक 16 सीजन का सबसे
बेस्ट मैच फिनिश किया। उन्होंने अगली पांच गेंदों पर पांच छक्के जड़ कोलकाता को हारी हुई बाजी जिता दी। रिंकू 21 गेंदों में एक चौका और छह छक्के की मदद से 48 रन बनाकर नाबाद रहे और उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड भी दिया गया। मैच के बाद
Rinku Singh भावुक हो गए और उन्होंने खुद की संघर्षपूर्ण कहानी बताई है।
KKR ने 55 लाख ₹ में किया शामिल
एक बेहद गरीब परिवार से आने वाले
Rinku Singh को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 55 लाख रुपये में शामिल किया था। हालांकि, जो पारी उन्होंने रविवार को खेली वह अब तक आईपीएल में कई करोड़पति खिलाड़ी भी नहीं खेल सके हैं। 25 साल के
Rinku Singh पर
कोलकाता फ्रेंचाइजी ने भी पिछले काफी समय में काफी भरोसा जताया है। इसी अटूट विश्वास और समर्थन का ही नतीजा है कि रिंकू ने अपने दम पर मैच निकालकर दिया। उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से आने वाले रिंकू के पिता एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी करते थे।
[caption id="attachment_44897" align="alignnone" width="696"]

credit: google[/caption]
रिंकू ने पारी की समर्पित
2015-16 सीजन के दौरान जब
Rinku Singh के परिवार पर पांच लाख रुपये का कर्ज था, तब रिंकू ने यूपी के अंडर-19 टीम से खेलना शुरू किया था और अपने दैनिक भत्ते से बचत करना शुरू कर दिया था। यहां तक कि उन्होंने झाड़ू और पोछा लगाने की नौकरी भी शुरू कर दी थी। इन सभी बातों को याद करते हुए
Rinku Singh बताते हैं- मेरे पिता ने बहुत संघर्ष किया, मैं एक किसान परिवार से आता हूं। मैंने जो भी गेंद मैदान से बाहर मारी वह उन लोगों को समर्पित है जिन्होंने मेरे लिए इतना त्याग किया।
रणजी ट्रॉफी कई बेहतरीन पारियां
केकेआर एकेडमी से ही निकले
Rinku Singh ने टीम के सहायक कोच
अभिषेक नायर के साथ अपनी बल्लेबाजी पर काफी काम किया है और इसका परिणाम रिंकू को
रणजी ट्रॉफी में भी मिला था। रणजी ट्रॉफी के 2021-22 सीजन में रिंकू ने पांच मैचों की नौ पारियों में 58.83 की औसत से 353 रन बनाए थे।
[caption id="attachment_44898" align="alignnone" width="696"]

credit: google[/caption]
वह यूपी के लिए
टॉप स्कोरर रहे थे। इनमें चार अर्धशतक शामिल थे। वहीं, रणजी के 2022-23 सीजन में
Rinku Singh ने सात मैचों की आठ पारियों में 63.14 की औसत से 442 रन बनाए। इनमें दो शतक और दो अर्धशतक शामिल हैं। वह
ध्रुव जुरेल और
समीर चौधरी के बाद पिछले सीजन यूपी के तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे।
पिछले सत्र भी ऐसा ही था प्रदर्शन
Rinku Singh को आईपीएल के पिछले सीजन भी कुछ ऐसा ही मौका मिला था, लेकिन वह उस मैच को फिनिश नहीं कर पाए थे। इसकी टीस आज भी उन्हें है और गुजरात के खिलाफ जीत दिलाने के बाद इसका जिक्र भी किया। दरअसल, आईपीएल 2022 में
लखनऊ सुपर जाएंट्स के खिलाफ कोलकाता को एक मैच में आखिरी ओवर में 21 रन की जरूरत थी। तब
Rinku Singh जीत नहीं दिला सके थे। हालांकि, तब भी उन्होंने 15 गेंदों पर 40 रन की तूफानी पारी खेली थी। अब इस सीजन उन्होंने पिछले साल वाली गलती नहीं की।
[caption id="attachment_44900" align="alignnone" width="696"]

credit: google[/caption]
रिंकू-नीतीश का बयान
Rinku Singh ने कहा कि विश्वास था कि मैं यह कर सकता हूं। पिछले साल मैं लखनऊ में ऐसी ही स्थिति में था। विश्वास तब भी था। मैंने शॉट लगाते वक्त ज्यादा नहीं सोचा। सभी शॉट एक के बाद एक निकलते गए। वह आखिरी वाला छक्का
बैक ऑफ द हैंड खेला था और मैंने उसे बैक फुट पर खेला था।
चोटिल
श्रेयस अय्यर की जगह इस सीजन केकेआर की कप्तानी कर रहे
नीतीश राणा ने भी
Rinku Singh की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा, रिंकू ने पिछले साल कुछ ऐसा ही किया था, हालांकि हम उस मैच को नहीं जीत पाए थे। जब रिंकू ने दूसरा छक्का लगाया, तो हमें लगने लगा था कि कुछ करिश्मा हो सकता है, क्योंकि यश दयाल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे थे।
Rinku Singh को पूरा श्रेय जाता है।
[caption id="attachment_44901" align="alignnone" width="696"]

credit: google[/caption]
लोग याद रखेंगे मैच- वेंकटेश
नीतीश राणा ने मैच के बाद कहा कि इस मैच से हमें जो दो अंक मिले हैं, उसके लिए हम
Rinku Singh को धन्यवाद देते हैं। लोगों ने मुझसे पूछा कि रिंकू सिंह को बड़ी भूमिका क्यों नहीं मिलती है और हमेशा एक छोटी भूमिका निभाते हैं। मैं उन पत्रकारों से कहना चाहता हूं कि अगर यह दूसरी भूमिका है, तो कल्पना कीजिए वह पहली भूमिका के साथ क्या कर सकते हैं।
पिछले मैच में उन्होंने एक अलग भूमिका निभाई और उन्होंने इसे अच्छी तरह से किया। मेरे पास
Rinku Singh की तारीफ के लिए शब्द नहीं हैं। 40 गेंदों में शानदार 83 रन की पारी खेलने वाले
वेंकटेश अय्यर ने कहा कि यह मैच
लॉर्ड रिंकू के शो के लिए याद किया जाएगा। आखिरी दो ओवर तक हर कोई कह रहा था कि हम नहीं जीत सकते, लेकिन वहां से वापसी करना और इस अंदाज में जीतना हर रोज संभव नहीं। हम इस मैच को लंबे समय तक याद रखेंगे।
[caption id="attachment_44902" align="alignnone" width="696"]

credit: google[/caption]
रिंकू सिंह को सारा श्रेय- नीतीश
बकौल
Rinku Singh, ‘ मेरे पिता ने बहुत संघर्ष किया, मैं एक किसान परिवार से आता हूं। हर गेंद जो मैंने मैदान से बाहर मारी वह उन लोगों को समर्पित थी जिन्होंने मेरे लिए इतना बलिदान दिया।’
केकेआर के कप्तान
नीतिश राणा ने कहा, ‘
Rinku Singh ने पिछले साल ऐसा ही कुछ किया था, हालांकि हम वह मैच नहीं जीत पाए थे। गुजरात के खिलाफ जब दूसरा छक्का लगा तो हमने और विश्वास करना शुरू कर दिया क्योंकि यश दयाल अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे थे। सारा श्रेय रिंकू सिंह को जाता है।’