EPFO ने ऑनलाइन सेवाओं को अपग्रेड किया है। PF बैलेंस, क्लेम, KYC, ई-नॉमिनेशन और ट्रांसफर जैसी 8 सुविधाएं ऑनलाइन मिलेंगी। जानें UAN Activation का नया तरीका।

EPFO New Portal: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन यानी EPFO ने अपनी ऑनलाइन सेवाओं में बड़ा अपडेट किया है। नए डिजिटल प्लेटफॉर्म पर PF से जुड़ी कई जरूरी सुविधाओं को एक जगह उपलब्ध कराया गया है। अब कर्मचारी घर बैठे अपना PF बैलेंस देख सकते हैं, ऑनलाइन क्लेम कर सकते हैं, KYC अपडेट कर सकते हैं, ई-नॉमिनेशन कर सकते हैं और नौकरी बदलने पर PF ट्रांसफर जैसी सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं।
EPFO के मुताबिक, सिस्टम में बड़े स्तर पर डेटाबेस कंसोलिडेशन और सॉफ्टवेयर अपग्रेड का काम भी पूरा किया गया है। इसका मकसद सदस्यों को पहले से बेहतर और आसान ऑनलाइन सेवा देना है।
हालांकि, UAN को लेकर एक जरूरी बदलाव हुआ है। UAN Activation और Direct UAN Allotment की सुविधा अब EPFO पोर्टल से नहीं की जाएगी। इसके लिए सदस्यों को Aadhaar आधारित Face Authentication का इस्तेमाल करते हुए UMANG App के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
नए इंटरफेस में कर्मचारियों के लिए कई जरूरी सेवाओं को आसान बनाया गया है। इनमें मुख्य रूप से ये सुविधाएं शामिल हैं:
इन सुविधाओं के कारण छोटी-छोटी PF सेवाओं के लिए EPFO ऑफिस जाने या हर काम के लिए नियोक्ता पर निर्भर रहने की जरूरत कम हो सकती है।
EPFO के नए अपडेट में UAN को लेकर सबसे अहम बदलाव किया गया है। पोर्टल पर भले ही “Activate your UAN” का विकल्प दिखाई दे, लेकिन EPFO के नए निर्देश के अनुसार पोर्टल के जरिए UAN Activation की सुविधा बंद कर दी गई है।
अब कर्मचारियों को Aadhaar आधारित Face Authentication (FAT) के जरिए UMANG App से UAN एक्टिवेट करना होगा।
नया UAN बनाने के लिए भी इसी प्रक्रिया का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके लिए UMANG App में EPFO Services पर जाकर “UAN Services Through Face Auth” के अंदर संबंधित विकल्प चुनना होगा।
वहीं, “Know Your UAN” सुविधा के जरिए कर्मचारी अपनी जरूरी जानकारी डालकर अपना UAN नंबर पता कर सकते हैं।
अगर कर्मचारी ऑनलाइन PF निकासी के लिए जरूरी शर्तें पूरी करता है तो वह EPFO Member Interface के जरिए क्लेम जमा कर सकता है।
ऑनलाइन क्लेम में मुख्य रूप से ये विकल्प शामिल हैं:
PF Final Settlement के लिए EPFO रिकॉर्ड में कर्मचारी की Date of Joining और Date of Exit उपलब्ध होना जरूरी है। इसके अलावा नौकरी छोड़ने के बाद निर्धारित शर्तें पूरी होना भी जरूरी है।
Form 31 के तहत PF Advance लेने की पात्रता उस काम या जरूरत पर निर्भर करती है जिसके लिए निकासी की जा रही है।
कर्मचारी EPFO की ऑनलाइन पासबुक सुविधा के जरिए अपने PF खाते की जानकारी और लेन-देन देख सकते हैं। क्लेम का स्टेटस भी ऑनलाइन चेक किया जा सकता है।
EPFO की ओर से बैलेंस चेक करने के लिए मिस्ड कॉल और SMS की सुविधा भी उपलब्ध है। मिस्ड कॉल के लिए 9966044425 नंबर और SMS के लिए 7738299899 सेवा का इस्तेमाल किया जा सकता है।
EPFO Member Portal पर ई-नॉमिनेशन की सुविधा भी उपलब्ध है। सदस्य अपने सेवा काल के दौरान नॉमिनी की जानकारी दर्ज और अपडेट कर सकते हैं।
ई-नॉमिनेशन का फायदा यह है कि सदस्य की मृत्यु की स्थिति में पात्र परिवार के सदस्य या नॉमिनी को EPF, पेंशन और इंश्योरेंस से जुड़े लाभों का दावा करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, भुगतान और क्लेम संबंधित नियमों, पात्रता और दस्तावेजों की जांच के अधीन रहेगा।
PF से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं का फायदा उठाने के लिए KYC की जानकारी सही होना बहुत जरूरी है।
खासकर Aadhaar, बैंक अकाउंट और IFSC कोड EPFO रिकॉर्ड में सही तरीके से अपडेट होना चाहिए। कुछ मामलों में PF Final Settlement के लिए PAN की जानकारी भी जरूरी होती है।
अगर KYC में नाम, बैंक अकाउंट या दूसरी जानकारी गलत है तो ऑनलाइन क्लेम के दौरान परेशानी आ सकती है। इसलिए कर्मचारियों को समय-समय पर अपनी जानकारी चेक कर लेनी चाहिए।
अगर कोई कर्मचारी नौकरी बदलता है तो पात्र मामलों में EPF अकाउंट ट्रांसफर से जुड़ी प्रक्रिया ऑनलाइन की जा सकती है।
इसके लिए UAN और KYC की जानकारी सही तरीके से लिंक होना जरूरी है। ऑनलाइन ट्रांसफर की सुविधा से कर्मचारियों को पुराने PF खाते से जुड़े काम के लिए बार-बार कागजी प्रक्रिया या EPFO ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत कम हो सकती है।
नए पोर्टल पर नॉमिनी और परिवार के सदस्यों के लिए डेथ क्लेम से जुड़ी सुविधाएं भी दी गई हैं।
इनमें Nominee द्वारा Death Claim Filing और सदस्य की मृत्यु की स्थिति में परिवार या नॉमिनी द्वारा पेंशन क्लेम जैसी सेवाएं शामिल हैं।
हालांकि, ऐसे मामलों में भी नॉमिनेशन, पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाएगी।
ऑनलाइन PF क्लेम करने से पहले कर्मचारी को कुछ जरूरी चीजें जांच लेनी चाहिए।
UAN एक्टिवेट होना चाहिए, Aadhaar EPFO रिकॉर्ड में लिंक होना चाहिए और बैंक अकाउंट के साथ IFSC की जानकारी सही होनी चाहिए। कुछ PF Final Settlement मामलों में PAN भी जरूरी होता है।
इसके अलावा Aadhaar से जुड़े मोबाइल नंबर पर OTP के जरिए authentication की जरूरत पड़ सकती है। इसलिए मोबाइल नंबर भी सही और चालू होना चाहिए।
EPFO ने डेटाबेस और सॉफ्टवेयर अपग्रेड किया है। सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से लाइव किया जा रहा है। ऐसे में शुरुआत में कुछ क्लेम या सर्विस रिक्वेस्ट में सामान्य से ज्यादा समय लग सकता है।
EPFO ने यह भी संकेत दिया है कि सिस्टम अपग्रेड के बाद कुछ मामलों में अतिरिक्त verification और validation हो सकता है।
इसलिए अगर किसी क्लेम में तुरंत अपडेट नहीं दिखता है तो कर्मचारी को बार-बार नया क्लेम डालने से बचना चाहिए।
EPFO ने सदस्यों को फर्जी कॉल और मैसेज से सावधान रहने की सलाह दी है। किसी अनजान व्यक्ति को Aadhaar, PAN, बैंक डिटेल, OTP या पैसे बिल्कुल न दें।
PF से जुड़ी किसी भी सेवा के लिए केवल आधिकारिक EPFO प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें।
कुल मिलाकर, नए EPFO सिस्टम से कर्मचारियों को PF से जुड़ी रोजमर्रा की कई सुविधाएं ऑनलाइन मिलेंगी। सबसे बड़ा बदलाव UAN Activation और नए UAN के मामले में है, जिसके लिए अब Aadhaar आधारित Face Authentication के जरिए UMANG App का इस्तेमाल करना होगा।