8th Pay Commission में 2.0, 2.1 या 2.57 फिटमेंट फैक्टर से केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ सकती है? DA को जोड़कर समझें पूरा वेतन कैलकुलेशन।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर की हो रही है। कर्मचारी यह जानना चाहते हैं कि नया फिटमेंट फैक्टर कितना होगा और इससे उनकी बेसिक सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है।
हालांकि, सिर्फ फिटमेंट फैक्टर के आंकड़े को देखकर यह तय करना सही नहीं होगा कि कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी। असली तस्वीर समझने के लिए मौजूदा Dearness Allowance (DA) को भी ध्यान में रखना जरूरी है।
कर्मचारी संगठनों और वित्तीय जानकारों के मुताबिक, अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.0, 2.1 या 2.57 जैसे स्तर पर रहता है, तब भी कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
7वें वेतन आयोग के समय न्यूनतम बेसिक सैलरी को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया था। इसके लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर चर्चा में रहा था।
लेकिन केवल 7,000 रुपये से 18,000 रुपये की तुलना करने से पूरी तस्वीर सामने नहीं आती। उस समय कर्मचारियों को मिलने वाला DA भी बेसिक सैलरी के साथ जुड़ा हुआ था।
यानी पुराने बेसिक वेतन के साथ DA को जोड़कर देखा जाए तो वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी केवल फिटमेंट फैक्टर के आधार पर दिखाई देने वाली बढ़ोतरी से काफी अलग थी।
यही वजह है कि 8वें वेतन आयोग में भी कर्मचारी फिटमेंट फैक्टर के साथ-साथ DA के समायोजन पर नजर बनाए हुए हैं।
All India NPS Employees Federation के अध्यक्ष मनजीत सिंह पटेल की ओर से बताए गए एक अनुमान के मुताबिक, अगर 8वें वेतन आयोग में 2.1 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो मौजूदा बेसिक सैलरी पर इसका असर कुछ इस तरह दिखाई दे सकता है।
लेवल-1 कर्मचारी:
अभी न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। 2.1 के हिसाब से गणना करने पर यह करीब 37,800 रुपये हो सकती है।
लेवल-4 कर्मचारी:
25,500 रुपये की बेसिक सैलरी 2.1 के हिसाब से करीब 53,550 रुपये तक पहुंच सकती है।
लेवल-13 कर्मचारी:
1,23,100 रुपये की बेसिक सैलरी बढ़कर करीब 2,58,510 रुपये हो सकती है।
ध्यान रखें कि ये आंकड़े अनुमान और उदाहरण पर आधारित हैं, इन्हें सरकार की अंतिम घोषणा नहीं माना जा सकता।
फिटमेंट फैक्टर को समझते समय मौजूदा DA को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। उदाहरण के तौर पर अगर मौजूदा DA करीब 58 प्रतिशत माना जाए, तो 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर DA जोड़ने के बाद मौजूदा वेतन का आधार लगभग 28,440 रुपये बनता है।
ऐसे में अगर नए वेतन ढांचे में बेसिक करीब 38,000 रुपये के आसपास पहुंचता है, तो पुराने और नए वेतन की तुलना करने पर वास्तविक फायदा काफी बड़ा दिखाई दे सकता है।
इसी आधार पर कर्मचारी संगठनों की ओर से यह तर्क दिया जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर अगर 7वें वेतन आयोग के 2.57 से कम भी रहता है, तो इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि कर्मचारियों को कम वेतन वृद्धि मिलेगी।
फिलहाल 8वें वेतन आयोग का अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है। 2.0, 2.1, 2.57 या इससे ज्यादा के अलग-अलग आंकड़ों को लेकर कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों की ओर से अनुमान लगाए जा रहे हैं।
इसलिए अभी किसी एक आंकड़े को पक्की सैलरी बढ़ोतरी मानना सही नहीं होगा।
अंतिम फैसला वेतन आयोग की सिफारिशों, सरकार की मंजूरी और उस समय लागू वेतन व भत्तों के आधार पर होगा।
8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स में काफी उम्मीदें हैं। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि नए वेतन ढांचे में महंगाई और मौजूदा खर्च को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त वेतन वृद्धि की जाए।
फिलहाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर कई तरह के अनुमान सामने आ रहे हैं, लेकिन