Ram Mandir: श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा के भव्य महोत्सव में अपने-अपने जिलों की प्रसिद्ध वस्तुओं को अयोध्या राम मंदिर (Ram Mandir) भेजा जा रहा है। इसी क्रम में पीलीभीत के मुस्लिम परिवार की ओर से 21.6 फुट लंबी बांसुरी को अयोध्या भेजा जाएगा। बांसुरी को वह...
Ram Mandir: श्री रामलला प्राण प्रतिष्ठा के भव्य महोत्सव में अपने-अपने जिलों की प्रसिद्ध वस्तुओं को अयोध्या राम मंदिर (
Ram Mandir) भेजा जा रहा है। इसी क्रम में पीलीभीत के मुस्लिम परिवार की ओर से 21.6 फुट लंबी बांसुरी को अयोध्या भेजा जाएगा। बांसुरी को वहां के संग्रहालय में रखा जाएगा। जिसे सभी भगत जन दर्शन कर पाएंगे।
बांसुरी शहर के मशहूर कारीगर मरहूम नवाब अहमद की पत्नी हीना परवीन, उनके पुत्र अरमान नबी व उनके चाचा शमशाद ने अपने कारीगर साथियों के साथ तैयार किया है। उन्होंने बताया कि यह बांस वर्षों से सिर्फ किसी ऐतिहासिक क्षण के लिए बचा के रखा हुआ था।
22 जनवरी को नहीं होगी अयोध्या में बांसुरी, शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ब्रज प्रांत के प्रचारक हरीश रौतेला ने अयोध्या आने वाली बांसुरी का पूजन की। 26 जनवरी को बांसुरी अयोध्या धाम भेजी जाएगी। जहां इसे संग्रहालय में रखा जाएगा।
विश्व की सबसे लंबी बांसुरी अब Ram Mandir में:
शहर के लाल रोड निवासी अरमान ने बताया कि 2021 में उन्होंने 16 फुट लंबी बांसुरी बनाई थी। यह बांसुरी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। यह उस वक्त की सबसे लंबी बांसुरी थी। अब 21.6 फुट की बनाई है, जो विश्व की सबसे लंबी बांसुरी होगी। जो की रामलला के श्री चरणों में अर्पित की जाएगी।
अयोध्या Ram Mandir नगरी में गूंजेगी अरमान और हिना बी की बांसुरी:

भारत के मुस्लिम परिवार की तरफ से बनाई गई बांसुरी कुछ अलग ही है। अरमान ने अपनी बात में बताते हैं कि बांसुरी बनाना उनका खानदानी काम है उनके पूर्वज भी बरसो से यही काम कर रहे हैं। जिस बांस से ये बांसुरी बानी है वो बांस असम का है। जिस बांस से यह बांसुरी तैयार की गई है वह करीब 20 साल पहले से रखा हुआ था, जिसे उन्होंने श्री राम को सोप दिया। इस बांस को किसी विशेष प्रयोजन के लिए रखा गया था। 2021 में जब सबसे लंबी बांसुरी बनाई थी तब इसका प्रयोग करने जा रहे थे, लेकिन दूसरा बांस मिल गया तो इसे वापस उठाकर रख दिया था।
उन्होंने बताया की सोचा नहीं था कि भगवान श्रीराम की नगरी के लिए इस बांस का प्रयोग होगा। उन्होंने ये भी बताया की यह बांस बहुत खास है, बांस की खासियत यह है कि इसका व्यास यानी गोलाई 3.5 इंच है। इतनी गोलाई के बांस अब नहीं आते। बांसुरी बनाने में उन्हें पुरे दस दिन लग गए हैं। बांसुरी की विशेषता यह है कि दोनों तरफ से यह बज सकती है।
दोनों तरफ से यह बज सकती है बांसुरी:
बांसुरी बहुत ही भव्य और अद्भुद है इसमें दोनों तरफ से सातों सुर इसमें डाले गए हैं। इस बांसुरी को बनाने में करीब 70-80 हजार रुपये का खर्च आया जो उन्होंने सवयं ही उठाया है। हैंड वर्क किया गया है। सोशल मीडिया पर हिना व उनके बेटे अरमान द्वार तैयार की गई बांसुरी काफी तेजी से वायरल हो रही है और इस बांसुरी को ट्रक से अयोध्या भेजा जाएगा।