Ram Mandir: राम मंदिर परिसर जो की 67 एकड़ में बन रहा है। जिसमे से 2.7 एकड़ में भव्य राम मंदिर का निर्माण कार्य किया जा रहा है। जिसमे राम मंदिर में 44 भव्य दवार है, कुछ सवर्ण जड़ित है, प्रथम सिंह दवार है। जिस भव्य मंदिर को देख कर ही सब मंत्र्मुक्त्त हो जात...

मंदिर परिसर बहुत ही भव्य रूप से बनाया गया है, मंदिर का पहला मॉडल आपको बता दे की 2019 के प्रयाग कुंभ मेले के दौरान प्रदर्शित किया गया था। जिसमे बताया गया था की मंदिर में 'एक प्राथना कक्ष होगा', एक वैदिक पाठशाला, संग्रहालय, एक रामकथा कुंज, एक संत निवास और एक यति निवास भी होगा। साथ ही इसमें अन्य सुविधाएं भी होंगी जैसे कैफेटेरिया आदि।
वहीँ खास बात यहाँ है की विश्व की सर्वोप्रसिद्ध कंपनी "लार्सन एंड टूब्रो" ने मन्दिर के डिजाइन और निर्माण की नि:शुल्क देखरेख करने की पेशकश राम मंदिर ट्रस्ट के सामने राखी। फिर राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण ट्रस्ट के द्वारा इन्हे राम मंदिर का ठेकेदार स्थापित किया गय। केन्द्रीय भवन अनुसन्धान संस्थान, राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसन्धान संस्थान और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (जैसे बॉम्बे, गुवाहाटी और मद्रास) मिट्टी परीक्षण, कङ्क्रीट और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में सहायता कर रहे हैं।
वहीं शयद ही कोई जनता होगा की राम मंदिर के लिए राजस्थान से 600 हजार क्यूबिक फीट बलुआ पत्थर बंसी पर्वत पत्थरों को राम मंदिर निर्माण कार्य में प्रयोग किया जायेगा और निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
राम मंदिर में कुल 44 द्वार होंगे, इनमें से केवल 18 में दरवाजे गर्भ गृह होंगे। जिनमे कहा जा रहा है की दरवाजो पर सोने की परत चढ़ाई गयी है। हर दरवाजे में करीब 3 किलो सोना लगा है। ये सभी दरवाजे सागौन की लकड़ी के बने हैं, इन दरवाजो को हैदराबाद के कारीगरों ने तैयार किया है और इनपर बहुत बारीक़ नक्काशी की है।
वो आपने बाल सवरूप में विराजमान होंगे ये तो आपसभी जानते ही है। बन रहे भव्य राम मंदिर में नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप के साथ पांच मंडप भी बनाए गए हैं।
मंदिर परिसर बहुत ही भव्य रूप से बनाया गया है, मंदिर का पहला मॉडल आपको बता दे की 2019 के प्रयाग कुंभ मेले के दौरान प्रदर्शित किया गया था। जिसमे बताया गया था की मंदिर में 'एक प्राथना कक्ष होगा', एक वैदिक पाठशाला, संग्रहालय, एक रामकथा कुंज, एक संत निवास और एक यति निवास भी होगा। साथ ही इसमें अन्य सुविधाएं भी होंगी जैसे कैफेटेरिया आदि।
वहीँ खास बात यहाँ है की विश्व की सर्वोप्रसिद्ध कंपनी "लार्सन एंड टूब्रो" ने मन्दिर के डिजाइन और निर्माण की नि:शुल्क देखरेख करने की पेशकश राम मंदिर ट्रस्ट के सामने राखी। फिर राम मंदिर (Ram Mandir) निर्माण ट्रस्ट के द्वारा इन्हे राम मंदिर का ठेकेदार स्थापित किया गय। केन्द्रीय भवन अनुसन्धान संस्थान, राष्ट्रीय भू-भौतिकीय अनुसन्धान संस्थान और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (जैसे बॉम्बे, गुवाहाटी और मद्रास) मिट्टी परीक्षण, कङ्क्रीट और डिजाइन जैसे क्षेत्रों में सहायता कर रहे हैं।
वहीं शयद ही कोई जनता होगा की राम मंदिर के लिए राजस्थान से 600 हजार क्यूबिक फीट बलुआ पत्थर बंसी पर्वत पत्थरों को राम मंदिर निर्माण कार्य में प्रयोग किया जायेगा और निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा।
राम मंदिर में कुल 44 द्वार होंगे, इनमें से केवल 18 में दरवाजे गर्भ गृह होंगे। जिनमे कहा जा रहा है की दरवाजो पर सोने की परत चढ़ाई गयी है। हर दरवाजे में करीब 3 किलो सोना लगा है। ये सभी दरवाजे सागौन की लकड़ी के बने हैं, इन दरवाजो को हैदराबाद के कारीगरों ने तैयार किया है और इनपर बहुत बारीक़ नक्काशी की है।
वो आपने बाल सवरूप में विराजमान होंगे ये तो आपसभी जानते ही है। बन रहे भव्य राम मंदिर में नृत्य मंडप, रंग मंडप, सभा मंडप, प्रार्थना मंडप और कीर्तन मंडप के साथ पांच मंडप भी बनाए गए हैं।