भारत के तेजी से बढ़ते Renewable Energy Sector के बीच Juniper Green Energy IPO गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी इस IPO के जरिए कुल ₹1,800 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। निवेशक इस इश्यू में 3 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं, जबकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 6 अगस्त 2026 को होने की उम्मीद है।

भारत के तेजी से बढ़ते Renewable Energy Sector के बीच Juniper Green Energy IPO गुरुवार, 30 जुलाई 2026 को सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है। कंपनी इस IPO के जरिए कुल ₹1,800 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है। निवेशक इस इश्यू में 3 अगस्त तक बोली लगा सकते हैं, जबकि कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग BSE और NSE पर 6 अगस्त 2026 को होने की उम्मीद है।
Juniper Green Energy ने अपने IPO का प्राइस बैंड ₹214 से ₹225 प्रति शेयर तय किया है। यह पूरी तरह से Fresh Issue IPO है, यानी इसमें कोई Offer For Sale (OFS) शामिल नहीं है। कंपनी करीब 8 करोड़ नए शेयर जारी करके ₹1,800 करोड़ जुटाएगी। IPO में न्यूनतम लॉट साइज 66 शेयरों का है। ऊपरी प्राइस बैंड ₹225 के हिसाब से रिटेल निवेशकों को कम से कम लगभग ₹14,850 का निवेश करना होगा। IPO की क्लोजिंग तारीख 3 अगस्त है। शेयर अलॉटमेंट का आधार 4 अगस्त को तय होने की उम्मीद है और सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर 5 अगस्त को क्रेडिट किए जा सकते हैं।
ग्रे मार्केट में Juniper Green Energy IPO का GMP 29 जुलाई तक लगभग ₹17 प्रति शेयर बताया गया था। अगर ऊपरी प्राइस बैंड ₹225 को आधार माना जाए, तो अनुमानित लिस्टिंग कीमत करीब ₹242 प्रति शेयर हो सकती है। इस हिसाब से संभावित लिस्टिंग गेन लगभग 7.5 प्रतिशत दिखाई देता है। हालांकि, निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि GMP अनौपचारिक संकेत होता है और यह लिस्टिंग प्रदर्शन की गारंटी नहीं देता।

NSE के आंकड़ों के अनुसार, IPO खुलने के पहले दिन दोपहर 1:28 बजे तक इसे लगभग 0.04 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था।
शुरुआती घंटों में Qualified Institutional Buyers (QIB) की ओर से सीमित बोली देखने को मिली। आमतौर पर IPO में सब्सक्रिप्शन आंकड़े आखिरी दिनों में तेजी पकड़ते हैं।
Juniper Green Energy एक स्वतंत्र नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी है, जो सोलर, विंड और हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स विकसित और संचालित करती है। कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) के अनुसार, यह भारत की प्रमुख स्वतंत्र नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में शामिल है। 30 जून 2026 तक कंपनी का कुल रिन्यूएबल एनर्जी पोर्टफोलियो लगभग 7,910.20 MW बताया गया है। कंपनी की क्षमता का बड़ा हिस्सा लंबे समय के पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) से जुड़ा हुआ है। इसके ग्राहकों में SECI, NTPC, NHPC, SJVN, GUVNL और MSEDCL जैसी संस्थाएं शामिल हैं।

Juniper Green Energy IPO से मिलने वाली राशि का मुख्य उपयोग कर्ज कम करने के लिए करेगी। कंपनी के अनुसार:
पिछले कुछ वर्षों में कंपनी की आय में बढ़ोतरी हुई है। कंपनी की कुल आय FY24 में ₹424.45 करोड़ से बढ़कर FY26 में लगभग ₹804.93 करोड़ हो गई। हालांकि, मुनाफे में ज्यादा वृद्धि नहीं देखी गई। कंपनी का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स FY26 में करीब ₹40.46 करोड़ रहा, जबकि FY24 में यह ₹40.06 करोड़ था। वहीं, कंपनी का कर्ज काफी बढ़ा है। कुल उधारी FY24 के ₹2,671.70 करोड़ से बढ़कर FY26 में करीब ₹12,920.54 करोड़ हो गई।
विशेषज्ञों के अनुसार, निवेशकों को कंपनी में निवेश से पहले कुछ जोखिमों पर ध्यान देना चाहिए। मुख्य जोखिम:
₹225 के ऊपरी प्राइस बैंड पर कंपनी का वैल्यूएशन भी काफी ऊंचा दिखाई देता है, इसलिए निवेशकों को केवल सेक्टर की ग्रोथ देखकर फैसला नहीं लेना चाहिए।

भारत में नवीकरणीय ऊर्जा सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है। देश का लक्ष्य 2030 तक 500 GW गैर-जीवाश्म ईंधन क्षमता हासिल करना है। सोलर और विंड एनर्जी में बढ़ते निवेश, बिजली की बढ़ती मांग और ग्रीन एनर्जी की जरूरत इस सेक्टर को आगे बढ़ा रही है। हालांकि, जमीन, ग्रिड कनेक्टिविटी और पूंजी लागत जैसी चुनौतियां बनी हुई हैं।
Juniper Green Energy IPO उन निवेशकों के लिए आकर्षक हो सकता है जो भारत के बढ़ते Renewable Energy सेक्टर में लंबी अवधि के लिए निवेश का अवसर तलाश रहे हैं। कंपनी के पास बड़ा प्रोजेक्ट पोर्टफोलियो और लंबे समय के पावर एग्रीमेंट हैं। हालांकि, बढ़ता कर्ज, ऊंचा वैल्यूएशन और सीमित मुनाफा निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बातें हैं। निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, जोखिम और अपनी निवेश क्षमता को ध्यान में रखना जरूरी है।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।