ढाका: T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और बांग्लादेश के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। ताजा विवाद उस समय खड़ा हो गया, जब 100 से ज्यादा बांग्लादेशी खेल पत्रकारों को टूर्नामेंट के लिए मीडिया एक्रिडिटेशन देने से इनकार कर दिया...

ढाका: T20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) और बांग्लादेश के बीच तनाव अपने चरम पर पहुँच गया है। ताजा विवाद उस समय खड़ा हो गया, जब 100 से ज्यादा बांग्लादेशी खेल पत्रकारों को टूर्नामेंट के लिए मीडिया एक्रिडिटेशन देने से इनकार कर दिया गया। इस फैसले के बाद बांग्लादेश के मीडिया जगत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
बांग्लादेश के कई प्रतिष्ठित अखबारों और खेल पत्रकार संगठनों ने ICC के इस कदम को “अभूतपूर्व” और “दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है। पत्रकारों का कहना है कि ICC टूर्नामेंट्स को कवर करने का उनका लंबा इतिहास रहा है, लेकिन ऐसा पहली बार हुआ है जब इतने बड़े पैमाने पर मान्यता रोकी गई हो।
The Daily Star की रिपोर्ट के अनुसार,
130 से 150 बांग्लादेशी पत्रकारों ने आवेदन किया था
एक भी आवेदन को अंतिम मंजूरी नहीं मिली
कुछ फोटो जर्नलिस्ट्स को पहले अप्रूवल ईमेल भेजा गया, जिसे बाद में रद्द कर दिया गया, इस जानकारी की पुष्टि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) की मीडिया कमेटी ने भी की है।
मामले से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह विवाद उस फैसले के बाद और गहरा गया जब बांग्लादेश ने भारत में अपने ग्रुप मैच खेलने से इनकार कर दिया। बांग्लादेश की ओर से सभी मुकाबले किसी न्यूट्रल वेन्यू, जैसे श्रीलंका, में कराने की मांग रखी गई थी। NDTV से बातचीत में एक ICC अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि बांग्लादेश सरकार की ओर से भारत को “असुरक्षित” बताने वाले बयानों के बाद वीज़ा और मीडिया एक्रिडिटेशन पर सख्त रुख अपनाया गया। हालांकि, ICC की स्वतंत्र सुरक्षा इकाई ने भारत में किसी भी तरह के खतरे की पुष्टि नहीं की थी।
Aajker Patrika के स्पोर्ट्स एडिटर राना अब्बास ने इस फैसले पर नाराज़गी जताते हुए कहा: “1999 से पहले भी बांग्लादेशी पत्रकार ICC इवेंट्स कवर करते रहे हैं। भारत में खेले गए बड़े मैचों तक की रिपोर्टिंग की गई है। लेकिन सभी पत्रकारों को एक साथ बाहर कर देना बेहद चिंताजनक है।” उनका मानना है कि यह फैसला अंतरराष्ट्रीय खेल पत्रकारिता के लिए गलत मिसाल बन सकता है।
ICC की चुप्पी बरकरार - अब तक ICC के मीडिया डिपार्टमेंट ने इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। वहीं, बांग्लादेश के पत्रकार संगठन BSPA और BSJC आगे की रणनीति पर चर्चा कर रहे हैं।
बांग्लादेश के बाद अब पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) का रुख भी चर्चा में है। PCB ने टीम का ऐलान तो कर दिया है, लेकिन टूर्नामेंट में खेलने को लेकर अंतिम पुष्टि अभी नहीं हुई है। PCB चेयरमैन मोहसिन नक़वी ने हाल ही में प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से मुलाकात की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 2 फरवरी तक अंतिम फैसला लिया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेशी पत्रकारों के मामले में ICC का सख्त रवैया पाकिस्तान के लिए भी एक स्पष्ट संदेश हो सकता है।
अगर बांग्लादेश T20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होता है, तो इसका सीधा असर उसके क्रिकेट ढांचे पर पड़ेगा।
USD 27 मिलियन तक ICC फंडिंग में कटौती
कुल राजस्व में 60% तक गिरावट
लगभग $2 मिलियन का जुर्माना
ब्रॉडकास्ट और स्पॉन्सरशिप डील्स पर नकारात्मक असर, PTI की रिपोर्ट के अनुसार, ICC इस पूरे मामले में BCB के खिलाफ कड़ी कार्रवाई पर भी विचार कर सकता है।
T20 वर्ल्ड कप 2026 से जुड़ा यह विवाद अब सिर्फ क्रिकेट तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें राजनीति, सुरक्षा, मीडिया स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट प्रशासन—सभी पहलू शामिल हो चुके हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ICC, बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच यह टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।
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