इस साल जनवरी से अक्टूबर के दौरान भारत के चाय एक्सपोर्ट में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली है। टी बोर्ड के ताज़ा प्रोविजनल आंकड़ों के मुताबिक, भारत का चाय एक्सपोर्ट 6.47% बढ़कर 228.52 मिलियन किलोग्राम पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा 214.64 मिलियन किलोग्राम था।
दक्षिण भारत से शिपमेंट में गिरावट के बावजूद, UAE और इराक जैसे प्रमुख खरीदारों की मजबूत मांग ने एक्सपोर्ट को ऊपर बनाए रखा।
कीमत के हिसाब से चाय एक्सपोर्ट में 18% की बढ़त
जनवरी–अक्टूबर 2025 के दौरान भारत का चाय शिपमेंट ₹6882.91 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले साल के ₹5831.1 करोड़ से लगभग 18% ज़्यादा है।
इसके साथ ही, यूनिट प्राइस रियलाइजेशन में भी 10.87% की वृद्धि देखने को मिली। पिछले साल जहां औसत कीमत ₹271.67 प्रति किलोग्राम थी, वहीं इस साल यह बढ़कर ₹301.20 प्रति किलोग्राम हो गई।
नॉर्थ इंडिया ने संभाला मोर्चा, 19.55% बढ़े शिपमेंट
उत्तर भारत ने इस बार एक्सपोर्ट ग्रोथ की कमान संभाली।
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वॉल्यूम शिपमेंट: पिछले साल के 128.16 मिलियन किग्रा की तुलना में 19.55% बढ़कर 153.22 मिलियन किग्रा
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वैल्यू शिपमेंट: पिछले साल के ₹3907.81 करोड़ के मुकाबले करीब 27% बढ़कर ₹4959.49 करोड़
नॉर्थ इंडिया की यह ग्रोथ पूरे देश के एक्सपोर्ट आंकड़ों को ऊपर खींचने में महत्वपूर्ण साबित हुई।
साउथ इंडिया से शिपमेंट 13% कम, लेकिन वैल्यू स्थिर
दक्षिण भारत में मौसम से जुड़ी चुनौतियों और उत्पादन पर पड़ने वाले असर के चलते शिपमेंट पर दबाव रहा।
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वॉल्यूम गिरकर: 86.48 मिलियन किग्रा से 75.30 मिलियन किग्रा (लगभग 13% कमी)
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वैल्यू: पिछले साल की तरह ₹1923.42 करोड़ पर लगभग स्थिर
वॉल्यूम में कमी के बावजूद वैल्यू का स्थिर रहना दक्षिण भारत की चाय की उच्च गुणवत्ता और बेहतर प्राइस रियलाइजेशन को दर्शाता है।
2024 में भी मजबूत रहा था भारत का चाय एक्सपोर्ट
पिछला साल भी चाय उद्योग के लिए काफी मजबूत रहा था।
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टी शिपमेंट 2024: 256.17 मिलियन किग्रा
(पिछले साल के 231.69 मिलियन किग्रा से 11% ज़्यादा) -
वैल्यू ग्रोथ:
₹6160.86 करोड़ से बढ़कर ₹7167.41 करोड़, यानी 16.34% की बढ़ोतरी
लगातार दो साल से एक्सपोर्ट में स्थिर वृद्धि भारतीय चाय की वैश्विक मांग और प्रतिस्पर्धी गुणवत्ता को दर्शाती है।
2025 में खराब मौसम से उत्पादन प्रभावित
हालांकि एक्सपोर्ट प्रदर्शन मजबूत रहा, लेकिन खराब मौसम ने 2025 में चाय उत्पादन पर असर डाला है।
अक्टूबर 2025 के दौरान भारत का चाय प्रोडक्शन पिछले साल के 205.77 मिलियन किग्रा के मुकाबले 21% घटकर 161.93 मिलियन किग्रा रहा।
यह गिरावट आगे के महीनों में सप्लाई और कीमतों पर प्रभाव डाल सकती है।
UAE और इराक जैसे बाजारों से बढ़ती मांग, बेहतर प्राइस रियलाइजेशन और उत्तर भारत से मजबूत शिपमेंट के चलते भारत का चाय एक्सपोर्ट इस साल भी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।
हालांकि दक्षिण भारत से कम शिपमेंट और 2025 में कमजोर उत्पादन उद्योग के लिए चुनौती बने हुए हैं, लेकिन अब तक के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय चाय वैश्विक स्तर पर अपनी पकड़ बनाए हुए है।
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