भोपाल। मध्य प्रदेश में मार्च की तेज़ गर्मी के बीच अब मौसम (MP Weather) का मिजाज बदलने वाला है। अगले चार दिनों तक राज्य के कई ज़िलों में आंधी और बारिश का दौर चलने का अनुमान है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से उत्तरी और दक्षिण-पूर्वी ज़िलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की चेतावनी जारी की है। हालांकि, इससे कुछ इलाकों में गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे शहरों में फिलहाल गर्मी का असर बना रहने की उम्मीद है।

 

इन ज़िलों में बारिश की संभावना

रविवार को राज्य के कई ज़िलों में बादल छाए रहने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी और बालाघाट में आंधी के साथ हल्की बारिश हो सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 18 मार्च तक पूरे राज्य में रुक-रुककर बादल छाए रहने, गरज-चमक और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

 

तीन दिन का मौसम पूर्वानुमान

 

  • 16 मार्च: बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, मंडला, बालाघाट, डिंडोरी और अनूपपुर में बारिश की संभावना है।
  • 17 मार्च: सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी और अनूपपुर में मौसम का मिजाज अस्थिर रह सकता है।
  • 18 मार्च: ग्वालियर, भिंड, मुरैना और श्योपुर सहित 12 ज़िलों में बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है।
MP Weather
MP Weather

पश्चिमी विक्षोभ के कारण बदलेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और वायुमंडल में बनी एक ट्रफ लाइन के कारण पूरे राज्य में बादलों की हलचल तेज़ हो रही है। 17 मार्च के आसपास उत्तर-पश्चिमी भारत में एक और मौसम प्रणाली सक्रिय होने की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र में मौसम की अस्थिरता बनी रह सकती है।

 

राज्य में गर्मी का असर बरकरार

बारिश के पूर्वानुमान के बावजूद, राज्य के कई हिस्सों में गर्मी का असर अभी भी तेज़ बना हुआ है। शनिवार को नर्मदापुरम राज्य का सबसे गर्म शहर रहा, जहाँ तापमान 40.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खरगोन में भी पारा 39 डिग्री के करीब रहा।

 

प्रमुख शहरों का तापमान

  • भोपाल: 37.2°C
  • इंदौर: 36.6°C
  • उज्जैन: 36.5°C
  • ग्वालियर: 34.1°C
  • जबलपुर: 37.7°C

अप्रैल-मई में गर्मी और बढ़ेगी

मौसम विभाग का अनुमान है कि अप्रैल और मई के दौरान पूरे राज्य में गर्मी की तीव्रता और बढ़ेगी। कई जिलों में तापमान 45°C तक पहुँच सकता है, विशेष रूप से ग्वालियर-चंबल, रीवा, सागर और शहडोल संभागों में।