अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच अब बातचीत और संभावित समझौते को लेकर बड़े संकेत सामने आ रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा है कि अगर ईरान स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज़ को फिर से खोलता है और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत आगे बढ़ाता है, तो अमेरिका “बहुत गंभीर बातचीत” के लिए तैयार है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि दोनों देशों के बीच एक अस्थायी समझौता हो सकता है, जिसमें शुरुआत में सीधे परमाणु हथियारों के मुद्दे को शामिल नहीं किया जाएगा।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत पर क्या बोले Marco Rubio?

Marco Rubio ने न्यूयॉर्क टाइम्स को दिए इंटरव्यू में कहा: आप 72 घंटे में किसी कागज पर परमाणु समझौता तैयार नहीं कर सकते। यह बयान उस समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्षविराम के बाद बातचीत तेज होती दिख रही है।
Donald Trump ने समझौते के लिए कौन सी नई शर्त रखी?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अब ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते में नई शर्त जोड़ दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप चाहते हैं कि मध्य-पूर्व के देश, जिनमें ईरान भी शामिल हो सकता है, Abraham Accords का समर्थन करें और इज़राइल के साथ संबंध सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान और सऊदी अरब जैसे देशों को भी इस प्रक्रिया का समर्थन करना चाहिए।
Hormuz Strait को लेकर ईरान की क्या तैयारी है?

जापानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान अमेरिका के साथ शांति समझौते के करीब 30 दिन बाद Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए तैयार हो सकता है।
क्या है पूरा प्लान?
- पहले युद्धविराम पर सहमति बनेगी
- इसके बाद ईरान समुद्री माइंस हटाएगा
- करीब 30 दिनों में रास्ता पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा
- फिर दुनिया भर के जहाज बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के गुजर सकेंगे बताया जा रहा है कि मौजूदा संघर्षविराम को 60 दिन तक और बढ़ाया जा सकता है ताकि परमाणु कार्यक्रम पर विस्तृत बातचीत हो सके।
अमेरिका ने ईरान में किन ठिकानों पर हमला किया?
इस बीच अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान में कई सैन्य ठिकानों पर कार्रवाई की है। United States Central Command (CENTCOM) के मुताबिक:
- मिसाइल लॉन्च साइट्स को निशाना बनाया गया
- माइंस बिछाने वाले जहाजों पर हमला हुआ
- कार्रवाई “आत्मरक्षा” के तहत की गई, अमेरिकी सेना का दावा है कि यह कदम अपने सैनिकों की सुरक्षा के लिए उठाया गया।
इजराइल-लेबनान सीमा पर भी तनाव
इजराइली सेना के अनुसार,Hezbollahने विस्फोटकों से लैस ड्रोन उत्तरी इजराइल की ओर भेजा, जो सीमा के पास फट गया। हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। हिजबुल्लाह ने दावा किया कि उसने इजराइली सेना को निशाना बनाकर रॉकेट और ड्रोन हमले किए।
ईरान का दावा अमेरिकी ड्रोन मार गिराया
ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने दावा किया है कि उसने ईरानी एयरस्पेस में अमेरिकी MQ-9 ड्रोन को निशाना बनाया। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा: दुश्मन ईरान की सैन्य ताकत देखकर चौंक गया।
गोल्ड और ऑयल मार्केट पर क्या पड़ा असर?
- गोल्ड और ऑयल मार्केट पर असर – मध्य-पूर्व तनाव का असर कमोडिटी मार्केट पर भी साफ दिखाई दे रहा है।
- सोना गिरा – स्पॉट गोल्ड करीब 0.7% गिरकर 4,537 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा
कच्चे तेल में तेजी
- अमेरिका-ईरान तनाव के कारण ऑयल प्राइस बढ़े
- निवेशकों को महंगाई और लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों की चिंता सताने लगी
Benjamin Netanyahu अस्पताल क्यों पहुंचे?

इजराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu को सोमवार देर रात अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनके कार्यालय ने स्पष्ट किया कि वह दांतों के इलाज के लिए अस्पताल गए थे। इसी दौरान नेतन्याहू ने लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की बात भी कही। अमेरिका, ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद बातचीत के रास्ते खुले हुए दिखाई दे रहे हैं। Hormuz Strait को दोबारा खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत की खबरें वैश्विक राजनीति और तेल बाजार दोनों के लिए बेहद अहम मानी जा रही हैं। हालांकि हालात अभी भी बेहद संवेदनशील बने हुए हैं और आने वाले दिनों में मध्य-पूर्व की स्थिति दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार पर बड़ा असर डाल सकती है।













