• Latest
  • Trending
  • All
Herbal Market

Herbal Market: औषधीय और मसाले वाली फ़सलों के लिए देश का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र बना नीमच, जानें कैसे आय बढ़ा रहे किसान?

May 19, 2026
KKR vs MI IPL 2026 मैच 65 का प्रीव्यू: जानें Dream11 प्रेडिक्शन, प्लेइंग XI और पिच रिपोर्ट

KKR vs MI IPL 2026 मैच 65 का प्रीव्यू: जानें Dream11 प्रेडिक्शन, प्लेइंग XI और पिच रिपोर्ट

May 19, 2026
MSP Crop Procurement

MSP Crop Procurement: मंडियों में MSP पर फसल ख़रीदी के दौरान किसानों से नहीं वसूल सकते अतिरिक्त शुल्क, जानें क्या है नियम और निर्धारित चार्ज?

May 19, 2026
Bank Of Baroda Apprentice Recruitment 2026

Bank Of Baroda Apprentice Recruitment 2026: 5000 पदों पर बंपर भर्ती, ₹15,000 महीना, बिना अनुभव मिल रहा है जॉब!

May 19, 2026
Budh Uday

Budh Uday: बुध 23 मई को हो रहे उदय, इन 4 राशियों के लोगों को बना देंगे किंग, जानें कैसी रहेगी जिंदगी?

May 19, 2026
iPhone 18 Pro India Price: सितंबर 2026 में एंट्री मारेगी एप्पल की नई सीरीज, लीक हुई भारत में संभावित कीमत!

iPhone 18 Pro India Price: सितंबर 2026 में एंट्री मारेगी एप्पल की नई सीरीज, लीक हुई भारत में संभावित कीमत!

May 19, 2026
Chandra Gochar

Chandra Gochar: चंद्रमा के राशि बदलने से सिंह समेत 4 राशियों को बल्ले-बल्ले! अपार सफलता दे रही दस्तक, जानें?

May 19, 2026
नौतपा 2026

नौतपा 2026: कब से शुरू होगा भीषण गर्मी का सबसे खतरनाक दौर?

May 19, 2026
नॉर्वे

PM Modi Norway Visit: पीएम मोदी से सवाल पूछकर चर्चा में आईं नॉर्वेजियन पत्रकार, सोशल मीडिया पर छिड़ी प्रेस की आज़ादी की बहस!

May 19, 2026
Kalatmak Yog 2026

Kalatmak Yog 2026: शुक्र-चंद्रमा के मिलन से बना ‘कलात्मक योग’ इन 4 राशियों को कराएगा धनवर्षा, जानें कौन सी हैं वो?

May 19, 2026
AP Assistant Professor 2026

AP Assistant Professor 2026 सरकारी प्रोफेसर बनने का गोल्डन चांस, 1500 पदों पर बंपर भर्ती 1.8 लाख तक सैलरी!

May 19, 2026
MP Mausam

MP में आसमान से बरस रही आग, पारा 46 डिग्री के पार; भोपाल-इंदौर समेत कई शहर लू की चपेट में

May 19, 2026
US Drops Fraud Charges Against Adani

US Drops Fraud Charges Against Adani: अमेरिका ने गौतम अडानी पर लगे धोखाधड़ी के आरोप हटाए, प्रस्तावित 10 अरब डॉलर निवेश योजना के बीच बड़ा फैसला

May 19, 2026
Tuesday, May 19, 2026
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
  • होम
  • एग्रीकल्चर
  • स्पोर्ट्स
    • आईपीएल 2026
  • बिज़नेस
    • Gold And Silver
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • वायरल वीडियो
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • टैकनोलजी
      • गेमिंग
    • जॉब वेकेन्सीस
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • हैल्‍थ
    • इंफोर्मेटिव
    • लाइफस्टाइल
    • धार्मिक
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश
No Result
View All Result
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
No Result
View All Result
Home Agriculture

Herbal Market: औषधीय और मसाले वाली फ़सलों के लिए देश का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र बना नीमच, जानें कैसे आय बढ़ा रहे किसान?

Manohar Pal by Manohar Pal
May 19, 2026
in Agriculture
Herbal Market

Herbal Market

Herbal Market: मध्य प्रदेश का नीमच ज़िला औषधीय और मसाले वाली फ़सलों के लिए देश के सबसे बड़े व्यापारिक केंद्रों में से एक बन गया है। यहाँ स्थित हर्बल बाज़ार भारत में अपनी तरह का एकमात्र बाज़ार है, जहाँ किसी भी औषधीय पौधे का लगभग हर हिस्सा जिसमें फूल, पत्तियाँ, बीज, छाल, जड़ें और यहाँ तक कि काँटे भी शामिल हैं। इन्हें खुली बोली प्रक्रिया के माध्यम से खरीदा जाता है। यहाँ किसानों को अपनी उपज के लिए ₹500 से लेकर ₹200,000 प्रति क्विंटल तक की कीमतें मिलती हैं। यही कारण है कि अब न केवल मध्य प्रदेश, बल्कि गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों के किसान भी अपनी फ़सल लेकर नीमच आ रहे हैं।

 

अप्रैल तक उपज की भारी आवक जारी रहती है

नीमच हर्बल बाज़ार में औषधीय और मसाले वाली फ़सलों की आवक अप्रैल महीने तक अपने चरम पर रहती है। हालाँकि मई के आखिरी हफ़्ते तक आवक धीरे-धीरे कम होने लगती है, फिर भी किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी भी तरह की कोई कठिनाई नहीं होती है। यहाँ लगभग हर तरह की जड़ी-बूटी और मसाले वाली फ़सल का खरीदार मिल जाता है।

मुख्य बाज़ार परिसर के भीतर सोलह बड़े शेड बनाए गए हैं, जहाँ औषधीय और मसाले वाली फ़सलों की 40 से 50 अलग-अलग किस्मों की नीलामी की जाती है। इसे देश में मसालों और हर्बल फ़सलों के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक माना जाता है।

 

औषधीय खेती ने किसानों की किस्मत बदल दी है

नीमच के एक प्रमुख किसान नीलेश पाटीदार, पिछले कुछ वर्षों से औषधीय और मसाले वाली फ़सलों की खेती कर रहे हैं। उनके पास 45 एकड़ ज़मीन है और उनका पूरा परिवार खेती के कामों में सक्रिय रूप से शामिल है। वह बताते हैं कि ईसबगोल (Psyllium husk), ईरानी अकरकरा, चिरायता, अजवाइन (Carom seeds), क्विनोआ, चिया बीज और तुलसी (Holy Basil) के बीज जैसी फ़सलों के लिए उन्हें बहुत अच्छी कीमतें मिल रही हैं। लहसुन की खेती भी एक बहुत ही मुनाफ़े वाला काम साबित हो रही है।

नीलेश पाटीदार आगे कहते हैं कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव लगातार औषधीय फ़सलों की खेती को प्रोत्साहित और बढ़ावा दे रहे हैं। यदि किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण तक बेहतर पहुँच मिल जाए तो यह क्षेत्र उनकी आय को कई गुना बढ़ा सकता है।

 

छोटे किसानों को मिल रहे हैं बड़े फ़ायदे

रतलाम ज़िले के आज़मपुर डोडिया गाँव के किसान प्रह्लाद सिंह बताते हैं कि उन्होंने अश्वगंधा और अकरकरा के बीज बेचकर अच्छा मुनाफ़ा कमाया है। मंडी में बोली समय पर लगती है और पेमेंट भी जल्दी हो जाता है। किसानों को किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं होती।

इसी गाँव के एक और किसान पंचम सिंह बताते हैं कि वे मंडी में अजवाइन और अश्वगंधा लाते हैं और उन्हें तुरंत पेमेंट मिल जाता है। सही तौल, पारदर्शी नीलामी और बेहतरीन मैनेजमेंट की वजह से अब दूर-दराज के इलाकों के किसान भी अपनी फ़सलें यहाँ लाने लगे हैं।

Herbal Market
Herbal Market

लाखों में बिकने वाली फ़सलें बन रही हैं मुख्य आकर्षण

नीमच मंडी में ईसबगोल, अश्वगंधा, कलौंजी, शतावरी, सफ़ेद मूसली, सर्पगंधा, अकरकरा की जड़ें और केसर जैसी औषधीय फ़सलों की माँग हमेशा बनी रहती है। इनमें से कई फ़सलों की कीमतें तो लाखों रुपये प्रति क्विंटल तक पहुँच जाती हैं। यही वजह है कि किसान अब पारंपरिक खेती के तरीकों को छोड़कर तेज़ी से औषधीय पौधों की खेती की ओर रुख कर रहे हैं।

 

मंडी में हैं आधुनिक सुविधाएँ

मंडी सचिव उमेश बासेडिया शर्मा के अनुसार, किसानों के फ़ायदे को ध्यान में रखते हुए समय पर नीलामी, सही तौल और तुरंत पेमेंट सुनिश्चित करने के लिए खास इंतज़ाम किए गए हैं। मंडी का वित्तीय प्रबंधन भी समय के साथ लगातार मज़बूत हुआ है।

साल 2024-25 में मंडी में 64.16 लाख क्विंटल फ़सल की आवक दर्ज की गई, जिसके बाद 2025-26 में यह आँकड़ा बढ़कर 72.40 लाख क्विंटल हो गया। मंडी परिसर लगभग 10.9 हेक्टेयर के इलाके में फैला हुआ है। फ़िलहाल, यहाँ लगभग 1,100 लाइसेंस्ड व्यापारी और 150 से ज़्यादा तौल करने वाले सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
राष्ट्रीय औषधीय पादप बोर्ड ने भी मंडी के इंफ़्रास्ट्रक्चर को मज़बूत बनाने के लिए लगभग 5.5 करोड़ रुपये का अनुदान दिया है। आधुनिक प्रणालियाँ जैसे कि इलेक्ट्रॉनिक तौल और व्यापारियों के गोदामों तक उपज की सीधी डिलीवरी किसानों को काफी राहत पहुँचा रही हैं।

Read Also- मंडियों में MSP पर फसल ख़रीदी के दौरान किसानों से नहीं वसूल सकते अतिरिक्त शुल्क, जानें क्या है नियम और निर्धारित चार्ज?

औषधीय फसलों के उत्पादन में मध्य प्रदेश देश में नंबर 1 बन

मध्य प्रदेश औषधीय फसलों के उत्पादन में देश के अग्रणी राज्य के रूप में उभरा है। राज्य के भीतर, औषधीय फसलों जिनमें इसबगोल, सफेद मूसली, कोलियस की खेती लगभग 46,837 हेक्टेयर क्षेत्र में की जा रही है। वर्ष 2024-25 के दौरान, राज्य ने लगभग 125,000 मीट्रिक टन औषधीय फसलों का उत्पादन किया।
पूरे देश में उत्पादित होने वाली औषधीय फसलों में से लगभग 44 प्रतिशत का योगदान अकेले मध्य प्रदेश का है। राज्य सरकार औषधीय फसलों की खेती के लिए किसानों को 20 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी भी प्रदान कर रही है। राज्य में औषधीय पौधों मुख्य रूप से अश्वगंधा, सफेद मूसली, गिलोय, तुलसी, कोलियस की बड़े पैमाने पर खेती की जा रही है। घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में बढ़ती मांग के चलते इस क्षेत्र में आने वाले समय में किसानों के लिए और भी अधिक लाभदायक साबित होने की अपार संभावनाएं हैं।

Tags: Herbal Marketऔषधीयकिसाननीमचमसाले वाली फ़सल
ADVERTISEMENT
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech

Copyright © 2026 stackumbrella.

Navigate Site

  • About Us
  • Contact Us
  • RSS Feeds
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • एग्रीकल्चर
  • स्पोर्ट्स
    • आईपीएल 2026
  • बिज़नेस
    • Gold And Silver
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • वायरल वीडियो
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • टैकनोलजी
      • गेमिंग
    • जॉब वेकेन्सीस
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • हैल्‍थ
    • इंफोर्मेटिव
    • लाइफस्टाइल
    • धार्मिक
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश

Copyright © 2026 stackumbrella.