इंदौर में आयोजित BRICS कृषि मंत्रियों और अधिकारियों की बैठक में रविवार को सर्वसम्मति से “BRICS इंदौर घोषणा” (BRICS Indore Declaration) को अपनाया गया। इस घोषणा का उद्देश्य खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, जलवायु-अनुकूल कृषि, कृषि व्यापार और डिजिटल कृषि को नई दिशा देना है।
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने कहा कि इस घोषणा के केंद्र में किसान हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह केवल एक दस्तावेज नहीं, बल्कि BRICS देशों की सामूहिक इच्छाशक्ति, साझा जिम्मेदारी और टिकाऊ कृषि विकास के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
किसानों को बनाया गया केंद्र बिंदु
शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि BRICS देशों ने खाद्य सुरक्षा, पोषण, किसानों की आजीविका, कृषि व्यापार, नवाचार, निवेश और जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के लिए किसान-केंद्रित दृष्टिकोण अपनाने पर सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में कृषि क्षेत्र कई चुनौतियों का सामना कर रहा है, ऐसे में किसानों के हितों को प्राथमिकता देना समय की मांग है।
BRICS इंदौर घोषणा की चार प्रमुख प्राथमिकताएं

1. खाद्य सुरक्षा और पौष्टिक आहार
BRICS देशों ने वैश्विक खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने और सभी लोगों तक पौष्टिक भोजन की पहुंच सुनिश्चित करने पर सहमति जताई।
2. कृषि व्यापार और सहयोग को बढ़ावा
सदस्य देशों के बीच कृषि उत्पादों के व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया गया।
3. जलवायु-अनुकूल और टिकाऊ खेती
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture) और टिकाऊ खेती के तरीकों को बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया।
4. कृषि में तकनीक और नवाचार
कृषि क्षेत्र में डिजिटल तकनीक, नवाचार, अनुसंधान और साझेदारी को मजबूत करने पर सहमति बनी।
BRICS के चार बड़े संस्थागत प्रस्ताव
1. Agro-Ecology और Regenerative Agriculture के लिए उत्कृष्टता केंद्र
BRICS देशों के बीच Agro-Ecology और Regenerative Agriculture पर संयुक्त अनुसंधान, अनुभव साझा करने और क्षमता निर्माण के लिए उत्कृष्टता केंद्रों का नेटवर्क स्थापित किया जाएगा। इससे प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा और सदस्य देश एक-दूसरे की सफल कृषि पद्धतियों से सीख सकेंगे।
2. BRICS डिजिटल कृषि नेटवर्क
कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), जियोस्पेशियल टेक्नोलॉजी, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा-आधारित समाधानों को बढ़ावा देने के लिए BRICS Digital Agriculture Network स्थापित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य किसानों तक आधुनिक तकनीक पहुंचाकर उनकी उत्पादकता बढ़ाना है।
3. किसानों के बीज अधिकारों के लिए वैश्विक मंच
Global Forum on Farmers’ Rights in Seed Systems की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है। इस मंच का उद्देश्य किसानों के बीज अधिकारों, पारंपरिक ज्ञान और देशी बीजों की विविधता का संरक्षण करना होगा। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत जैसे देशों में सदियों पुरानी कृषि परंपराएं और स्थानीय बीज हमारी जैव विविधता और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। आधुनिक और हाइब्रिड बीजों के साथ-साथ देशी बीजों का संरक्षण भी आवश्यक है।
4. BRICS AgriN नेटवर्क
BRICS AgriN (Agro Inputs, Genetic Resources and Information Network) कृषि इनपुट, बीज और आनुवंशिक संसाधनों के क्षेत्र में सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाएगा। इस नेटवर्क के माध्यम से विभिन्न देशों में उपलब्ध उन्नत बीज, कृषि संसाधन और तकनीकी जानकारी साझा की जाएगी, जिससे किसानों को बेहतर विकल्प और समाधान मिल सकेंगे।
किसानों को क्या होगा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि BRICS इंदौर घोषणा से किसानों को आधुनिक तकनीक, बेहतर बीज, टिकाऊ कृषि पद्धतियों और वैश्विक बाजारों तक पहुंच का लाभ मिल सकता है। साथ ही, जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए नई कृषि तकनीकों और शोध को बढ़ावा मिलेगा, जिससे कृषि उत्पादन और किसानों की आय में सुधार की संभावना है।



