कभी पाकिस्तान की राजनीति में सबसे ताकतवर चेहरे माने जाने वाले इमरान खान आज जेल की सलाखों के पीछे हैं। लेकिन सवाल अब भी वही है क्या उन्हें सिर्फ राजनीतिक वजहों से हटाया गया, या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय खेल था? हाल ही में सामने आई एक कथित लीक डिप्लोमैटिक केबल ने पाकिस्तान की राजनीति में फिर से भूचाल ला दिया है। इस रिपोर्ट के बाद इमरान खान विदेशी साजिश वाला मुद्दा दोबारा सुर्खियों में है। सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट तक हर जगह एक ही चर्चा हो रही है क्या वाकई अमेरिका और पाकिस्तान की सेना ने मिलकर इमरान खान को सत्ता से बाहर किया? इस पूरे मामले ने सिर्फ पाकिस्तान ही नहीं, बल्कि South Asia की राजनीति और US-Pakistan relations पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे शुरू हुई इमरान खान और अमेरिका के बीच दूरी?
2019 में जब इमरान खान अमेरिका गए थे, तब तस्वीर कुछ और थी। व्हाइट House में उनकी मुलाकात Donald Trump से हुई, दोनों देशों के रिश्तों में गर्मजोशी दिखी। लेकिन Joe Biden के आने के बाद माहौल धीरे-धीरे बदलने लगा।कहा जाता है कि Biden administration ने इमरान खान से दूरी बना ली थी।
फोन कॉल तक नहीं हुआ। इसी बीच Afghanistan से अमेरिकी सेना की वापसी का मुद्दा गर्म था और अमेरिका चाहता था कि पाकिस्तान उसे ड्रोन ऑपरेशन के लिए बेस या एयरस्पेस दे। लेकिन इमरान खान ने साफ शब्दों में मना कर दिया। उनका Absolutely Not वाला बयान आज भी पाकिस्तान में खूब याद किया जाता है। बहुत से लोग मानते हैं कि यहीं से टकराव शुरू हुआ।
CIA चीफ की पाकिस्तान यात्रा और बढ़ता तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक 2021 में CIA Director William Burns पाकिस्तान पहुंचे थे। मकसद था इमरान खान से मुलाकात और Afghanistan के बाद नई रणनीति पर बात करना। लेकिन मुलाकात नहीं हुई। बताया गया कि खान ने साफ कर दिया था कि वो सीधे अमेरिकी राष्ट्रपति से बात करेंगे, किसी और से नहीं।
अमेरिकी सिस्टम में इसे बड़ा diplomatic snub माना गया। यहीं से पाकिस्तान की सेना और इमरान खान के बीच भी सोच का फर्क खुलकर सामने आने लगा। सेना को लगने लगा कि खान की विदेश नीति पाकिस्तान को अलग-थलग कर रही है।
रूस यात्रा ने बदल दिया पूरा खेल
फरवरी 2022… दुनिया Ukraine War की खबरों से हिल चुकी थी। उसी दिन इमरान खान Moscow में Vladimir Putin से हाथ मिला रहे थे। ये तस्वीरें पूरी दुनिया में वायरल हुईं। अमेरिका पहले ही पाकिस्तान को चेतावनी दे चुका था कि ये यात्रा सही समय पर नहीं हो रही है।
लेकिन खान ने नहीं माना। इसके बाद पाकिस्तान ने UN में Russia के खिलाफ वोटिंग से भी दूरी बना ली। यहीं से Washington में नाराजगी और बढ़ गई। कई विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिका को लगने लगा था कि इमरान खान उसकी geopolitical strategy के हिसाब से नहीं चल रहे हैं।
आखिर क्या है वो ‘साइफर’ जिसने सब बदल दिया?
सबसे बड़ा विवाद उस leaked diplomatic cable को लेकर है जिसे Cipher कहा जा रहा है। इस कथित केबल में पाकिस्तान के तत्कालीन राजदूत Asad Majeed Khan और अमेरिकी अधिकारी Donald Lu के बीच हुई बातचीत दर्ज की जाती है। रिपोर्ट के मुताबिक Donald Lu ने कहा था कि अगर इमरान खान के खिलाफ no-confidence vote सफल हो जाता है तो all will be forgiven.

यही लाइन अब पूरे विवाद का केंद्र बन चुकी है। PTI समर्थकों का कहना है कि ये साफ इशारा था कि अगर खान हटेंगे तो अमेरिका-पाकिस्तान रिश्ते फिर बेहतर हो जाएंगे। वहीं अमेरिका लगातार इन आरोपों से इनकार करता आया है। सच क्या है, ये शायद आने वाले समय में और साफ होगा। लेकिन इस लाइन ने पाकिस्तान की राजनीति में आग जरूर लगा दी।
पाकिस्तान की सेना पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
इमरान खान शुरू से आरोप लगाते रहे कि पाकिस्तान की सेना ने विपक्षी पार्टियों के साथ मिलकर उनकी सरकार गिराई। Drop Site की रिपोर्ट में दावा किया गया कि सेना ने खान से अलग अपनी diplomatic लाइन बनाने की शुरुआत कर दी थी। यहां तक कि Washington में lobbying तक करवाई गई।
खान हटने के बाद पाकिस्तान की विदेश नीति में अचानक बदलाव भी देखने को मिला। अमेरिका के साथ रिश्ते सुधरने लगे, IMF deal आगे बढ़ी और Ukraine conflict में indirect support की बातें सामने आईं। इसी वजह से Pakistan Army और Asim Munir का नाम लगातार चर्चा में बना हुआ है।
जेल में हैं इमरान खान, लेकिन कहानी खत्म नहीं हुई
इमरान खान आज कई मामलों में जेल में बंद हैं। भ्रष्टाचार, राष्ट्रीय सुरक्षा और अवमानना जैसे केस उन पर चल रहे हैं। लेकिन पाकिस्तान में उनकी लोकप्रियता अब भी खत्म नहीं हुई है। उनके समर्थक मानते हैं कि खान को राजनीतिक तौर पर खत्म करने की कोशिश हुई है।
वहीं विरोधियों का कहना है कि कानून ने अपना काम किया। दिलचस्प बात ये है कि जेल में रहने के बावजूद Khan लगातार पाकिस्तान की राजनीति के केंद्र में बने हुए हैं। उनके बेटे ने हाल ही में कहा कि वो टूटे नहीं हैं। शायद यही वजह है कि हर नई लीक, हर नया खुलासा फिर उसी सवाल पर आकर रुक जाता है क्या इमरान खान सिर्फ एक पूर्व प्रधानमंत्री हैं, या फिर एक बड़े global power game का हिस्सा?
इमरान खान का मामला अब सिर्फ पाकिस्तान की घरेलू राजनीति तक सीमित नहीं रह गया है। इसमें अमेरिका, रूस, चीन, पाकिस्तान सेना और global diplomacy सब एक साथ जुड़ चुके हैं। लीक हुए साइफर ने कई पुराने सवाल फिर जिंदा कर दिए हैं। हालांकि अभी तक किसी भी पक्ष ने इन आरोपों को आधिकारिक तौर पर साबित नहीं माना, लेकिन जनता के बीच शक और बहस दोनों तेज हो चुके हैं। सच्चाई चाहे जो भी हो, एक बात साफ है पाकिस्तान की राजनीति में पर्दे के पीछे बहुत कुछ ऐसा चलता है जो जनता को काफी देर बाद पता चलता है। और शायद यही इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा सच है।













