एक मजबूत याददाश्त यानि अच्छी ब्रेन पॉवर आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। चाहे आप छात्र हों या खिलाड़ी जीवन के किसी भी पड़ाव में, मानसिक रूप से तेज रहना बहुत जरूरी है। लेकिन सबके मन में ये सवाल रहता है कि क्या वास्तव में याददाश्त में सुधार करना संभव है?

एक मजबूत याददाश्त यानि अच्छी ब्रेन पॉवर आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर निर्भर करती है। चाहे आप छात्र हों या खिलाड़ी जीवन के किसी भी पड़ाव में, मानसिक रूप से तेज रहना बहुत जरूरी है। लेकिन सबके मन में ये सवाल रहता है कि क्या वास्तव में याददाश्त में सुधार करना संभव है?
वैज्ञानिक शोध की माने तों सौभाग्य से, ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो याददाश्त को बेहतर बनाने में मदद के लिए कर सकती हैं यानि ब्रेन पॉवर को बढ़ाया जा सकता है। आइए नजर डालतें हैं उन तरीकों के बारे में जो ब्रेन पावॅर बढ़ाने के लिए कारगर बताए गए हैं।

कई शौध और परिणामों से पता चला कि एक मेडिटेशन करने वालों का दिमाग ज्यादा संतुलित और बेहतर होता उन लोगों की तुलना में जो किसी भी प्रकार की एक्सरसाइज या मेडिटेशन नहीं करते। व्यायाम न केवल आपके मस्तिष्क के स्वास्थ्य और अनुभूति को लाभ पहुंचाता है, बल्कि यह आपकी याददाश्त में भी सुधार कर सकता है। इसलिए अपनी डेली लाइफ में लगभग 30 मिनट के लिए मेडिटेशन या एक्सरसाइज जरूर जोड़ें।

शरीर के साथ साथ दिमाग को भी स्वस्थ रखना चाहते हैं तो सुबह का नाश्ता छोड़ने की गलती ना करें। अध्ययनों ने नाश्ते को बेहतर याद्दाश्त के साथ जोड़ा गया है यानि जो लोग नाश्ता करते हैं उनका दिगाम ज्यादा संतुलित रहता है। इसलिए सुबह की शुरुआत हेल्दी ब्रेकफास्ट से करें जिसमें स्वस्थ पोषक तत्व उपलब्ध हों।
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ब्रेन गेम्स भी दिगाम की याददाश्त को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। याददाश्त को बढ़ाने का यह एक मजेदार और प्रभावी तरीका है। मेमोरी को मजबूत करने के लिए आप शतरंज, पहेली हल करना, क्रॉसवर्ड आदि गेम खेल सकते हैं।

हेल्थलाइन की एक रिपोर्ट के मुताबिक ओमेगा -3 फैटी एसिड दिमाग के विकास के लिए एक अच्छा और जरूरी पोषक तत्व माना गया है। यह पोषक तत्व याद्दाश्त में सुधार करने के साथ साथ हृदय रोग के जोखिम और सूजन को कम करने, तनाव और चिंता को दूर करने के लिए भी जरूरी है। मछली का तेल में ओमेगा-3 फैटी एसिड ईकोसापेंटेनोइक एसिड (ईपीए) और डोकोसाहेक्सैनोइक एसिड (डीएचए) से भरपूर होता है। वहीं कई अध्ययनों से पता चला है कि मछली और मछली के तेल की खुराक लेने से याददाश्त में सुधार हो सकता है। आप चाहें तो इस कैप्शूल के तौर पर भी ले सकते हैं लेकिन इससे अपने अपने डॉक्टर से परामर्श करें।

नींद का पूरा न होना भी खराब याददाश्त से जुड़ा हुआ है.ब्रेन पावर बढ़ाने के लिए और बबेहतर याददाश्त के लिए नींद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कई शोध ये बताते हैं कि कि अगर आप भरपूर नींद नहीं लेते तो तो आपकी याददाश्त पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए 7 से 8 घंटे की पर्याप्त नींद लें।