गर्मी का मौसम आते ही हम मार्केट में आम की तलाश में लग जाते हैं। फलों का राजा आम स्वाद में भी राजा होता है। इसका स्वाद सारे फलों में सबसे अलग होता है। दुनिया में सबसे ज्यादा Mangoes भारत में खाए जाते हैं। और साथ ही 1500 से ज्यादा Mangoes Variety भारत में उगाई जाती है। आपको भारत में हर दो घर छोड़कर आम का पेड़ यानि Mango tree जरूर मिलेगा।
A. आम की 15 प्रजातियाँ

भारत के अलग-अलग हिस्सों में आम की लगभग 15 तरह की प्रजातियाँ पाई जाती है। वहीं इन आमों का रंग भी एक दूसरे अलग होता है। दक्षिण भारत में आम की कई सारी वैराइटी होती है। तो वहीं महाराष्ट्रा से लेकर उत्तर भारत में चौसा, लंगड़ा जैसे मशहूर आम मिलते हैं। तो चलिए जानें भारत में Mangoes की कितनी वैराइटीस होती हैं। जिनके नाम और स्वाद भी अलग होते हैं, जिन्हें शायद आप भी खाना पसंद करते है।
B. Types of Mangoes in India
1. दशहरी आम (Dasheri Mangoes)- लखनऊ और मलिहाबाद, उत्तर प्रदेश

- नवाबों का शहर लखनऊ आमों के लिए भी काफी मशहूर है यह साइज़ में मीडीअम और थोड़ा लंबा होता है। बिना कार्बाइड या मसाले से पके दशहरी आम का रंग हरा होता है। कैल्शियम कार्बाइड या अन्य किसी रसायन से पके दशहरी आम का रंग हरा और पीला मिक्स होता है।
- लखनऊ के आस-पास के शहरों में और उत्तर भारत के आम उत्पादन क्षेत्र के व्यापक के रूप मे जाना जाता है। मई के मध्य माह से अगस्त के अंत तक दशहरी आम पूरे भारत में सप्लाइ किया जाता है। अन्य आम की किस्मों से दशहरी के छिलके हरे और स्वाद में बहुत ही स्वादिष्ट होता है जिस वजह इसे आसानी से पहचाना जा सकता है।
2. अल्फांसो आम (Alphanso Mangoes)- रत्नागिरी, महाराष्ट्र

- जुलाई माह के मध्य में उपलब्ध होने वाला अल्फांसो आम को भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पसंद किया जाता है। Alphanso Mangoes को आमों किस्मों का राजा कहा जाता है। इसे मुख्य रूप से महाराष्ट्र में पाया है। Alphanso Mangoes को अलग-अलग शहरों में अलग-अलग नामों से बुलाया जाता है।
- Alphanso Mangoes का स्वाद सारे आमों से बिल्कुल अलग और बेहद ही स्वादिष्ट होता है इसलिए भी यह आमों में सब का राजा कहलाता है। महाराष्ट्र में रत्नागिरी और इसके पड़ोसी क्षेत्र जो अल्फांसो आमों के लिए व्यापक रूप से प्रसिद्ध है, इन्हे आम-प्रेमियों के लिए बेहतरीन और विशिष्ट आकर्षण के केंद्रों में से एक माना जाता है। महाराष्ट्र में इसे हापुस नाम से भी जाना जाता है, जो की एक सबसे महंगा तथा सबसे मीठा आम माना जाता है।
3. बादामी आम (Badami Mangoes)-उत्तरी कर्नाटक

- कर्नाटक में पाए जाने वाला बादामी आम कर्नाटक के साथ साथ पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसका हल्का हर और बादामी रंग इसे बेहद सुंदर बनाता है। इनके स्वादिष्ट स्वाद का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बादामी आम को पड़ोसी इलाकों में कर्नाटक-अल्फांसो भी कहा जाता है। ये आमतौर पर मई से जुलाई तक उपलब्ध होते हैं।
- यह आम मुख्य रूप से कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सहित भारत के दक्षिणी राज्यों में उगाए जाते हैं। इस आम की लोकप्रियता को देखते हुए Badami Mangoes को अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और मध्य पूर्व सहित अन्य देशों में भी निर्यात किया जाता है। बादामी आम एक स्वादिष्ट और अत्यधिक मांग वाली किस्म है जो अपने अनोखे स्वाद और बनावट के लिए पसंद की जाती है।
4. तोतापुरी आम (Totapuri Mangoes)- बैंगलोर, कर्नाटक

तोतपुरी आम बैंगलोर और कर्नाटक दोनों राज्यों में पाए जाते है। इसका आकार पूरी तरह से तोते की तरह होता है और जब यह आम छोटा होता है तब यह पूरी तरह से तोते के आकार सा दिखता है। इस आम का स्वाद अन्य आम से काफी अलग होता है। यह मीठा नहीं होता है लेकिन सलाद और अचार के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है।
यह आम कच्चा या अध्पका खाने में ज्यादा स्वादिष्ट लगता है। भारत के इलेक्ट्रॉनिक शहर बैंगलोर में इसे बंगलोरा (Banglora) या संदेरशा (Sandresha)आम के नाम से भी जाना जाता है। यह आम मई से जुलाई तक उपलब्ध रहता है और पूरे देश में इसकी विशिष्ट खुशबू के कारण यह सबसे अलग किस्म का आम माना जाता है।
5. लंगड़ा आम (Langra Mangoes)- वाराणसी, उत्तर प्रदेश

- लंगड़ा आम भारत के उत्तर प्रदेश के वाराणसी और बिहार में पाए जाने वाला बहुत लोकप्रिय आमों मे से एक है। इस Mango को भारत में सबसे ज्यादा पसंद और खाया जाता है। यह एक मीडीअम अंडाकार का आम है और यह हरे रंग का होता है। आप इसे ज्यादा दिन घर में नहीं रख सकते क्योंकि इसके खराब होने का अवसर बड़ जाते हैं।
- अगर इसके नाम की बात करें कि इसे लंगड़ा आम क्यों कहा जाता है तो इसका यह कारण है कि इसकी खेती सबसे पहले बिना पैर वाले एक आदमी द्वारा की गई थी। जयोंकि उस आदमी के पर नहीं थे और वह लंगड़ा था इसलिए इसे लंगड़ा आम कहा जाता है।
6. सिंदूरी आम (Sinduri Mangoes)- आंध्र प्रदेश

- यह आम आंध्र प्रदेश में पैदा होता है और यह मध्यम आकार का अंडाकार आकार जैसा दिखाई देता है। सिंधूरा आम हल्की मिठास के साथ ही खटास लिए होता है। जिसकी अपनी एक खास महक और स्वाद होता है। जो जुबां पर लंबे समय तक बना रहता है। अगर आप शेक या पल्प बनाना चाहते हैं।
- सिंधूरा आम इसके लिए बेस्ट होता है। सिंधूरा आम बाहर से लाल रंग का होता है। जबकि अंदर से सुर्ख पीले रंग के होते हैं। आप इसे अप्रैल या मई में खरीद सकते हैं और इसकी कीमत करीब 100 से 120 रुपये प्रति किलोग्राम तक होती है।
7. हिमसागर आम (Himsagar Mangoes)- पश्चिम बंगाल

- आमों मे सबसे छोटे आकार का यह आम उड़ीसा और पश्चिम बंगाल में मिलते हैं। हिमसागर का स्वाद बेहद मीठा होता है जो शेक और मिठाई बनाने में उपयोग किया जाता है।
- हिमसागर बाहर से हरे रंग का और अंदर से इसका पल्प पीला होता है। इस मध्यम आकार की किस्म का वजन 250-350 ग्राम के बीच होता है और इसका पल्प मलाईदार स्मूद होता है जो डेसर्ट बनाने के लिए काफी अच्छा होता है।
केसर आम – जूनागढ़, गुजरात

- केसर आम मुख्य रूप से गुजरात के गिर क्षेत्र और जूनागढ़ में पाए जाते हैं। इनका रंग केसर (Saffron) के सुनहरे-पीले रंग जैसा होता है, और इसी वजह से इनका नाम केसर आम पड़ा है। ये आम अपनी मीठी खुशबू और गाढ़े, रसीले गूदे के लिए बहुत मशहूर हैं।
- केसर आम का स्वाद बहुत ही मीठा और रसीला होता है; इसलिए, इनका इस्तेमाल *आम्रस* (आम का गूदा), शेक और कई तरह की मिठाइयाँ बनाने में बड़े पैमाने पर किया जाता है। ये आम मई और जून के महीनों में बाज़ार में आसानी से मिल जाते हैं। गुजरात की यह किस्म न केवल देश के भीतर, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी बहुत पसंद की जाती है।
चौसा आम – बिहार और उत्तर प्रदेश

- चौसा आम, उत्तर प्रदेश और बिहार से आने वाली आम की सबसे मशहूर किस्मों में से एक है। इसकी पहचान इसके बड़े आकार और हल्के पीले रंग से होती है। ये आम इतने ज़्यादा रसीले होते हैं कि इन्हें खाते समय अक्सर इनका रस टपकने लगता है।
- चौसा आम का स्वाद बहुत मीठा होता है और इसमें फाइबर (रेशा) की मात्रा बहुत कम होती है। इसी वजह से, ये हर उम्र के लोगों—बच्चों और बड़ों, दोनों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। ये आम जून से अगस्त तक बाज़ार में उपलब्ध रहते हैं और पूरे उत्तर भारत में इनकी बहुत ज़्यादा माँग रहती है।
नीलम आम – तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश
- नीलम आम, दक्षिण भारत से आने वाली आम की एक बेहद लोकप्रिय किस्म है। इसका आकार छोटा से मध्यम होता है, और इसमें एक अनोखी, तेज़ और मनमोहक खुशबू होती है। स्वाद के मामले में, ये आम मीठे होते हैं, जिनमें हल्की सी खटास भी होती है।
- नीलम आम की एक अनोखी खासियत यह है कि यह आम की दूसरी ज़्यादातर किस्मों के मुकाबले देर से पकता है; नतीजतन, यह जुलाई से अगस्त तक बाज़ार में उपलब्ध रहता है। इसका गूदा नरम और रसीला होता है, जो इसे जूस, आइसक्रीम और कई तरह की मीठी चीज़ें बनाने के लिए एक बेहतरीन सामग्री बनाता है।
C. Different Types Of Indian Mangoes
S.No. | Types of Mangoes | Cities |
| 1. | अल्फांसो आम (हापुस) | रत्नागिरी, महाराष्ट्र |
| 2. | केसर आम | जूनागढ़, गुजरात |
| 3. | दशहरी आम | लखनऊ और मलिहाबाद, उत्तर प्रदेश |
| 4. | हिमसागर एंड किशन भोग आम | मुर्शिदाबाद, वेस्ट बंगाल |
| 5. | चौसा आम | हरदोई, उत्तर प्रदेश |
| 6. | बादामी आम | उत्तरी कर्नाटक |
| 7. | सफेदा आम | आंध्र प्रदेश |
| 8. | लंगड़ा आम | वाराणसी, उत्तर प्रदेश |
| 9. | तोतापुरी आम | बैंगलोर, कर्नाटक |
| 10. | नीलम आम | आंध्र प्रदेश |
| 11. | रसपुरी आम | कर्नाटक |
| 12. | बॉम्बे ग्रीन आम | पंजाब |
| 13. | मालगोआ/मुल्गोबा आम | सेलम, तमिलनाडु |
| 14. | लक्ष्मणभोग आम | पश्चिम बंगाल |
यह थे आमों की कुछ देशभर की लोकप्रिय किस्म जिनमें से अपने भी खाई होंगी और अगर नहीं खाई तो इस गर्मी आप इस तरह की Mango Variety को जरूर खरीदे और आमों के नए स्वाद के साथ नया अनुभव भी जरूर ले। इनके अलावा और भी आमों की किस्में आप ऊपर टेबल में देख सकते हैं।



