महाराष्ट्र में इन दिनों स्वयंभू बाबा Ashok Kharat से जुड़ा मामला तेजी से पकड़ता जा रहा है। शुरुआत में यह मामला सिर्फ ठगी और धोखाधड़ी तक सीमित माना जा रहा था, लेकिन अब इसमें राजनीति, पुलिस प्रशासन और कथित बड़े नेटवर्क के एंगल जुड़ने से यह और गंभीर हो गया है।
रूपाली चाकणकर ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
Rupali Chakankar, जो Nationalist Congress Party की नेता और महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रह चुकी हैं, ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने साफ कहा कि उनके और उनके परिवार के खिलाफ पिछले कई दिनों से जो आरोप लगाए जा रहे हैं, वे पूरी तरह मनगढ़ंत और उनकी छवि खराब करने की साजिश हैं। Rupali Chakankar ने यह भी सवाल उठाया कि अब तक कोई ठोस सबूत सामने क्यों नहीं आया है।

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जांच एजेंसियां एक्टिव, कई एंगल से हो रही पड़ताल
इस मामले में पुलिस के साथ-साथ ED भी सक्रिय हो गई है। मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच करते हुए ED ने खरात से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की है। बताया जा रहा है कि इस दौरान करोड़ों की संपत्ति, नकदी और बैंक खातों से जुड़े अहम दस्तावेज बरामद हुए हैं। वहीं पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या चाकणकर के परिवार के किसी सदस्य के बैंक खातों का इस्तेमाल संदिग्ध लेन-देन में हुआ था।
अंजलि दमानिया के खुलासों से मचा हड़कंप

इस केस ने नया मोड़ तब लिया जब सामाजिक कार्यकर्ता Anjali Damania ने कुछ वीडियो और तस्वीरें सार्वजनिक कीं। उन्होंने Datta Karale पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वह अशोक खरात के कार्यक्रम में शामिल हुए थे और वहां भाषण भी दिया था। दमानिया ने यह भी आरोप लगाया कि खरात और पुलिस अधिकारी के बीच कई बार फोन पर बातचीत हुई है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तर पर जांच होनी चाहिए।
करोड़ों की संपत्ति और लग्जरी लाइफ का खुलासा
ED की छापेमारी में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुणे से लाखों रुपये नकद बरामद किए गए, जबकि खरात के बैंक खातों में जमा करोड़ों रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं। इसके अलावा एक लग्जरी Mercedes-Benz कार और करीब 10 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। नासिक, शिरडी और पुणे में कई ठिकानों पर घंटों तक तलाशी अभियान चलाया गया, जिससे इस नेटवर्क की गहराई का अंदाजा लगाया जा सकता है।
त्र्यंबकेश्वर मंदिर में भी बड़ा खुलासा
इसी बीच Trimbakeshwar Temple से जुड़ा एक अलग मामला भी सामने आया है। यहां दर्शन के नाम पर श्रद्धालुओं से अवैध वसूली की जा रही थी। पुलिस ने इस मामले में मंदिर के ट्रस्टी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि श्रद्धालुओं से 3,000 रुपये तक वसूले जा रहे थे। इस कार्रवाई ने धार्मिक स्थलों पर हो रही कालाबाजारी पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

















