महाराष्ट्र के नासिक से शुरू हुआ कथित ढोंगी बाबा और ज्योतिषी अशोक खरात (Ashok Kharat Case) का मामला अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। पहले स्थानीय पुलिस की कार्रवाई, फिर स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन और अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ताबड़तोड़ एंट्री ने इस केस को एक बड़े आर्थिक और आपराधिक घोटाले में बदल दिया है।

इंटरनेट पर लोग लगातार “Ashok Kharat MMS secret video”, “ED Raids Pune Nashik Shirdi” जैसे कीवर्ड्स सर्च कर रहे हैं। आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद, वायरल वीडियो और मनी लॉन्ड्रिंग स्कैंडल के पीछे का पूरा सच क्या है।

कौन है अशोक खरात और क्यों हुआ गिरफ्तार?

ashok kharat

अशोक खरात नासिक का एक स्वघोषित बाबा और ज्योतिषी (Astrologer) है, जो लोगों को उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक समस्याओं को हल करने का दावा करता था।

  • गिरफ्तारी: मार्च 2026 में नासिक पुलिस ने अशोक खरात को एक महिला की शिकायत के बाद गिरफ्तार किया था। महिला का आरोप था कि खरात ने “दैवीय शक्तियों” का डर दिखाकर और अंधविश्वास के जाल में फंसाकर कई सालों तक उसका यौन शोषण किया।

  • SIT का गठन: मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन किया। खरात के खिलाफ अब तक बलात्कार, जबरन वसूली (Extortion), धोखाधड़ी और अंधविश्वास फैलाने के तहत कई FIR दर्ज हो चुकी हैं।

‘Ashok Kharat MMS Secret Video’ और ‘Whistleblower’ का एंगल क्या है?

सोशल मीडिया और इंटरनेट पर “Ashok Kharat Secret Video” या “MMS लीक” के नाम से कई चीजें सर्च की जा रही हैं। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब खरात के ही एक पूर्व स्टाफ मेंबर (जो बाद में व्हिसलब्लोअर बना) ने उसके केबिन और फार्महाउस पर छिपे हुए कैमरे (Hidden Cameras) लगा दिए।

जांच के मुताबिक: इन कैमरों में कथित तौर पर कई महिलाओं के साथ धोखाधड़ी और शोषण के सबूत रिकॉर्ड हुए। पुलिस और SIT ने जांच के दौरान कई वीडियो क्लिप्स बरामद किए हैं, जिन्हें कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जा रहा है। इसी खुलासे के बाद से इंटरनेट पर “Secret Video” ट्रेंड होने लगा।

ED की एंट्री: पुणे, नासिक और शिरडी में छापेमारी

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यह मामला सिर्फ यौन शोषण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें हजारों करोड़ रुपये के वित्तीय फ्रॉड (Financial Fraud) का एंगल भी सामने आया है। यही वजह है कि केंद्रीय एजेंसी ED (Enforcement Directorate) ने इस केस को अपने हाथ में लिया और Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के तहत मुकदमा दर्ज किया।

ED ने अशोक खरात, उसके चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) प्रकाश पोफले, उसके रिश्तेदारों और कुछ सहकारी साख समितियों (Cooperative Credit Societies) से जुड़े ठिकानों पर बड़े पैमाने पर छापेमारी की:

  • नासिक (Nashik): खरात का होमटाउन, जहां उसके मुख्य ठिकानों और बैंक खातों की जांच की गई।

  • पुणे (Pune) और शिरडी (Shirdi): शिरडी में खरात की पत्नी के नाम पर 4 एकड़ जमीन समेत पुणे और कोपरगांव में करोड़ों की बेनामी संपत्तियों और जमीनों का पता चला है।

छापेमारी में अब तक क्या मिला?

  • शुरुआती छापों में ED ने ₹42 लाख कैश जब्त किया और करीब ₹2.4 करोड़ की संपत्ति को फ्रीज किया।

  • जांच में सामने आया कि खरात ने दूसरों के नाम पर फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे, लेकिन उन खातों में अपना मोबाइल नंबर लिंक कर रखा था ताकि पूरा कंट्रोल उसके पास रहे।

  • वह साधारण चीजों को “चमत्कारी या सिद्ध की हुई वस्तुएं” बताकर लोगों को महंगे दामों पर बेचता था और उस काली कमाई को अपने CA के जरिए रियल एस्टेट (जमीनों) में इन्वेस्ट करता था।

निष्कर्ष

अशोक खरात का यह मामला आस्था के नाम पर मासूम लोगों को ठगने और उनका शोषण करने का एक भयानक उदाहरण है। जहां एक तरफ SIT उसके आपराधिक और शोषण के मामलों की गहराई से जांच कर रही है, वहीं दूसरी तरफ ED उसके करोड़ों रुपये के बेनामी साम्राज्य और मनी लॉन्ड्रिंग के नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। कानून व्यवस्था इस मामले में कड़ी कार्रवाई कर रही है और आरोपी फिलहाल जेल में है।