Turkey earthquake। प्लास्टिक के काले बैग में बंद लाशों का ढेर, टेबल पर अपनों का शव रखकर जनाजे की नमाज पढ़ते लोग और कड़ाके की ठंड में जेसीबी की मदद से कब्र खोदते कर्मचारी... ये दृश्य है तुर्की के कहरामनमारस शहर का। तुर्की में आए भूकंप (Turkey earthquake...
Turkey earthquake। प्लास्टिक के काले बैग में बंद लाशों का ढेर, टेबल पर अपनों का शव रखकर जनाजे की नमाज पढ़ते लोग और कड़ाके की ठंड में जेसीबी की मदद से कब्र खोदते कर्मचारी... ये दृश्य है तुर्की के कहरामनमारस शहर का।
तुर्की में आए भूकंप (Turkey earthquake) ने यहां ऐसी तांडव किया है कि चारों ओर लाशों का ढेर लग चुका है। कुछ समय पहले जहां सड़कों पर चहलपहल हुआ करती थी, वहां अब सिर्फ लाशों को समेटते बुलडोजर और मलवा समेटते राहत बचाव दल की टीमें नजर आ रही हैं।
जंंगल काटकर बनाया कब्रिस्तान (Turkey earthquake)
इन लाशों को दफनाने के लिए यहां जंगल का एक हिस्सा काटकर सामूहिक कब्रिस्तान बनाया गया है। लोग बदहवास होकर भूकंप के बाद, लापता रिश्तेदारों की खोज करने के लिए कब्रिस्तान के पास आ रहे हैं।
मलबा हटाने पर जो भी शव मिल रहे हैं, उन्हें इस कब्रिस्तान (Turkey earthquake) के पास ही लाया जा रहा है। अब तक 5 हजार शवों को शिनाख्त के बाद दफनाया जा चुका है। परिजनों को ढूंढते हुए लोगों के आने का सिलसिला जारी है।
कब्रों के लिए मारामारी (Turkey earthquake)
लोग यहां आते हैं और काले प्लास्टिक के बैग में बंद लाशों को खोलकर पहचान करने लगते हैं। जिन लोगों को कोई अपना मिल जाता, वे उसके बाद अपने परिजन के लिए कब्र का इंतजाम को लेकर यहां-वहां दौड़भाग शुरू कर देते हैं।
[caption id="attachment_20156" align="alignnone" width="1200"]

Credit: Google[/caption]
दरअसल, यहां इतनी तादात में लाशों के आने का सिलसिला जारी है कि जंगल काटकर सामूहिक कब्रिस्तान बनाने के बाद भी लोगों को कब्रों के लिए मारामारी करनी पड़ रही है।
जेसीबी दिन-रात चल रही (Turkey earthquake)
नया कब्रस्तान (Turkey earthquake) बनाने के लिए सरकार ने बड़ी-बड़ी जेसीबी मशीनें लगवा दी हैं, जो दिन-रात जंगल साफ कर मिट्टी खोदने के काम में लगी हुई हैं। इस जगह पर एंबुलेंस का आना-जाना लगा हुआ है, जो हर बार कई शवों को भरकर लाती है।
[caption id="attachment_20144" align="alignnone" width="1600"]

Credit: Google[/caption]
यहां उपस्थित लोगों का कहना हैं कि मकबरे बनाने के लिए जरूरी चीजें नहीं हैं। एक छोटी सी लकड़ी पर काले रंग के स्केच पेन से वे रिश्तेदारों की कब्रों का नंबर और उनका नाम लिख रहे हैं।
भूमध्यसागरीय क्षेत्र में बसा है शहर (Turkey earthquake)
तुर्की के जिस कहारनमारास शहर की हम बात कर रहे हैं, वह भूमध्यसागरीय क्षेत्र में बसा एक अहम शहर है। यह कहारनमारास प्रांत का प्रशासनिक केंद्र भी है।
1973 से पहले इसे आधिकारिक तौर पर मारस नाम के तौर पर जानते थे, हालांकि बाद में इसमें कहरामन शब्द जोड़ दिया गया, जिसका फारसी में अर्थ हीरो होता है। (Turkey earthquake)
भूकंप से अब तक तुर्की और सीरिया में 34 हजार से ज्यादा लोग अपनी जान गवां चुके है। लाशों के निकलने का क्रम जारी है। कई ऐसी इमारते हैं, ढहने के बाद जिनका मलबा अब तक नहीं हटा जा सका है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी (Turkey earthquake)
रेस्क्यू ऑपरेशन युध्द स्तर पर जारी है। लेकिन सभी इमारतों का मलबा हटाने में अभी कुछ दिन और लग सकते हैं। ऐसा सोचा जा रहा है कि मौत का आंकड़ा इससे कहीं अधिक हो सकता है।
बता दें कि तुर्की में भूकंप के झटके 6 फरवरी को महसूस किए गए थे। पहला झटका सुबह 4.17 बजे आया था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 7.8 मैग्नीट्यूड थी। भूकंप का केंद्र दक्षिणी तुर्की का गाजियांटेप था।
[caption id="attachment_20155" align="alignnone" width="1200"]

Credit: Google[/caption]
इससे पहले कि लोग इससे संभल पाते कुछ देर बाद ही भूकंप का एक और झटका आया, रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 6.4 मैग्नीट्यूड थी। भूकंप के झटकों का दौर यहीं नहीं रुका। इसके बाद 6.5 तीव्रता का एक और झटका लगा।
भूकंप के इन झटकों ने मालाटया, सनलीउर्फा, ओस्मानिए और दियारबाकिर सहित 11 प्रांतों में तबाही मचा दी। शाम 4 बजे भूकंप का एक और यानी चौथा झटका (Turkey earthquake) आया। इस झटके ने ही सबसे ज्यादा तबाही मचाई। इससे ठीक डेढ़ घंटे बाद शाम को पांचवा झटका आया था।
Also Read:
UFC 284 Results: Islam Makhachev Defeats Alexander Volkanovski
वर्ल्ड बैंक ने दी मदद (Turkey earthquake)
भूकंप की (Turkey earthquake) मार झेल रहे तुर्की और सीरिया की मदद के लिए कई देश आगे आए हैं। भारत ने मेडिकल टीम के साथ ही NDRF की टीमोंकोभी तुर्की पहुंचा दिया है।
[caption id="attachment_20148" align="alignnone" width="1200"]

Credit: Google[/caption]
वर्ल्ड बैंक ने तुर्की को 1.78 बिलियन डॉलर देने की घोषणा की है। वहीं, अमेरिका ने तुर्की और सीरिया की मदद के लिए 85 मिलियन डॉलर की आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
ये भी पढ़ें-
Organic Farming क्या है? यहां जानें इसके फायदे और तरीकों के बारे में