टोक्‍यो ओलिंपिक में दूसरे नंबर पर रहकर इतिहास रचने की कगार पर खेल रही भारतीय गोल्फर अदिति अशोक  शुक्रवार को कांस्य पदक से चूक गयीं और वह चौथे नंबर पर रहीं लेकिन गोल्‍फ में भारत का नाम रोशन करने वाली अदिति की इस प्रतिभा के लिए पूरे देश द्वारा उनकी सराहना की जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी से लेकर राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद तक सभी प्रभाव‍शाली‍ हस्तियों ने भारतीय महिला गोल्‍फर अदिति अशोक की तारीफ की और देश के लिए उनके योगदान को सराहा।

कौन हैं गोल्‍फर अदिति अशोक

गोल्फर अदिति बैंगलोर की रहने वाली हैं उनका जन्म 28 मार्च 1998 को हुआ था। अदिति 23 साल की है और 5 साल की उम्र से गोल्फ खेल रही है। शहर के स्थानीय गोल्फ कोर्स में, उन्‍होनें इस खेल में रुचि विकसित की और वहां की चैंपियन साबित हुईं। उनके माता पिता अशोक गुडलामणि और मैश अशोक दोनों ही अदिति को उनके इस प्रोफेशन की मदद करते हैं।

करियर

अदिति 2011 से विभिन्न चैंपियनशिप और टूर में सक्रिय रूप से भाग ले रही हैं, लेकिन 2016 में उन्हें एक पेशेवर गोल्फर का दर्जा मिला। लेडीज यूरोपियन टूर उनके करियर में एक सफलता थी क्योंकि वह इस खिताब को जीतने वाले पहली भारतीय बनी।

उसी वर्ष उन्होंने रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करके सुर्खियां बटोरीं और दुनिया का ध्यान अपनी तरफ खींचा। इसके बाद 2017 में वह एलपीजीए खिलाड़ी का दर्जा पाने वाली पहली भारतीय गोल्फर बनीं।

अमेरिकन एलपीजीए टेक्सास उनके जीवन के सर्वश्रेष्ठ खेलों में से एक था जहां वह टी 6 पर समाप्त हुई। यहां देखें उनके करियर के सर्वश्रेष्ठ, पदक और रिकॉर्ड:

  • 2019 में लेडीज यूरोपियन टूर में बैक टू बैक दूसरा स्थान हासिल किया।
  • 2016 में एलईटी रूकी ऑफ द ईयर जीता है।
  • अदिति पहली गोल्फर हैं जिन्होंने लल्ला आइचा टूर स्कूल जीता है।
  • टोक्‍यो ओलपिंक में चौथा स्‍थान बनाने वाली पहली महिला।

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