INDIA ब्लॉक की बैठक से पहले बढ़ी तकरार: INDIA गठबंधन की अहम बैठक से पहले ही सहयोगी पार्टियों के बीच मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (CPI) के जनरल सेक्रेटरी डी. राजा ने सोमवार को कहा कि लेफ्ट पार्टियां बैठक में केरल विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस नेताओं द्वारा दिए गए बयानों का मुद्दा उठाएंगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की निष्ठा पर सवाल उठाए थे, जिससे गठबंधन के भीतर भरोसे को नुकसान पहुंचा है।

एजेंडे को लेकर नाराजगी

डी. राजा ने इस बात पर नाराजगी जताई कि INDIA ब्लॉक के चेयरमैन मल्लिकार्जुन खड़गे ने अभी तक बैठक के लिए कोई स्पष्ट एजेंडा साझा नहीं किया है। उनके अनुसार, लंबे अंतराल के बाद हो रही इस बैठक में गठबंधन की दिशा और भविष्य की रणनीति पर चर्चा करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सहयोगियों के बीच आपसी सम्मान और भरोसे के बिना एक संयुक्त राजनीतिक आंदोलन को मजबूत करना मुश्किल होगा।

केरल चुनाव की टिप्पणियों पर विवाद

CPI नेता ने आरोप लगाया कि केरल चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं ने लेफ्ट पार्टियों पर BJP के करीब होने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा कि ऐसी टिप्पणियां स्वीकार्य नहीं हैं और गठबंधन के भीतर इस मुद्दे पर गंभीरता से चर्चा की जानी चाहिए। इस बीच, कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ़ इंडिया (मार्क्सवादी) ने भी कांग्रेस को लेकर इसी तरह की चिंताएं जताई हैं।

DMK और AAP बैठक से दूर रहेंगी

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) इस बैठक में शामिल नहीं होगा। खबरों के अनुसार, कांग्रेस और तमिलगा वेट्री कड़गम के बीच बढ़ती राजनीतिक नजदीकी के बाद DMK ने खुद को इससे दूर कर लिया है। इसी तरह, आम आदमी पार्टी (AAP) भी बैठक में शामिल नहीं होगी; पार्टी नेता संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि AAP अब INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं है।

गठबंधन की एकता पर फोकस

INDIA ब्लॉक का गठन BJP के खिलाफ विपक्ष की एकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया था। हालांकि, बैठक से पहले सामने आ रहे मतभेद बताते हैं कि गठबंधन को अपनी आंतरिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ेगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना ​​है कि आगामी विधानसभा चुनावों और राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य को देखते हुए, यह बैठक विपक्ष की एकता की भविष्य की दिशा तय करने में अहम साबित हो सकती है।