पश्चिम बंगाल की राजनीति में हुई उठापटक ने आज पूरे देश को हैरान कर दिया है। पश्चिम बंगाल में आज नए मुख्यमंत्री का ऐलान हो चुका है। गृहमंत्री अमित शाह ने Suvendu Adhikari को बंगाल का नया मुख्यमंत्री घोषित कर दिया है। यह वही नया नाम है जो कभी ममता बनर्जी का सबसे भरोसेमंद साथी माना जाता था। आज वही व्यक्ति ममता की सत्ता डूबने का सबसे बड़ा कारण बन गया।
Suvendu Adhikari और BJP की यह जीत केवल साधारण चुनावी जीत नहीं बल्कि यह एक राजनीतिक उलट फेर है, जिसे रिश्ते, भरोसे और बगावत की नई कहानी गढ़ डाली। कभी ममता बनर्जी के राइट हैंड कहे जाने वाले सुवेन्दु अधिकारी ने पिछले कुछ समय में ऐसा दांव खेला की पुरानी सत्ता कुछ समय में ढह गई। TMC के अंदर उठी बगावत की लहर एक तूफान बन गई और इसी ने बंगाल की राजनीति का नक्शा बदल दिया। अब जल्द ही बंगाल के नए मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari अपने पद की शपथ ग्रहण करेंगे।
ममता के सबसे खास थे Suvendu Adhikari
एक समय था जब ममता बनर्जी और Suvendu Adhikari की जोड़ी बंगाल की राजनीति में अटूट मानी जाती थी। नंदीग्राम आंदोलन के दौरान सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी का कंधे से कंधा मिलाकर साथ दिया और यह लड़ाई लड़ी। इन दोनों ने मिलकर TMC को मजबूत किया। Suvendu Adhikari TMC के केवल एक नेता नहीं बल्कि पार्टी के क्राइसिस मैनेजर माने जाते थे। लेकिन राजनीति में दोस्ती कब दुश्मनी में बदल जाए यह कहना मुश्किल है।
2020 में Suvendu Adhikari ने TMC को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया। यह फैसला केवल पार्टी बदलने तक का नहीं था बल्कि यह बंगाल में राजनीतिक भूचाल लाने वाला फैसला था और यही से पड़ी TMC के पतन की नींव।
2021 में हुई ममता और सुवेंदु की आमने-सामने टक्कर
2021 के विधानसभा चुनाव में नंदीग्राम सीट पर Suvendu Adhikari और ममता बनर्जी आमने-सामने आ गए। यह मुकाबला केवल एक सीट का नहीं था बल्कि राजनीतिक प्रतिष्ठा का था। Suvendu Adhikari ने इस इलेक्शन में ममता बनर्जी को हरा दिया और नंदीग्राम सीट पर कब्जा बना दिया।
हालांकि इस इलेक्शन के दौरान भाजपा को कोई ज्यादा फायदा नहीं हुआ, लेकिन इतना स्पष्ट हो गया कि धीरे-धीरे बंगाल में भाजपा अपने कदम बढ़ा रही है। नंदीग्राम जीत के बाद Suvendu Adhikari BJP का सबसे बड़ा चेहरा बनकर उभरे। उन्होंने बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को मजबूत किया और जमीनी स्तर पर पकड़ बनाई।
2026 में यही काम रंग लाने लगा और बंगाल की राजनीति में उलट फेर दिखाई दिया और आज ममता बनर्जी को इस्तीफा देना पड़ रहा है। क्योंकि उनके शिष्य Suvendu Adhikari अब सहयोगी से सट्टा का केंद्र बन चुके हैं।
Suvendu Adhikari के आने से बंगाल की राजनीति में क्या बदलेगा?
Suvendu Adhikari की जीत यह दिखाती है कि अब बंगाल में TMC की कोई जगह नहीं रही। लोग ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस का विरोध कर रहे हैं। हालांकि अब भी कुछ लोग हैं जो ममता बनर्जी के सपोर्ट में दिखाई दे रहे हैं। लेकिन इतना स्पष्ट है कि Suvendu के नेतृत्व में बंगाल की राजनीति कुछ नई दिशा में जाने वाली है।
हालांकि ममता बनर्जी की वापसी की लड़ाई और भी तेज हो जाएगी क्योंकि बंगाल में दंगे बढ़ चुके हैं। ऐसे में Suvendu Adhikari के CM की शपथ के बाद उनके लिए रास्ता आसान नहीं होगा। बल्कि अब Suvendu को अंगारों पर चलना होगा क्योंकि विपक्ष उनके रास्ते को मुश्किल जरूर बढ़ाएगा।
कुल मिलाकर बंगाल को उसका नया CM मिल चुका है। Suvendu Adhikari जिन्होंने BJP की नींव को बंगाल में मजबूत किया, उन्हें अब उनकी मेहनत का फल मिलने वाला है। यह पूरी घटना राजनीति के उसे चेहरे को दिखाती है जो काफी भद्दा और काला है।
राजनीति में कुछ भी स्थायी नहीं होता, जो कल तक आपका साथी होता है वह प्रतिद्वंदी बन जाता है। यही कहानी है Suvendu Adhikari की जो कल तक ममता बनर्जी के सबसे करीब थे, आज वही उनकी माता के विध्वंस के कारण बने हैं। अब देखना यह होगा कि यह सत्ता परिवर्तन बंगाल के लिए क्या नया लेकर आता है?
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