देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 27 फरवरी को कर्नाटक दौरे पर थे । कर्नाटक में इस साल चुनाव हैं । इसलिए एक बड़ी रैली भी हुई । इस रैली की खास बात ये रही कि PM Modi ने मंच से न सीएम बसवराज बोम्मई का नाम लिया और न ही प्रदेशअध्यक्ष नाम लिया । उन्होंने सिर्फ...

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येदियुरप्पा लिगांयत कम्युनिटी के सबसे लोकप्रिय नेता हैं । लिगांयत कम्युनिटी की पॉपुलेशन कर्नाटक में करीब 17% हैं। यह कम्युनिटी भाजपा सपोर्टर मानी जाती हैं । यह कम्युनिटी कर्नाटक विधानसभा में लगभाग 90 से100 सीटों पर प्रभाव डालती हैं । पहले यह कम्युनिटी कांग्रेस के साथ थी लेकिन इसे भाजपा से जोड़ने का काम यदियुरप्पा ने किया ।
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जब येदियुरप्पा मुख्यमंत्री पद पर थे तब उन पर करप्शन के आरोप लगे । येदियुरप्पा ने अपनी संपत्ति डिक्लेयर की थी, जिसमें 500% की बढ़ोतरी दिखाई गई थी । यह बढ़ोतरी मुख्यमंत्री पद से पहले और पद पर रहने के बाद की हैं।
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2011 में उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था । लंबी जांच चलने के बाद अक्टूबर 2016 में CBI की स्पेशल कोर्ट ने येदियुरप्पा को सभी आरोपों से बरी कर दिया था । 2018 में उन्हीं के नेतृत्व BJP ने चुनाव लड़ा था । लेकिन पार्टी ने 104 सीट पर विजय प्राप्त कर सकी और पार्टी 09 सीटों से बहुमत पाने से रह गई।
लेकिन वोट शेयर के मामले भाजपा सबसे बड़ी पार्टी थी । उसके बाद कांग्रेस के विधायकों के भाजपा में शामिल होने से पार्टी फिर सत्ता में आ गई और येदियुरप्पा को CM बनाया गया । 28 जुलाई 2021 को फिर से उन्हें इस्तीफा देना पड़ा और बसवराज बोम्मई को कर्नाटक का मुख्यमंत्री बनाया गया।