जब पुलिस कर्मियों को उनकी इस गलती का अहसास हुआ, तो अधिकारियों के होश उड़ गए। आनन फानन में 8 किमी बाद हजीरा थाने के वाहन ने मौके पर पहुंच कर मोर्चा संभाला और सांसद के वाहन को एस्कॉर्ट करते हुए जय विलास पैलेस तक छोड़ा।
मुरैना बाॅर्डर से ही दूसरे वाहन को एस्कॉर्ट करते रहे पुलिस वाले :
सिंधिया रविवार रात दिल्ली से ग्वालियर अपने एसयूवी वाहन से लौट रहे थे। इस दौरान उनकी गाड़ी राजघाट चौराहे से लेकर हजीरा चौराहे तक बिना पायलट वाहन के चलती रही। मप्र की सीमा में सिंधिया के काफिले के प्रवेश करने के साथ ही पुलिस के बोलेरो वाहन को उनकी काफिले के आगे-आगे पायलट वाहन (Pilot Car) के रूप में चलना था, लेकिन पुलिस की गाड़ी किसी अन्य वाहन को एस्कॉर्ट (Escort) करती रही।

लगभग आठ किमी तक सांसद का वाहन बिना पायलट वाहन के चलता रहा। इस दौरान दोनों वाहन किसी और गाड़ी को एस्कॉर्ट करते रहे। पायलट वाहन में बैठे पुलिसकर्मियों को जब इसका अहसास हुआ, तो सिंधिया की गाड़ी काफी आगे निकल गई थी। इस लापरवाही के लिए 14 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया है।
इस मामले की पुष्टि मुरैना एसपी और ग्वालियर एसपी ने भी की है। मुरैना एसपी ने 9 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने और ग्वालियर एसपी अमित सांघी ने 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड करने की पुष्टि की है।
मुरैना ग्वालियर बॉर्डर पर भी यही चूक :
सिंधिया को जेड श्रेणी की वीआईपी सुरक्षा प्राप्त है। शाम के समय मुरैना जिले की पायलट गाड़ी उन्हें फॉलो करती हुई ग्वालियर की तरफ बढ़ रही थी। निरावली के पास मुरैना-ग्वालियर बार्डर पर ग्वालियर के पायलट वाहन को सांसद सिंधिया को फॉलो करते हुए जय विलास पैलेस ले जाना था। यहां भी पायलट वाहन सिंधिया के वाहन की जगह दूसरी गाड़ी को एस्कॉर्ट करने लगे।
थोड़ी देर बाद जब पुलिसकर्मियों को गलत गाड़ी को फॉलो करने का एहसास हुआ, तो तुरंत इसकी जानकारी वायरलेस पर दी गई, तब तक सांसद का वाहन काफी आगे निकल चुका था। इसके बाद हजीरा थाने के वाहन ने सांसद के वाहन काे एस्कॉर्ट किया।
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