महाराष्ट्र का नाशिक शहर इन दिनों एक ऐसे सनसनीखेज घोटाले से दहल उठा है, जिसने धर्म, राजनीति और अपराध के गठजोड़ को पूरी तरह बेनकाब कर दिया है। खुद को ‘कैप्टन’ और चमत्कारी बाबा बताने वाले अशोक खरात के साम्राज्य का जब भंडाफोड़ हुआ, तो पुलिस से लेकर आम जनता तक के होश उड़ गए।
IPS तेजस्वी सातपुते के नेतृत्व वाली विशेष जांच टीम (SIT) की तफ्तीश में हर दिन ऐसे खुलासे हो रहे हैं, जो किसी फिल्मी सस्पेंस थ्रिलर से कम नहीं हैं। आइए जानते हैं कि मर्चेंट नेवी का एक साधारण पूर्व सेलर कैसे ₹200 करोड़ के काले साम्राज्य का राजा बन बैठा।
कौन है ‘कैप्टन’ अशोक खरात?
अशोक खरात कभी मर्चेंट नेवी में एक छोटा-मोटा काम करता था, जहाँ से उसने ‘कैप्टन’ शब्द चुराया। इसके बाद उसने अपनी दाढ़ी बढ़ाई, भगवा चोला पहना और खुद को एक दिव्य अवतार और ज्योतिषी के रूप में पेश करना शुरू कर दिया। पिछले 15 सालों में उसने नाशिक और उसके आस-पास के इलाकों में अंधविश्वास का ऐसा जाल बुना कि अमीर और गरीब, दोनों उसके जाल में फंसते चले गए।
SIT की जांच में हुए 4 सबसे बड़े खुलासे
1. ₹200 करोड़ का साम्राज्य और बेनामी संपत्तियां
एक कथित बाबा के पास इतनी दौलत कहाँ से आई? SIT की जांच के मुताबिक, खरात ने नाशिक और उसके आस-पास के प्राइम लोकेशंस पर अरबों की संपत्ति बनाई है:
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पाथर्डी शिवार: करीब 30 एकड़ की प्राइम लैंड, जिसकी बाजार में कीमत ₹150 करोड़ से ज्यादा है।
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गौळाणे शिवार: खरात की पत्नी कल्पना और बेटी तृप्तबाला के नाम पर 15 वीआईपी प्लॉट्स।
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अन्य संपत्तियां: शिर्डी, सिन्नर और ओझर एयरपोर्ट के पास बेहिसाब जमीनें, नाशिक के कर्मयोगीनगर में एक आलीशान बंगला, कनाडा कॉर्नर में ऑफिस और मिरगाव में एक भव्य फार्महाउस (बड़ा आम का बागान)।
2. अघोरी प्रथा, सांप का डर और ब्लैक मैजिक
सिन्नर पुलिस की जांच में सामने आया है कि खरात लोगों को ठगने के लिए अघोरी प्रथाओं और काले जादू का सहारा लेता था। वह सीधे-साधे लोगों को “तुम्हारे परिवार पर दैवीय प्रकोप है” कहकर डराता था और कई बार डराने के लिए सांपों का इस्तेमाल भी करता था। सिन्नर के एक किराना दुकानदार को डराकर उसने उसकी 16.5 एकड़ जमीन बेहद मामूली दाम पर अपने ‘शिवनिका ट्रस्ट’ के नाम लिखवा ली और पैसे भी नहीं दिए।
3. रहस्यमयी ड्रग्स और महिलाओं का यौन शोषण
खरात पर केवल पैसों की धोखाधड़ी का ही आरोप नहीं है, बल्कि उस पर महिलाओं का शारीरिक और यौन शोषण करने के कई गंभीर मामले (Rape Cases) दर्ज हैं। सामाजिक कार्यकर्ताओं और पुलिस जांच के अनुसार, वह महिलाओं को वश में करने के लिए ‘ओशनो जल’ नाम के एक लिक्विड में वियाग्रा या नशीली दवाएं मिलाकर देता था। इस मामले में SIT अब दो डॉक्टरों से भी पूछताछ कर रही है जो खरात के संपर्क में थे।
4. हाई-प्रोफाइल राजनीतिक कनेक्शन और रुपाली चाकणकर से पूछताछ
अशोक खरात का रसूख इतना बड़ा था कि महाराष्ट्र के कई बड़े राजनेताओं के साथ उसकी तस्वीरें हैं। सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष और एनसीपी नेता रुपाली चाकणकर को SIT ने नाशिक की पुलिस एकेडमी में बुलाकर घंटों पूछताछ की। आरोप है कि वे खरात के ट्रस्ट से जुड़ी हुई थीं और उन्होंने पुलिस पर केस दबाने का दबाव बनाया था। इसके अलावा, साल 2020 में सूखाग्रस्त सिन्नर में किसानों का हक मारकर खरात के आश्रम के लिए 39 लाख लीटर पानी आरक्षित किया गया था, जो बिना राजनीतिक शह के मुमकिन नहीं था।
अब आगे क्या?
अशोक खरात के खिलाफ आर्थिक धोखाधड़ी, बलात्कार और ब्लैक मैजिक एक्ट के तहत 11 से ज्यादा एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। सिन्नर और शिर्डी पुलिस की कस्टडी खत्म होने के बाद अदालत ने उसे नाशिकरोड सेंट्रल जेल (न्यायिक हिरासत) भेज दिया है।
चूंकि यह मामला करोड़ों रुपये के वित्तीय हेरफेर से जुड़ा है, इसलिए कयास लगाए जा रहे हैं कि बहुत जल्द प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के तहत इस केस को अपने हाथ में ले सकती है। वहीं, खरात की पत्नी कल्पना खरात फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर और फरार चल रही है।
नाशिक का यह ‘कैप्टन’ स्कैंडल इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि कैसे आस्था की आड़ में अंधविश्वास का धंधा फल-फूल रहा है। आईपीएस तेजस्वी सातपुते की अगुवाई में SIT जिस तरह से काम कर रही है, उससे उम्मीद है कि इस ढोंगी बाबा और उसे शह देने वाले सफेदपोशों को उनके कर्मों की सजा जरूर मिलेगी।

