देशभर में फैलै कोरोना वायरस के प्रकोप से बचने के लिए सभी राज्य सरकारें बड़े कदम उठा रही हैं। इसी के चलते पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोरोना वायरस को देखते हुए अब तक के सबसे बड़े लॉकडाउन की घोषणा कर दी है।
पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोनावायरस मामलों को रोकने के लिए 31 जुलाई तक लॉकडाउन के विस्तार की घोषणा की।
पहले की गई घोषणा में, राज्य सरकार ने राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों को 31 जुलाई तक के लिए बंद कर दिया था। लेकिन अब यह घोषण पूर्ण राज्य बंदी पर की गई।
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पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने एक प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि संस्थानों में सभी सरकारी और राजकीय सहायता प्राप्त स्कूल, कॉलेज और राज्य भर के विश्वविद्यालय शामिल हैं।
इससे पहले आज, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में कोविद -19 स्थिति को लेकर कोलकाता के नबना में एक सर्वदलीय बैठक की।
बैठक में भाग लेने वालों में बीजेपी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के मनोज हावलाड़, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के स्वपन बनर्जी, कांग्रेस से प्रदीप भट्टाचार्य शामिल थे।
ममता ने एक सर्वदलीय बैठक में भाग लेने के बाद कहा कि कोरोना वायरस को देखते हुए जुलाई के अंत लॉकडाउन के विस्तार करने का निर्णय लिया जाता है।
राज्य में चल रहा लॉकडाउन 30 जून को समाप्त होनी था। जोकि अब 31 जुलाई हो गया है।
पश्चिम बंगाल में अगर कोरोना वायरस मामलो की जांच की जाए तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस मामलों की संख्या अब तक 14,728 पुष्टि की गई हैं, जिनमें से 580 लोगों इस संक्रमण से अपनी जान गवा चुके हैं।
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