Cockroach Janta Party” यानी CJP एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है। इस बार मामला सीधे दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुँच चुका है। शुक्रवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार और X को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस CJP के फाउंडर अभिजीत डिपके की उस याचिका पर जारी हुआ, जिसमें उन्होंने अपनी पार्टी के X अकाउंट को ब्लॉक किए जाने को चुनौती दी है। हालांकि कोर्ट ने फिलहाल अकाउंट को तुरंत अनब्लॉक करने का कोई अंतरिम आदेश देने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट का कहना था कि इस मामले के असर काफी बड़े हो सकते हैं, इसलिए पहले केंद्र सरकार का पक्ष सुनना जरूरी है।
दिल्ली हाईकोर्ट ने क्या कहा?

जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव की बेंच ने सुनवाई के दौरान कहा कि याचिकाकर्ता की दलीलों में कुछ दम जरूर हो सकता है, लेकिन पूरे मामले को एकतरफा नहीं देखा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि दूसरी तरफ की बात सुने बिना कोई जल्दबाजी वाला फैसला सही नहीं होगा क्योंकि इस केस के “वाइडर इम्प्लीकेशंस” यानी दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि वह यह तय करेगा कि क्या X को अकाउंट ब्लॉक करने वाला आदेश पेश करना चाहिए या पहले केंद्र सरकार अपना जवाब दाखिल करे। अदालत ने सरकार को चार हफ्तों के भीतर जवाब रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है और अगली सुनवाई 6 जुलाई को तय की गई है।
अब रिव्यू कमेटी भी करेगी जांच
दिलचस्प बात यह है कि कोर्ट ने सिर्फ अकाउंट ब्लॉकिंग पर ही नहीं, बल्कि पूरे रिव्यू प्रोसेस पर भी सवाल उठाया। अदालत ने कहा कि कानून के मुताबिक हर दो महीने में रिव्यू कमेटी की बैठक होनी चाहिए, जो ऐसे मामलों की समीक्षा करती है।
कोर्ट ने निर्देश दिया कि यह कमेटी इस पूरे मामले को दोबारा देखे और अपना फैसला रिकॉर्ड पर रखे। चूंकि अभिजीत डिपके फिलहाल भारत से बाहर हैं, इसलिए अदालत ने यह भी कहा कि वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपना पक्ष रख सकते हैं।
आखिर Cockroach Janta Party का मामला है क्या?

Cockroach Janta Party यानी CJP कोई पारंपरिक राजनीतिक पार्टी नहीं है। यह एक इंटरनेट-आधारित व्यंग्यात्मक (satirical) ऑनलाइन मूवमेंट है, जिसने हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। खासकर युवाओं के बीच इसकी पकड़ तेजी से बढ़ी।
X पर लाखों फॉलोअर्स और Instagram पर 22 मिलियन से ज्यादा फॉलोअर्स के साथ यह ग्रुप अचानक इंटरनेट कल्चर का बड़ा हिस्सा बन गया।
लेकिन मामला तब गरमा गया जब केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए इसके X अकाउंट को ब्लॉक करने का आदेश दिया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह फैसला इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) से मिले इनपुट के आधार पर लिया गया था।
बताया जा रहा है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी MeitY ने IT Act 2000 की धारा 69A के तहत अकाउंट सस्पेंड कराने की मांग की थी। यही वह धारा है जिसके तहत सरकार ऑनलाइन कंटेंट ब्लॉक कर सकती है, अगर उसे राष्ट्रीय सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा माना जाए।
आखिर इतनी तेजी से वायरल कैसे हुई Cockroach Janta Party?
इस पूरी कहानी की शुरुआत सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई से जुड़ी बताई जाती है। 15 मई को हुई कार्यवाही के दौरान, मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने कुछ वकीलों के सोशल मीडिया एक्टिविज्म और RTI गतिविधियों पर टिप्पणी की थी। उसी के बाद इंटरनेट पर “Cockroach Janta Party” नाम का व्यंग्यात्मक ट्रेंड शुरू हुआ और देखते ही देखते वायरल हो गया।
मीम्स, व्यंग्य और सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए यह ऑनलाइन मूवमेंट तेजी से फैल गया। कई लोगों ने इसे सिस्टम पर कटाक्ष माना, जबकि कुछ लोगों ने इसे सोशल मीडिया की नई डिजिटल राजनीति का हिस्सा बताया।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कोर्ट इस अकाउंट को दोबारा चालू करने का आदेश देगा या सरकार की राष्ट्रीय सुरक्षा वाली दलील ज्यादा भारी पड़ेगी। एक तरफ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और डिजिटल स्पेस की आजादी का मुद्दा है, तो दूसरी तरफ सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा का तर्क दे रही है। यही वजह है कि यह मामला सिर्फ एक X अकाउंट तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि अब इंटरनेट फ्रीडम बनाम सरकारी कंट्रोल की बड़ी बहस बनता जा रहा है। अब सबकी नजर 6 जुलाई की अगली सुनवाई पर टिकी हुई है।
Also Read – 1 जून से बदल जाएंगे कई जरूरी नियम, LPG से लेकर बैंकिंग तक हर घर पर पड़ेगा असर



