सोमवार सुबह फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का ज़बरदस्त भूकंप आया, जिससे भारी तबाही हुई। झटके इतने तेज़ थे कि इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं, सड़कें हिल गईं और लोग घबराकर अपने घरों और दफ्तरों से बाहर भागने लगे। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, इस प्राकृतिक आपदा में कम से कम 15 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोगों के घायल होने की खबर है।

यूएस जियोलॉजिकल सर्वे (USGS) के अनुसार, भूकंप सुबह 5:07 बजे (भारतीय मानक समय) आया। इसका केंद्र फिलीपींस के मिंडानाओ द्वीप के पास ज़मीन की सतह से लगभग 35 किलोमीटर नीचे था। भूकंप के बाद कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी बाधित हो गई।

भूकंप से जुड़ी मुख्य जानकारी

स्थान: सारांगनी प्रांत, मिंडानाओ द्वीप, फिलीपींस

समय: सोमवार (8 जून, 2026) की सुबह

तीव्रता: 7.8गहराई: लगभग 10 किलोमीटर

नुकसान: कम से कम 15 लोगों की मौत, 130 से ज्यादा लोग घायल और जनरल सैंटोस शहर में कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं।

फिलीपींस दो घंटे में 138 आफ्टरशॉक्स

फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ ज्वालामुखी और भूकंप विज्ञान (PHIVOLCS) के अनुसार, मुख्य भूकंप के बाद लगातार झटके महसूस किए गए। स्थानीय समयानुसार सुबह 11:00 बजे तक कुल 138 आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) दर्ज किए गए। इनमें से कुछ झटकों की तीव्रता 6.7 तक थी, जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहा।

विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े भूकंप के बाद आफ्टरशॉक्स आना आम बात है, लेकिन कभी-कभी इनसे गंभीर नुकसान हो सकता है। इसलिए, प्रभावित इलाकों के निवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सुनामी की लहरों से चिंता

भूकंप के बाद मिंडानाओ द्वीप के छह तटीय इलाकों में सुनामी की लहरें दर्ज की गईं। सबसे ऊंची लहर लगभग 1.4 मीटर (4.6 फीट) तक पहुंची। संभावित खतरे को देखते हुए इंडोनेशिया, मलेशिया और जापान ने भी सुनामी की चेतावनी जारी की। हालांकि, स्थिति सामान्य होने पर कुछ घंटों बाद ये चेतावनियां वापस ले ली गईं।

इमारतों और सरकारी ढांचों को नुकसान

भूकंप के कारण कई व्यावसायिक इमारतों, दुकानों और सरकारी ढांचों में दरारें आ गईं। कुछ जगहों पर इमारतें पूरी तरह ढह गईं। सबसे ज़्यादा नुकसान दावो शहर और सरंगानी प्रांत में हुआ। एहतियात के तौर पर मरीज़ों को अस्पतालों से बाहर निकाला गया और खुली जगहों पर उनका इलाज किया गया।

भूकंप इतने बार क्यों आते हैं?

फिलीपींस प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है। इसे दुनिया का सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्र माना जाता है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते रहते हैं। यही कारण है कि फिलीपींस दुनिया भर में आपदाओं से सबसे ज़्यादा प्रभावित देशों में से एक है।

फिलहाल राहत और बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफ़वाहों पर ध्यान न दें और आधिकारिक निर्देशों का पालन करें।

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