भारती एयरटेल और रिलायंस जियो की शिकायत के बाद TRAI ने वोडाफोन आइडिया के खिलाफ मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच शुरू की। जानें पूरा मामला।

भारत के टेलीकॉम रेगुलेटर ने वोडाफोन आइडिया (Vi) के खिलाफ भारती एयरटेल और रिलायंस जियो की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। दोनों बड़ी टेलीकॉम कंपनियों ने आरोप लगाया है कि Vi मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) के जरिए ग्राहकों को अपने नेटवर्क में शामिल करने के लिए अनुचित तरीकों का सहारा ले रही है।
टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि इस मुद्दे की जांच की जा रही है और जब भी कोई मामला TRAI के संज्ञान में लाया जाता है, तो उसकी जांच करना अनिवार्य हो जाता है। अधिकारी के मुताबिक इस पूरे मामले में संबंधित पक्षों को बुलाया जाएगा।
भारती एयरटेल और रिलायंस जियो ने आरोप लगाया है कि Vi प्रतिद्वंद्वी टेलीकॉम कंपनियों से ग्राहकों को अपने नेटवर्क में खींचने के लिए अनुचित तरीके अपना रही है, जो कि रेगुलेटर के नियमों और दिशा-निर्देशों के खिलाफ है। हालांकि वोडाफोन आइडिया ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं कर रही, लेकिन अब इस तीसरे नंबर की टेलीकॉम कंपनी को रेगुलेटर के सामने अपना पक्ष रखना होगा।
बिजनेस स्टैंडर्ड की रिपोर्ट के मुताबिक जियो और एयरटेल के आरोप मुख्य रूप से MNP के जरिए ग्राहकों को हासिल करने के तरीके से जुड़े हैं। MNP एक ऐसी सुविधा है जिसके जरिए ग्राहक अपना मोबाइल नंबर बदले बिना अपनी नेटवर्क कंपनी बदल सकता है। यह आरोप वोडाफोन आइडिया और/या उसके सेल्स एसोसिएट्स तथा चैनल पार्टनर्स पर TRAI के निर्देशों के उल्लंघन को लेकर लगाए गए हैं।
टॉप टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि ग्राहकों को गैर-वोडाफोन कंपनियों के एग्जीक्यूटिव बनकर कॉल किए जाते हैं और उन्हें जल्द होने वाली टैरिफ बढ़ोतरी और मौजूदा प्लान में बदलाव की झूठी जानकारी दी जाती है, ताकि वे नेटवर्क बदलने के लिए प्रेरित हों।
इसके अलावा दोनों कंपनियों ने यह भी आरोप लगाया है कि Vi कई सर्किल्स में उन एसएमएस को रोक रही है, जो यूनिक पोर्टिंग कोड (UPC) जनरेट करने के लिए 1900 नंबर पर अनिवार्य रूप से भेजे जाने चाहिए। कंपनियों के मुताबिक यह MNP 2009 के नियमों का उल्लंघन है, जिनमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि जिस नेटवर्क से ग्राहक पोर्ट आउट हो रहा है, उसे बिना देरी किए UPC जारी करना होगा।
यह भी बताया गया है कि जियो और एयरटेल ने आरोप लगाया है कि Vi उन ग्राहकों के लिए डिस्काउंटेड पोस्टपेड टैरिफ प्लान प्रचारित और सर्कुलेट कर रही है जो MNP के जरिए उसके नेटवर्क में शिफ्ट होना चाहते हैं।
दोनों टेलीकॉम कंपनियों ने TRAI से अनुरोध किया है कि वह Vi को इन कथित गड़बड़ियों की जांच कर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दे। साथ ही उन्होंने यह भी मांग की है कि रेगुलेटर सभी टेलीकॉम कंपनियों और उनके एजेंट्स को MNP के लिए ग्राहकों को गुमराह करने वाली या भ्रामक गतिविधियों में शामिल होने से रोकने के निर्देश जारी करे।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब आदित्य बिड़ला ग्रुप की कंपनी वोडाफोन आइडिया अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने की कोशिश में जुटी है। कंपनी हर महीने नए ग्राहक जोड़ रही है और बैंकों से करीब 35,000 करोड़ रुपये की बड़ी फंडिंग के दम पर अपने नेटवर्क को 5G में अपग्रेड करने की योजना बना रही है।
करीब 1.2 लाख करोड़ रुपये के कर्ज के बोझ तले दबी होने के बावजूद इस तीसरे नंबर की टेलीकॉम कंपनी ने वित्त वर्ष 2029 तक 45,000 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च की आक्रामक योजना तैयार की है।
Vi बाजार और ग्राहकों के बीच अपनी मौजूदगी को मजबूत करने के लिए भी कई सालों बाद एक आक्रामक मार्केटिंग कैंपेन चला रही है, जिसमें उसने अभिनेता शाहरुख खान को अपने साथ जोड़ा है। कंपनी प्रतिद्वंद्वी भारती एयरटेल द्वारा अपने पोस्टपेड ग्राहकों के लिए 'फास्टलेन' सर्विस लॉन्च किए जाने के बीच 'सभी के लिए समान सेवा' का नैरेटिव आगे बढ़ा रही है। गौर करने वाली बात यह भी है कि Vi अपने प्रतिद्वंद्वियों में अकेली ऐसी कंपनी है जिसने अब तक अपने टैरिफ प्लान में कोई बढ़ोतरी नहीं की है।