Labor Law Strike: सांकेतिक प्रदर्शन कर काम पर लौटे कर्मचारी भोपाल। लेबर लॉ के खिलाफ मप्र सहित देशभर में कर्मचारी हड़ताल (Labor Law Strike) पर हैं। मप्र में इसका असर मिलता-जुलता दिखाई दिया। जबलपुर और इटारसी में डिफेंस फैक्टरियों के सामने कर्मचारियों ने प...
Labor Law Strike: सांकेतिक प्रदर्शन कर काम पर लौटे कर्मचारी
भोपाल। लेबर लॉ के खिलाफ मप्र सहित देशभर में कर्मचारी हड़ताल (Labor Law Strike) पर हैं। मप्र में इसका असर मिलता-जुलता दिखाई दिया। जबलपुर और इटारसी में डिफेंस फैक्टरियों के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। इटारसी में एक घंटा विरोध करने के बाद कर्मचारी काम पर लौट गए। हालांकि, इन जगह स्कूल, कॉलेज और बाजार खुले हुए हैं। हड़ताल में ट्रेड यूनियन के संयुक्त मोर्चा- आईएनटीयूसी, एआईटीयूसी, एचएमएस, सीटू, एआईयूटीयूसी, सेवा, बैंक, बीमा, केंद्रीय कर्मचारी, बीएसएनएल के संगठन शामिल हैं।
मध्य प्रदेश बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन के को-ऑर्डिनेटर वीके शर्मा ने बताया, हड़ताल में सरकारी के साथ प्राइवेट बैंक भी शामिल होंगे। भारतीय स्टेट बैंक यूनियन ने हड़ताल का समर्थन किया है, लेकिन वह सीधे तौर पर हड़ताल में शामिल नहीं रहेगा।
हड़ताल का असर बीमा सेक्टर पर भी पड़ेगा। भारतीय जीवन बीमा निगम के कर्मचारी भी हड़ताल में शामिल रहेंगे। वहीं, बीएसएनएल-डाक विभाग में भी हड़ताल का असर दिखाई देगा।
संगठनों की प्रमुख मांगें
- चारों श्रम संहिताओं (लेबर कोड्स) और उनसे जुड़े नियमों को रद्द करने की मांग।
- ड्राफ्ट सीड बिल को वापस लेने की मांग।
- बिजली संशोधन विधेयक को निरस्त करने की मांग।
- SHANTI Act (न्यूक्लियर एनर्जी से संबंधित कानून) को वापस लेने की मांग।
- मनरेगा की बहाली की मांग।
- विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को रद्द करने की मांग।
भोपाल में पीएनबी के सामने प्रदर्शन
भोपाल के पंजाब नेशनल बैंक के सामने कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया।
इंदौर में मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ धरना
मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ इंदौर में आशा, उषा और परिवेशक कर्मचारियों ने अखिल भारतीय संयुक्त अभियान समिति के बैनर तले गांधी हॉल परिसर में धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने की तैयारी की।
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कर्मचारियों का कहना है कि नई नीतियों से उनके अधिकार और रोजगार की सुरक्षा प्रभावित हो रही है। बड़ी संख्या में मौजूद कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
उज्जैन में सीटू का प्रदर्शन, टावर चौक पर रैली और नारेबाजी
उज्जैन के टावर चौक पर सीटू के बैनर तले कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन में एलआईसी, आयकर, बीएसएनएल, एमआर यूनियन, संयुक्त ट्रेड यूनियन और आंगनवाड़ी कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए।
केंद्रीय नीतियों के विरोध में कटनी आयुध निर्माणी में गूंजा इंकलाब
केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आज देशव्यापी हड़ताल के आह्वान पर कटनी ऑर्डनेंस फैक्टरी के कर्मचारियों ने अपनी आवाज बुलंद की। गुरुवार को विभिन्न श्रमिक यूनियनों और केंद्रीय महासंघों ने एकजुट होकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र की मौजूदा नीतियों को विनाशकारी बताते हुए जमकर नारेबाजी की।
यूनियनों का आरोप है कि सरकार की नीतियां श्रमिकों के हितों पर कुठाराघात कर रही हैं और कार्यस्थल की सुरक्षा व अधिकारों को खतरे में डाल रही हैं। इस विरोध प्रदर्शन के कारण निर्माणी परिसर में दिनभर गहमा गहमी बनी रही और श्रमिकों ने दो टूक शब्दों में अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई।
ट्रेड यूनियनों की संयुक्त समिति के अध्यक्ष बोले- सरकार कर्मचारी विरोधी है
रतलाम ट्रेड यूनियनों की संयुक्त समिति के अध्यक्ष ईश्वर लाल पुरोहित ने कहा कि सरकार कर्मचारी विरोधी है। कर्मचारियों का लगातार शोषण किया जा रहा है। जबरन काला कानून को थोप कर कर्मचारियों का हनन कर रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार 36 प्रतिशत पर बनी है। सरकारों की हठधर्मिता के कारण कर्मचारी अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहे है। समय आने पर सरकार को बताया जाएगा।
हरदा में बैंक कर्मचारी हड़ताल पर
हरदा में स्टेट बैंक को छोड़कर सभी बैंकों के कर्मचारी आज हड़ताल पर हैं। इससे बैंकिंग सेक्टर की सेवाएं प्रभावित हैं। ग्राहकों को लेन देन में परेशानी हो रही है।
रतलाम में कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
रतलाम में श्रम संगठनों के आह्वान पर रतलाम में विभिन्न कर्मचारी संगठनों की संयुक्त समिति ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। संयुक्त समिति ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
पेंशनर्स एसोसिएशन के कीर्ति शर्मा ने कहा सरकार जबरन कर्मचारियों पर काला कानून थोप रही है। इसका हम कड़ा विरोध करते हैं। सरकार हमारी मांगें नहीं मानती है तो आगामी चुनाव में उन्हें परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहना पड़ेगा।
इटारसी ऑर्डनेंस फैक्टरी में AIDEF की हड़ताल, एक घंटे काम बंद कर किया प्रदर्शन
इटारसी में ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) के आह्वान पर गुरुवार को इटारसी स्थित ऑर्डनेंस फैक्टरी के कर्मचारियों ने एक घंटे का काम का बहिष्कार किया। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में फैक्टरी परिसर में प्रदर्शन भी किया।
देशव्यापी हड़ताल के तहत आयोजित इस विरोध कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कर्मचारी शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने विभिन्न मुद्दों को लेकर नारेबाजी की और सरकार से मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की।
पदाधिकारियों ने कहा कि कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के समाधान के लिए यह प्रतीकात्मक हड़ताल की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
ग्वालियर में नहीं दिखा बंद का असर
ग्वालियर में भी बंद का कोई असर देखने को नहीं मिल रहा है। सुबह से ही लोग अपने-अपने काम पर निकल गए हैं, वहीं व्यापारियों का कहना है कि वे अपने समय पर बाजार खोल देंगे।
जबलपुर में नहीं दिख रहा बंद का असर
जबलपुर के गोरखपुर (छोटी लाइन) चौराहे पर दिहाड़ी मजदूर काम के इंतज़ार में खड़े हैं। बस रोजाना की तरह संचालित हो रही हैं। भारत बंद का असर नहीं दिखाई दे रहा है।
नए श्रम कानून के खिलाफ जबलपुर की डिफेंस फैक्टरियों में प्रदर्शन
केंद्र सरकार के नए श्रम कानून के विरोध (Labor Law Strike) में जबलपुर की सभी डिफेंस फैक्टरियों में कर्मचारियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। ऑल इंडिया डिफेंस एंप्लॉय फेडरेशन के बैनर तले आयुध निर्माणी खमरिया, व्हीकल फैक्टरी, गन गैरिज और आर्डनेंस फैक्टरी के कर्मचारियों ने विरोध जताया। खमरिया आयुध निर्माणी में कर्मचारी एक घंटे देरी से ड्यूटी पर पहुंचे।