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MP Weather: मप्र में सूरज के तेवर हुए तीखे, पारा 41°C पार

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भोपाल। मध्य प्रदेश (MP Weather) में मार्च के आखिरी हफ़्ते में ही सूरज ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है। गर्मी ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और पारा 41°C के पार पहुँचा गया है, वहीं दूसरी ओर, मौसम के मिजाज में अचानक बदलाव के संकेत भी मिल रहे हैं। शुक्रवार को मौसम विभाग ने ग्वालियर समेत सात ज़िलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मार्च महीने में यह तीसरी बार है, जब राज्य में मौसम में इस तरह का बदलाव होने वाला है।

 

नर्मदापुरम सबसे गर्म

इस सीज़न में पहली बार राज्य में तापमान 41°C के पार पहुँचा है। नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 41.6°C दर्ज किया गया, जो अब तक का सबसे ज़्यादा तापमान है। इसके अलावा, ग्वालियर में 38.6°C, भोपाल में 37.4°C, इंदौर में 37.2°C और उज्जैन में 37.7°C तापमान दर्ज किया गया। कई अन्य ज़िलों में भी पारा 37°C से 39°C के बीच बना हुआ है, जिससे दिन के समय तेज़ गर्मी महसूस हो रही है।

 

इन 7 ज़िलों में बिगड़ सकता है मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना ज़िलों में तेज़ हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में हवाएँ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से चल सकती हैं। मौसम में अचानक आए इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

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असर 28 ज़िलों तक फैलेगा

मौसम विभाग का अनुमान है कि इस मौसम प्रणाली का असर 30 मार्च तक राज्य के लगभग 28 ज़िलों में महसूस किया जाएगा। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के कई ज़िलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसका असर 30 मार्च को अपने चरम पर होने की उम्मीद है।

 

मौसम क्यों बदल रहा है? कारणों को समझना

विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के मौसम के मिजाज में यह बदलाव एक पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और एक सक्रिय चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के कारण हो रहा है। राज्य के ऊपरी इलाकों में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि पश्चिमी क्षेत्रों में दो चक्रवाती प्रणालियाँ विकसित हो रही हैं। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से वायुमंडल में नमी बढ़ रही है, जिससे आंधी और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियाँ बन रही हैं।

 

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गर्मी से राहत या एक नया संकट?

हालांकि, आंधी और बारिश का यह दौर आम जनता को गर्मी से कुछ राहत ज़रूर देगा, लेकिन इसने किसानों के लिए नई चिंताएँ खड़ी कर दी हैं। इससे पहले, मार्च में बारिश और ओलावृष्टि के दो दौरों ने गेहूँ, पपीता और केले की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया था। अब, इस तीसरे दौर के आने के साथ, फसलों को और अधिक संभावित नुकसान होने की आशंकाएँ जताई जा रही हैं।

 

अप्रैल में गर्मी और बढ़ेगी

मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि अप्रैल और मई के महीनों में राज्य में भीषण गर्मी पड़ेगी। ग्वालियर, चंबल, रीवा, जबलपुर, शहडोल और सागर संभागों में तापमान 45°C के पार जा सकता है। वहीं, भोपाल, इंदौर और उज्जैन संभागों में भी भीषण गर्मी का असर महसूस किया जाएगा।

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