साउथ अफ्रीकी टी20 लीग SA20 में सिकंदर रजा की यात्रा प्रेरणा से भरी रही है। यह पहला मौका था जब कोई ज़िम्बाब्वे खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में खेल रहा था, और रजा का टीम में आना पार्ल रॉयल्स के अभियान के लिए संजीवनी का काम किया, जो शुरुआत में ही कठिन दौर से गुजर रही थी। रॉयल्स ने अपनी सीज़न की शुरुआत 49 रन पर ऑल-आउट होकर की थी, लेकिन रजा के आने से एक शानदार पलटाव हुआ। MI के खिलाफ दो बार जीतने के बाद, रॉयल्स अब अंक तालिका में दूसरे स्थान पर comfortably बैठी हुई है।
रजा ने टीम के लिए केवल दो मैच खेले हैं, और वह इस सीज़न में रॉयल्स के दूसरे सबसे बड़े विकेट-टेकर्स बन गए हैं, जो उनके योगदान को साबित करता है। उनका सबसे बेहतरीन प्रदर्शन उनके दूसरे मैच में आया, जब उन्होंने सिर्फ 13 रन देकर 4 विकेट लिए और सीजन के Player of the Match बने। यह जादुई प्रदर्शन MI Cape Town को 88 रन पर समेटने में मददगार साबित हुआ, और SA20 इतिहास में सबसे कम रन का नया रिकॉर्ड बना।
व्यक्तिगत त्रासदी के बीच मैदान पर अद्भुत प्रदर्शन
हालाँकि रजा का मैदान पर प्रभाव अद्वितीय रहा है, लेकिन दक्षिण अफ्रीका जाने की यात्रा आसान नहीं थी। ILT20 में 26 दिसंबर 2025 को अपने आखिरी मैच के बाद, रजा को एक दुखद खबर मिली—उनके 13 साल के भाई मुहम्मद महदी का हारारे में निधन हो गया। इस दिल तोड़ने वाली घटना के बावजूद, रजा ने आगे बढ़ने और रॉयल्स के साथ MI Cape Town के खिलाफ मैच में खेलने का निर्णय लिया। रॉयल्स ने उन्हें घर पर रहने का पूरा समर्थन दिया था, लेकिन रजा ने यह साफ़ कर दिया था कि वह मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से खेल के लिए तैयार हैं।
मैच के बाद मीडिया से बात करते हुए, रजा ने कहा, “मेरे जीवन का यह हिस्सा हमेशा कठिन रहेगा। लेकिन मैंने अपने साथियों से कहा था कि अगर मैं मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक रूप से तैयार नहीं होता, तो मैं यहां नहीं होता।” उन्होंने यह भी कहा, “मैं टीम को जितना हो सके, ऊर्जा, अनुभव और जो भी चाहिए, देने के लिए तैयार हूं।”
सिकंदर रजा ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के लिए नई राह
रजा का SA20 में होना सिर्फ उनके व्यक्तिगत उपलब्धियों का मामला नहीं है; वह इसे ज़िम्बाब्वे क्रिकेट के लिए एक अवसर मानते हैं, ताकि उसे वह पहचान मिल सके जो उसे मिलनी चाहिए। SA20 में खेलते हुए रजा आशान्वित हैं कि उनकी प्रदर्शन से ज़िम्बाब्वे के अन्य खिलाड़ियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय लीग्स में खेलने के दरवाजे खुलेंगे। “जब भी एक ज़िम्बाब्वे खिलाड़ी ने किसी लीग में अच्छा किया है, तो वह दूसरों के लिए रास्ते खोलता है,” उन्होंने कहा। “मैं खुद को ज़िम्बाब्वे का पहला खिलाड़ी SA20 में खेलने के लिए बहुत भाग्यशाली मानता हूं, और उम्मीद है कि यह दूसरों को प्रेरित कर सके।”
यह विश्वास उनके खुद के अनुभव से आता है। दुनिया भर की कई T20 लीग्स में खेलना उन्हें मैच-रेडी रखने में मदद कर रहा है, खासकर 2026 T20 वर्ल्ड कप के नजदीक आने के साथ। रजा और उनके ज़िम्बाब्वे के साथी अगले महीने भारत जाएंगे, जहां वे ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, आयरलैंड और ओमान से मुकाबला करेंगे।
2026 T20 वर्ल्ड कप की तैयारी और रजा की सोच

रजा और ज़िम्बाब्वे टीम ने पहले ही 2026 T20 वर्ल्ड कप के लिए अपनी तैयारी शुरू कर दी है, और रजा को यकीन है कि टीम की मेहनत रंग लाएगी। “हमें श्रीलंका में खेलने की स्थिति का कुछ अंदाजा है, लेकिन मैं हमेशा कहता हूं कि हम वहां पहुंचकर इसे समझेंगे,” उन्होंने कहा। उनका नजरिया स्पष्ट है: सफलता तैयारी पर निर्भर है, विपक्ष पर नहीं।
“जब आपने हर स्थिति के लिए मेहनत की है, तो चाहे जो भी हो, आपके पास अनुकूलन की क्षमता होनी चाहिए,” उन्होंने कहा। “या फिर, अगर आपने मेहनत की है, तो आप खुद को सर्वश्रेष्ठ अवसर देने के लिए तैयार हैं और परिणामों को भगवान के ऊपर छोड़ सकते हैं।”
ज़िम्बाब्वे पहली बार 2018 के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ T20I खेलेगा, और रजा इस चुनौती का सामना करने के लिए तैयार हैं। वह परिणाम के बजाय प्रक्रिया पर ध्यान केंद्रित करते हैं। “जब तक हम अच्छा क्रिकेट खेल रहे हैं और वही कर रहे हैं जो खेल हमसे मांगता है, तब तक हम परिणाम को खुद ही सुलझने देंगे,” उन्होंने निष्कर्ष निकाला।
ज़िम्बाब्वे क्रिकेट का उज्जवल भविष्य
सिकंदर रजा की कहानी एक ऐसे खिलाड़ी की है जो परिश्रम, समर्पण और आशा का प्रतीक है। व्यक्तिगत त्रासदी के बावजूद, उन्होंने अपार सहनशीलता दिखाई है और अपनी सफलता का इस्तेमाल ज़िम्बाब्वे के अगले पीढ़ी के क्रिकेटरों के लिए रास्ते खोलने में किया है। SA20 में उनके प्रदर्शन से रजा केवल टूर्नामेंट में अपनी छाप नहीं छोड़ रहे हैं; वह दूसरों के लिए दरवाजे खोल रहे हैं और ज़िम्बाब्वे की आगामी क्रिकेट प्रतिभाओं को प्रेरित कर रहे हैं।
जैसे ही ज़िम्बाब्वे 2026 T20 वर्ल्ड कप की ओर बढ़ रहा है, टीम रजा की यात्रा से प्रेरणा ले सकती है—किसी भी बाधा के बावजूद, कड़ी मेहनत और संकल्प आपको दूर तक ले जा सकते हैं।
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