भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने खेल जगत को नई दिशा देने की पहल की है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बुधवार को उनके ड्रीम प्रोजेक्ट 'Centre of Sports Excellence' का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया।

भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने खेल जगत को नई दिशा देने की पहल की है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बुधवार को उनके ड्रीम प्रोजेक्ट 'Centre of Sports Excellence' का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया।
इस मौके पर आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने शिलान्यास किया, जबकि पीवी सिंधु भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। यह अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सेंटर विशाखापट्टनम के अरिलोवा क्षेत्र में बनाया जाएगा।
पीवी सिंधु ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अकादमी नहीं होगी, बल्कि ऐसा मंच बनेगी जहां से भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होंगे।
सिंधु ने कहा कि उनका सपना है कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी आंध्र प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत का नाम दुनिया में रोशन करें।
पीवी सिंधु ने बताया कि इस सेंटर में केवल बैडमिंटन ही नहीं, बल्कि सात अलग-अलग खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शुरुआती उम्र में बच्चों को अलग-अलग खेलों को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा। बाद में उनकी प्रतिभा, रुचि और प्रदर्शन के आधार पर उन्हें सही खेल चुनने में मदद की जाएगी।

सिंधु ने कहा कि इस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक, ताकत और मानसिक तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो सकें।
पीवी सिंधु ने कहा कि खेल ने उन्हें जीवन में पहचान, सम्मान और सफलता दी है। अब समय आ गया है कि वह अपने अनुभव और संसाधनों के जरिए नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
उन्होंने बताया कि वह आंध्र प्रदेश सरकार में डिप्टी कलेक्टर भी हैं और राज्य सरकार ने इस स्पोर्ट्स सेंटर के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई है।
पीवी सिंधु ने कहा कि हर खिलाड़ी ओलंपिक चैंपियन नहीं बनता, लेकिन मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों से कहा कि हार से घबराने की बजाय उससे सीखना चाहिए और हर बार पहले से ज्यादा मजबूत होकर वापसी करनी चाहिए।
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी और दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु ने खेल जगत को नई दिशा देने की पहल की है। आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में बुधवार को उनके ड्रीम प्रोजेक्ट 'Centre of Sports Excellence' का भूमि पूजन और शिलान्यास किया गया।
इस मौके पर आंध्र प्रदेश के मंत्री नारा लोकेश ने शिलान्यास किया, जबकि पीवी सिंधु भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। यह अत्याधुनिक स्पोर्ट्स सेंटर विशाखापट्टनम के अरिलोवा क्षेत्र में बनाया जाएगा।
पीवी सिंधु ने बताया कि इस प्रोजेक्ट को वर्ष 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक अकादमी नहीं होगी, बल्कि ऐसा मंच बनेगी जहां से भविष्य के राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी तैयार होंगे।
सिंधु ने कहा कि उनका सपना है कि यहां से निकलने वाले खिलाड़ी आंध्र प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे भारत का नाम दुनिया में रोशन करें।
पीवी सिंधु ने बताया कि इस सेंटर में केवल बैडमिंटन ही नहीं, बल्कि सात अलग-अलग खेलों को बढ़ावा दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि शुरुआती उम्र में बच्चों को अलग-अलग खेलों को सीखने और समझने का अवसर मिलेगा। बाद में उनकी प्रतिभा, रुचि और प्रदर्शन के आधार पर उन्हें सही खेल चुनने में मदद की जाएगी।

सिंधु ने कहा कि इस सेंटर में अंतरराष्ट्रीय स्तर के कोच, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं और विशेषज्ञों की टीम उपलब्ध होगी।
उन्होंने बताया कि खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक, ताकत और मानसिक तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो सकें।
पीवी सिंधु ने कहा कि खेल ने उन्हें जीवन में पहचान, सम्मान और सफलता दी है। अब समय आ गया है कि वह अपने अनुभव और संसाधनों के जरिए नई पीढ़ी के खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में योगदान दें।
उन्होंने बताया कि वह आंध्र प्रदेश सरकार में डिप्टी कलेक्टर भी हैं और राज्य सरकार ने इस स्पोर्ट्स सेंटर के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई है।
पीवी सिंधु ने कहा कि हर खिलाड़ी ओलंपिक चैंपियन नहीं बनता, लेकिन मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास सफलता की सबसे बड़ी कुंजी हैं।
उन्होंने युवा खिलाड़ियों से कहा कि हार से घबराने की बजाय उससे सीखना चाहिए और हर बार पहले से ज्यादा मजबूत होकर वापसी करनी चाहिए।