रोज डे कोट्स कविता और शायरी: वेलेंटाइन वीक बस शुरू ही होने जा रहा है और इस वीक की शुरुआत होने वाली है रोज डे से। रोज डे मतलब गुलाबों का दिन। इस दिन कपल्स एक दूसरे को अलग-अलग रंगों के गुलाब देते हैं और अपने प्यार का इजहार करते हैं । अगर आप भी अपने पार्ट...

रोज डे कोट्स कविता और शायरी: वेलेंटाइन वीक बस शुरू ही होने जा रहा है और इस वीक की शुरुआत होने वाली है रोज डे से। रोज डे मतलब गुलाबों का दिन। इस दिन कपल्स एक दूसरे को अलग-अलग रंगों के गुलाब देते हैं और अपने प्यार का इजहार करते हैं । अगर आप भी अपने पार्टनर को इस दिन गुलाब देने वाले हैं, तो 7 फरवरी को गुलाब के साथ रोज़ डे कोट्स कविता और शायरी की मदद से आप उन्हें एक प्यार भरा मैसेज भी दे सकते हैं। यह मैसेज शायरी, कविता या कोट्स कुछ भी हो सकता है।
“मैं चाहता था उसको गुलाब पेश करूं
वह खुद गुलाब था उसको गुलाब क्या देता”
“सुनो की अब हम गुलाब देंगे गुलाब लेंगे
मोहब्बतें में कोई खसारा नहीं चलेगा”
“दिन में आने लगे हैं ख्वाब मुझे
उसने भेजा है एक गुलाब मुझे”
“मेरे होठों पर खामोशी है बहुत
इन गुलाबों पर तितलियां रख दे”
“किसी ने मुझसे कह दिया था जिंदगी पर गौर कर
मैं शाख पर खिला हुआ गुलाब देखता रहा”
“हुआ है तस्वीर इस तसव्वुर
गुलाब सोचूं गुलाब देखूं”
“दिल में छुपा कर भी खुशबूएं देगी
हर तमन्ना गुलाब है प्यारे”
“चूम कर एक गुलाब का चेहरा
तितलियों ने भी दिलकशी चक्खी”
“कभी गुलाब से आने लगी महक उसकी
कभी वह अंजुमों महताब से निकल आया”
“भरी बाहर में इक शाख पर मिला है गुलाब
की जैसे तूने हथेली पर गाल रखा है”
“गुलाब टहनी से टूटा जमीन पर ना गिरा
करिश्मा तेज हवा के समझ से बाहर है”
“वह कहर था कि रात का पत्थर पिघल पड़ा
क्या आतिशी गुलाब खिला आसमान पर”
“अर्क नहीं तेरे रूह से गुलाब टपके हैं
अजब यह बात है शोले से आब टपके है”
“आज खुशबू भरे गुलाबों से
मेरे दामन को भर गया कोई”
“एक ताजा गुलाब चेहरे को
एक पुरानी मिसाल कर डाला”
“महक उट्ठे रंग ए सुर्ख जैसे
खिले चमन में गुलाब हैं इतने”
1)“दो गुलाब के फूल छू गए जब से होंठ अपावन मेरे
ऐसी गंध बसी है मन में सारा जग मधुबन लगता है
तुम्हें देख क्या लिया कि कोई सूरत दिखती नहीं पराई
तुमने क्या छू लिया बन गई महाकाव्य की चौपाई
कौन कर अब मठ में पूजा कौन फिराये हाथ सुमरनी
जीना हमें भजन लगता है मरना हमें हवन लगता है
दो गुलाब के फूल छू गए जब से होंठ आपवन मेरे
ऐसी गन्ध बसी है मन में सारा जग मधुबन लगता है।”
2)“मैं गुलाब कई रंगों में
मनमीत मनोहर अंगों में
मैं बिखेर खुशबू अपनी।
जीवन जीता सानन्दों में
फूलों में नाम मेरा पहला
मैं प्रेम निशानी अलबेला
वह प्यार में प्यारा बन जाता
कांटों में जीवन जीने वाला
है प्रेम रंग से बड़ा कौन
खिलते चेहरे को पढ़ा कौन
में गुलाब तन मन का हूं
खुश रहो सदा ना रहो मौन”
3)“गुलाब की महक रंगो की बहार
प्यार का प्रतीक मोहब्बत का इजहार
लाल रंग की परी सुगंधित खुशबू
प्रेम कहानी बुनता फुल ज़रा सुन ले तू
कह रहा है हाल यह मेरे मन का
तुम हो गुलाब मेरे जीवन का
4)“कांपते दिल को है बहलाता
अपनी खुशबू से महकाता
हकीकत है या है ये सपना
गुलाब सा ही जीवन मे कोई अपना
महका दिया तुमने मेरा मन
भर कर अपने रंगों से जीवन
प्यार दिया है तुमने बेहिसाब
तुम ही हो मेरी बगिया का गुलाब”
5)“गुलाब का फूल अतिसुंदर और सुगंधित
करते हैं हम अपने प्रियवर को समर्पित
देखकर इसे प्रियवर के चेहरे पर मुस्कान आए
नम्र हृदय से प्रियतम फिर हमको ले अपनाए”