Nalanda University: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार के राजगीर में नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, विदेश मंत्री एस जयशंकर समेत 17 देशों के राजदूत शामिल हुए. यूनिवर्सिटी के उद्घाटन के साथ ही बिहार को उसकी खोयी हुई विरासत भी फिर से मिलने वाली है.
It’s a very special day for our education sector. At around 10:30 AM today, the new campus of the Nalanda University would be inaugurated at Rajgir. Nalanda has a strong connect with our glorious past. This university will surely go a long way in catering to the educational needs… pic.twitter.com/sJh6cndEve
— Narendra Modi (@narendramodi) June 19, 2024
PM Modi ने उद्घाटन से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नालंदा यूनिवर्सिटी(Nalanda University) की तस्वीरों को शेयर किया है. इसके साथ उन्होंने लिखा है, “आज हमारे शिक्षा क्षेत्र के लिए बहुत खास दिन है. आज सुबह करीब 10:30 बजे राजगीर में नालंदा यूनिवर्सिटी के नए कैंपस का उद्घाटन किया जाएगा. हमारे गौरवशाली इतिहास से नालंदा का गहरा नाता है.” पीएम मोदी के जरिए शेयर की गई तस्वीरों में नालंदा यूनिवर्सिटी का गेट और उसके कैंपस को देखा जा सकता है.
Nalanda University Inauguration
इसको लेकर एसपीजी ने दोनों स्थलों पर अपनी कमान संभाल ली है। प्रधानमंत्री के आगमन से पहले यहां की तैयारियों(Nalanda University) का जायजा लिया गया। इस दौरान नालंदा विश्वविद्यालय परिसर में एसपीजी द्वारा उच्च अधिकारियों के साथ एक विशेष बैठक भी की गई। बैठक में सुरक्षा के हर पहलू पर विचार-विमर्श किया गया और कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए कई आवश्यक निर्देश भी दिए गए।
प्रधानमंत्री के साथ भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर, बिहार के राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, नालंदा विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अरविंद पनगढ़िया(Nalanda University) भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान नालंदा विश्वविद्यालय के स्थापना में अहम योगदान देने वाले कुल 17 देशों के राजदूत भी शामिल होंगे। नालंदा विश्वविद्यालय में अध्ययन कर रहे कई देशों के छात्र-छात्राएं भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे।
कुलपति प्रोफेसर अभय कुमार सिंह ने बताया कि भारत को विश्व गुरु बनाने का जो हमारा लक्ष्य है, उसके प्रति यह एक और महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय की स्थापना से नालंदा के गौरवशाली अतीत को पुनर्जीवित करने का प्रयास किया गया है। इस परिसर में विगत सत्र में 26 देशों के बच्चे अध्ययन कर रहे थे, जिनमें उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका, दक्षिण एशिया, और मध्य एशिया के देशों के छात्र शामिल हैं। यह पवित्र भूमि है, शांति और ज्ञान की भूमि है।
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