अशोक खरात फ़र्ज़ी बाबा: धर्म जहां इंसान को शक्ति देता है वही धर्म हथियार का भी काम करता है। आज के इस दौर में आस्था के नाम पर लूट मचाना आम बात हो गई है। और हाल में ऐसे ऐसे वाकये सामने आ रहे हैं जो व्यथित कर देने वाले हैं। इनमें से एक वाकया महाराष्ट्र के नासिक से सामने आया है, अशोक खरात फ़र्ज़ी बाबा मामला।
अशोक खरात खुद को कथित गॉडमैन बताता था, वह महिलाओं को सुनियोजित तरीके से उनकी परेशानी खत्म करने का वादा करता था। पहले उनके विश्वास का फायदा उठाना और फिर उन्हें डरा कर अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करना यही अशोक खरात का खेल था।
वह खुद को भगवान शिव का अवतार बताता महिलाओं को यकीन दिलाता कि वह उन्हें पवित्र कर सकता है और उनकी सारी परेशानियां हल कर सकता है। इसके लिए महिलाओं को पवित्र अनुष्ठान में साथ देना होगा। उसके बाद शुरू होती थी यह पवित्र प्रक्रिया जो कुछ और नहीं बल्कि एक प्रकार का रेप ही होता था। यह कोई आध्यात्मिक उपचार नहीं था बल्कि डर और भ्रम के बीच पीड़ित महिलाओं को फसाने की श्रृंखला थी जिसकी एक-एक कड़ी अब खुलती जा रही है।
अशोक खरात फ़र्ज़ी बाबा कैसे पवित्र करने के बहाने शुरू करता था खेल

अशोक खरात फिलहाल पुलिस की हिरासत में है और उस पर जांच शुरू हो चुकी है। जांच में सामने आ रहा है कि अशोक खरात फ़र्ज़ी बाबा महिलाओं को पहले विश्वास दिलाता था कि उनके जीवन की जो भी समस्याएं हैं फिर चाहे वह शादी, नौकरी या पारिवारिक संकट वह नकारात्मक ऊर्जा का परिणाम है। इस नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए शुद्धिकरण की प्रक्रिया जरूरी है।
शुद्धिकरण के लिए वह दैवीय अनुष्ठान की बात करता था। यह दैवीय अनुष्ठान कुछ और नहीं बल्कि महिलाओं के शरीर पर कब्जा करने का तरीका होता था। वह महिलाओं को समझता कि तुम्हारा शरीर अशुद्ध है और अशोक खरात ही एक अकेला इंसान है जो उसे पवित्र कर सकता है। महिलाओं को इस तरह से ब्रेनवाश करता था की महिलाएं हर प्रकार की परेशानी से मुक्त होने के लिए अशोक खरात के सामने समर्पण कर देती। जिसको लेकर जाने कितनी वीडियो एक-एक कर सामने आ रहे हैं जिनमें अशोक खरात की गंदी हरकतें साफ दिखाई दे रही है।
पहले झूठा विश्वास और बाद में डर और दबाव का हथियार
पहले अशोक खरात झूठे वादों के दम पर महिलाओं का शारीरिक शोषण करता। कुछ को अपनी ऐतिहासिक टेबल पर बिठाकर रेप का शिकार बना कर तो कुछ को अपना वीर्य पीला कर। अशोक खरात फ़र्ज़ी बाबा बनकर महिलाओं को पवित्र करने के नाम पर उनके प्राइवेट पार्ट्स को अभद्र तरीके से छूता और इसके वीडियो बनाता था।
इसके बाद महिलाओं को डराने का क्रम शुरू होता था। वह बार-बार महिलाओं को बुलाता और उन्हें डरा धमका कर उनका शारीरिक शोषण करता। महिलाओं को धमकी देता था कि यदि किसी ने कुछ बताया तो उनके परिवार पर संकट आ जाएगा। वह अपनी शक्तियों से महिला के परिवार को बर्बाद कर देगा और अगर यह सब बातें काम नहीं करती तो वह वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने की धमकी देता
बनाता था नकली तंत्र-मंत्र का माहौल
अशोक खरात की सबसे खास बात यह थी कि वह एक ऐसा व्यक्ति था जो जानता था कि महिलाओं की साइकोलॉजी से कैसे खेलना है। वह परेशान महिलाओं को डरा कर आध्यात्मिक माहौल के जरिए अपने कब्जे में करता था। तंत्र-मंत्र का माहौल बनाता ,नकली सांप, अजीब से वस्त्र, अजीब अनुष्ठान, ऊर्जा वाले पत्थर बेचना विशेष प्रकार के शहद, विशेष प्रकार का जल इत्यादि बेचकर वह महिलाओं को मानसिक रूप से कमजोर करता था।
पैटर्न के अंतर्गत करता था शोषण
अशोक खरात फ़र्ज़ी बाबा मामले में पुलिस को एक पैटर्न साफ दिखता है। अशोक खरात ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहचान बनाई। महिलाओं की समस्याओं का समाधान देने का भरोसा दिलाया। आध्यात्मिक प्रक्रिया की बात की, परेशान महिलाओं की परेशानी हल करने के झूठे वादे किए। पवित्र संबंध के नाम पर उनका शोषण किया, उसके वीडियो बना लिए और उसके बाद लगातार शोषण करता रहा। महिलाएं डर और शर्म के कारण एक लंबे समय तक सामने नहीं आईं। लेकिन एक शिकायत और धीरे-धीरे पूरा मामला खुलने लगा।
क्या है इस केस का लेटेस्ट अपडेट

इस केस से जुड़ी एक-एक परत खुलती जा रही है। पुलिस जांच में कोई कमी नहीं कर रही है। इस जांच में महाराष्ट्र के राजनीतिक पार्टियां भी साथ दे रही हैं। अंधविश्वास और शोषण का यह बड़ा मामला केवल भारत नहीं बल्कि विदेश में भी फैला हुआ है। 58 से ज्यादा रेप और शारिरिक शोषण के वीडियो MMS सामने आए हैं। इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया पर अशोक खरात और उसके द्वारा फसाई गई महिलाओं के वीडियो वायरल हो रहे हैं जिस पर पुलिस कार्यवाही कर रही है।
अशोक खरात फ़र्ज़ी बाबा मामला मजो आस्था से शुरू होकर अंधविश्वास तक पहुंच गया और धीरे-धीरे शोषण का हथियार बन गया। यह मामला बताता है कि किसी भी व्यक्ति को भगवान ना मानें,क्योंकि भगवान यह सब नहीं करते, सवाल पूछना बंद ना करें। खासकर महिलाओं को जागरूक होने की बहुत ज्यादा जरूरत है। शर्म और डर को त्याग कर अपने साथ हुए अत्याचार के लिए आवाज़ उठाएं खुद भी बचें और अन्य महिलाओं को भी बचाएं।

















