मध्य प्रदेश अपने सार्वजनिक यात्री परिवहन तंत्र को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय Passenger Transport Vision Summit 2026 की शुरुआत हुई, जिसमें परिवहन विशेषज्ञों, निजी बस ऑपरेटरों, राज्य परिवहन उपक्रमों, तकनीकी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।

मध्य प्रदेश अपने सार्वजनिक यात्री परिवहन तंत्र को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिवसीय Passenger Transport Vision Summit 2026 की शुरुआत हुई, जिसमें परिवहन विशेषज्ञों, निजी बस ऑपरेटरों, राज्य परिवहन उपक्रमों, तकनीकी कंपनियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
समिट में राज्य के सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक, तकनीक-सक्षम और यात्री-केंद्रित बनाने पर चर्चा की जा रही है। बस रूट और टाइमटेबल के बेहतर प्रबंधन से लेकर डिजिटल टिकटिंग, यात्री सुरक्षा, डेटा आधारित निर्णय और स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले बस बेड़े तक कई महत्वपूर्ण मुद्दे चर्चा के केंद्र में हैं।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समिट का उद्घाटन करेंगे। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह और मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल के भी कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना है।
समिट में सरकार की मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को मजबूत करने की रणनीति पर भी विशेष चर्चा होगी। इसके तहत प्रदेश में यात्री परिवहन सेवाओं को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के लिए सरकारी और निजी क्षेत्र के बीच सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
मध्य प्रदेश सरकार Madhya Pradesh Mobility Vision 2030 के तहत बस संचालन और Intelligent Transport Management Systems (ITMS) में निवेश बढ़ाने की योजना पर काम कर रही है। इसके लिए Public-Private Partnership (PPP) मॉडल को भी महत्वपूर्ण विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है।
सरकार का लक्ष्य परिवहन व्यवस्था में निजी निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ ऐसी तकनीक विकसित करना है, जिससे बस सेवाओं की योजना वास्तविक यात्री मांग के आधार पर तैयार की जा सके।
समिट में Artificial Intelligence (AI) और रियल-टाइम यात्री डेटा के इस्तेमाल पर खास ध्यान दिया जाएगा। प्रस्तावित व्यवस्था में यात्रियों की आवाजाही से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण कर यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि किन इलाकों में बसों की अधिक जरूरत है।
डेटा के आधार पर इंट्रा-सिटी और इंटर-सिटी बस रूट तथा टाइमटेबल को बेहतर बनाया जा सकता है। इससे अधिक यात्री मांग वाले क्षेत्रों में बस सेवाएं बढ़ाने और कम उपयोग वाले या अनावश्यक संचालन को कम करने में मदद मिल सकती है।
इसका उद्देश्य ऐसी सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें बसों की तैनाती पुराने अनुमान के बजाय वास्तविक यात्री जरूरतों और यात्रा पैटर्न के आधार पर हो।
समिट के प्रमुख विषयों में ‘One State, One Journey’ की अवधारणा भी शामिल है। इसके तहत पूरे प्रदेश में Integrated Ticketing और Automated Fare Collection System विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी।
अगर यह व्यवस्था लागू होती है तो यात्रियों को अलग-अलग सार्वजनिक परिवहन सेवाओं के लिए अलग टिकट लेने की जरूरत कम हो सकती है। एकीकृत टिकटिंग व्यवस्था से यात्रा को अधिक सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ किराया संग्रह और परिवहन संचालन को भी डिजिटल बनाया जा सकेगा।
हालांकि, इसके लिए तकनीकी ढांचे, डिजिटल भुगतान प्रणाली, अलग-अलग परिवहन ऑपरेटरों के बीच समन्वय और एक समान संचालन व्यवस्था विकसित करना महत्वपूर्ण होगा।
मध्य प्रदेश में ग्रीन मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए समिट में इलेक्ट्रिक, हाइड्रोजन और फ्लेक्स-फ्यूल बसों की संभावनाओं पर भी चर्चा होगी।
क्लीन फ्यूल आधारित बसों के विस्तार के साथ चार्जिंग स्टेशन, हाइड्रोजन रिफ्यूलिंग सुविधाओं और ग्रीन डिपो जैसी आधारभूत सुविधाओं को विकसित करने की जरूरत पर भी विचार किया जाएगा।
इसके अलावा बसों में Advanced Driver Assistance Systems (ADAS) जैसी आधुनिक सुरक्षा तकनीकों के इस्तेमाल पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। इसका उद्देश्य सड़क सुरक्षा को मजबूत करना और ड्राइविंग मानकों में सुधार करना है।
समिट के साथ एक इंडस्ट्री एक्सपो का भी आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री इसके उद्घाटन में शामिल होंगे। एक्सपो में Tata Motors, EKA Mobility, GreenCell Mobility, Volvo-Eicher, SWITCH Mobility, Rapido, Chalo Mobility, Indian Oil और SBI सहित कई कंपनियों की भागीदारी प्रस्तावित है।
इस एक्सपो में कंपनियां इलेक्ट्रिक बसों, परिवहन तकनीक, डिजिटल टिकटिंग, मोबिलिटी सॉल्यूशंस और सार्वजनिक परिवहन से जुड़ी अन्य तकनीकों और सेवाओं का प्रदर्शन करेंगी।
Passenger Transport Vision Summit 2026 में सार्वजनिक यात्री परिवहन से जुड़े आठ प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी:
इन सत्रों में सरकारी अधिकारियों, परिवहन विशेषज्ञों, निजी ऑपरेटरों, तकनीकी कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों के बीच राज्य के यात्री परिवहन के भविष्य को लेकर विचार-विमर्श होगा।
समिट के एजेंडे से संकेत मिलता है कि मध्य प्रदेश सार्वजनिक परिवहन को केवल अधिक बसें चलाने तक सीमित नहीं रखना चाहता, बल्कि इसे तकनीक, सुरक्षा, डेटा और यात्री सुविधा से जोड़ने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
AI आधारित रूट प्लानिंग, रियल-टाइम यात्री जानकारी, इंटीग्रेटेड टिकटिंग, डिजिटल सिस्टम और क्लीन एनर्जी बसों के जरिए परिवहन व्यवस्था को अधिक कुशल बनाने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि, इन योजनाओं की वास्तविक सफलता उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी। इसके लिए पर्याप्त निवेश, चार्जिंग और रिफ्यूलिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, डिजिटल कनेक्टिविटी और सरकारी एजेंसियों के साथ निजी परिवहन ऑपरेटरों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी होगा।
अगर योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू होती हैं, तो Madhya Pradesh Mobility Vision 2030 राज्य में सार्वजनिक बस परिवहन को अधिक स्मार्ट, सुरक्षित, पर्यावरण-अनुकूल और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।