
नवरात्रि का नाम सुनते ही मन में मां दुर्गा की पूजा, मंदिरों की रौनक और गरबा-डांडिया की तस्वीर आने लगती है। इन नौ दिनों में हर तरफ त्योहार का माहौल रहता है। महिलाएं पूजा की तैयारी करती हैं, बाजारों में नए कपड़ों की खरीदारी शुरू हो जाती है और कई लोग तो नवरात्रि शुरू होने से पहले ही नौ दिनों के आउटफिट तय कर लेते हैं।
पिछले कुछ सालों में नवरात्रि के नौ रंगों को लेकर भी लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला है। खासकर महिलाएं और लड़कियां हर दिन के रंग के हिसाब से कपड़े पहनना पसंद करती हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि इन रंगों को अलग-अलग भावनाओं और मान्यताओं से भी जोड़ा जाता है?
अगर आप भी इस नवरात्रि हर दिन एक अलग रंग पहनने की सोच रही हैं, तो यहां जानिए नौ रंगों का महत्व और किस दिन कौन सा रंग पहनने की परंपरा है।
नवरात्रि के दौरान हर दिन के लिए एक खास रंग बताया जाता है। हालांकि, यह क्रम हर साल बदल सकता है और अलग-अलग जगहों पर भी इसमें अंतर देखने को मिलता है। इसलिए इस साल के रंगों की सूची को संबंधित पंचांग या स्थानीय परंपरा के अनुसार जरूर जांच लें।
पीला रंग देखते ही मन में ताजगी और खुशी का एहसास होता है। नवरात्रि के पहले दिन कई रंग-में पीला रंग पहनने की परंपरा है। इस दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है।
अगर आप पूजा के लिए तैयार हो रही हैं, तो पीले रंग का सूट या साड़ी पहन सकती हैं। वहीं, थोड़ा हल्का लुक पसंद है तो पीली कुर्ती के साथ सफेद दुपट्टा भी अच्छा लगेगा।
हरा रंग हरियाली और नई ऊर्जा से जुड़ा हुआ है। नवरात्रि में इस रंग को पहनना भी काफी पसंद किया जाता है। दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा होती है।
इस दिन हरे रंग का सूट, साड़ी या कुर्ती पहन सकती हैं। अगर आपके पास पहले से हरे रंग के कपड़े हैं, तो उन्हें नए दुपट्टे या ज्वेलरी के साथ पहनकर भी अच्छा लुक बनाया जा सकता है।
नवरात्रि के रंगों की कुछ प्रचलित सूचियों में ग्रे रंग तीसरे दिन के लिए बताया जाता है। इस दिन मां चंद्रघंटा की पूजा की जाती है।
अगर आप हर दिन चमकीले रंग पहनना पसंद नहीं करतीं, तो ग्रे रंग आपके लिए अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके साथ सिल्वर इयररिंग्स या ऑक्सीडाइज्ड ज्वेलरी पहनकर अपने लुक को थोड़ा अलग बना सकती हैं।
नवरात्रि में नारंगी रंग की अपनी अलग ही खूबसूरती है। यह रंग त्योहार की रौनक के साथ खूब जंचता है। चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है।
इस दिन नारंगी रंग का सूट या साड़ी पहन सकती हैं। अगर शाम को गरबा खेलने जाना है, तो नारंगी रंग का लहंगा या चनिया-चोली भी अच्छा विकल्प है।
सफेद रंग उन लोगों को काफी पसंद आता है जिन्हें हल्के और सिंपल कपड़े पहनना अच्छा लगता है। नवरात्रि के पांचवें दिन मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है और कुछ लोकप्रिय रंग-सूचियों में इस दिन सफेद रंग पहनने की परंपरा है।
सफेद सूट के साथ रंगीन दुपट्टा या हल्की ज्वेलरी पहन सकती हैं। यह लुक पूजा के लिए भी अच्छा रहेगा और ज्यादा तैयारी करने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
लाल रंग का भारतीय त्योहारों में खास महत्व है। मां दुर्गा की पूजा में भी लाल चुनरी और लाल फूलों का इस्तेमाल अक्सर किया जाता है। नवरात्रि के छठे दिन मां कात्यायनी की पूजा होती है।
इस दिन लाल साड़ी, सूट या लहंगा पहन सकती हैं। अगर पूरा लाल पहनना पसंद नहीं है, तो लाल दुपट्टा या लाल रंग की एक्सेसरीज भी आपके पहनावे में त्योहार का रंग जोड़ सकती हैं।
नवरात्रि की कुछ रंग-सूचियों में सातवें दिन नीला रंग पहनने की परंपरा है। इस दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाती है।
नीले रंग की साड़ी या सूट के साथ सिल्वर ज्वेलरी काफी अच्छी लगती है। गरबा या डांडिया के लिए तैयार हो रही हैं, तो नीले रंग का ट्रेडिशनल आउटफिट भी चुन सकती हैं।
गुलाबी रंग लड़कियों और महिलाओं के पसंदीदा रंगों में शामिल है। नवरात्रि के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है। इस दिन कई घरों में अष्टमी के अवसर पर कन्या पूजन भी होता है।
इस मौके पर गुलाबी रंग का सूट, साड़ी या लहंगा पहन सकती हैं। अगर आपको सिंपल लुक पसंद है, तो हल्के गुलाबी रंग के कपड़ों के साथ छोटी-सी बिंदी और झुमके काफी हैं।
नवरात्रि के नौवें दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है। कुछ लोकप्रिय रंग-सूचियों में इस दिन बैंगनी रंग को शामिल किया जाता है।
अगर आप इस बार कुछ अलग पहनना चाहती हैं, तो बैंगनी रंग की साड़ी या सूट ट्राई कर सकती हैं। इसके साथ गोल्डन या सिल्वर ज्वेलरी पहनकर अपने लुक को पूरा किया जा सकता है।
नवरात्रि के नौ दिनों में अलग-अलग रंग पहनने का शौक है, तो इसके लिए हर बार नए कपड़े खरीदना जरूरी नहीं है। अपनी अलमारी में रखे कपड़ों को भी थोड़ा अलग तरीके से पहन सकती हैं।
उदाहरण के लिए, एक ही कुर्ती को अलग-अलग रंगों के दुपट्टे के साथ पहनें या अपनी सादी साड़ी के साथ रंगीन ब्लाउज चुनें। इससे आपका लुक भी अलग लगेगा और ज्यादा खर्च भी नहीं होगा।
अगर गरबा खेलने जाना है, तो ऐसे कपड़े चुनें जिनमें आसानी से घूम सकें और डांस कर सकें। वहीं, घर में पूजा के लिए आरामदायक सूट या साड़ी भी पर्याप्त है।
नहीं, नवरात्रि में हर दिन का रंग पहनना जरूरी नहीं है। यह एक लोकप्रिय परंपरा है, जिसे लोग अपनी श्रद्धा और पसंद के अनुसार अपनाते हैं। अगर किसी दिन आपके पास उस रंग के कपड़े नहीं हैं, तो दूसरे रंग के कपड़े पहनकर भी मां दुर्गा की पूजा कर सकती हैं।
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि नवरात्रि के नौ रंगों का क्रम हर साल एक जैसा नहीं रहता। इसलिए किसी खास साल के लिए रंगों की सूची बनाते समय उसकी पुष्टि जरूर करें।
नवरात्रि का असली आनंद मां दुर्गा की भक्ति, परिवार के साथ बिताए पलों और त्योहार की खुशियों में है। आप अपनी पसंद के कपड़े पहनें, पूजा करें और इन नौ दिनों को अपने तरीके से खास बनाएं।
जय माता दी!