• Latest
  • Trending
  • All
सोमनाथ मंदिर के 6 रहस्य

सोमनाथ मंदिर के 6 रहस्य : सृष्टि का पहला ज्योतिर्लिंग और उसके वह रहस्य जो किताबों में नहीं मिलते

April 10, 2026
Natalia Janoszek

Natalia Janoszek: बिग बॉस 19 के बाद बदल गई पोलैंड से आई इस हसीना की जिंदगी….एक के बाद एक मिल रहे हैं बड़े ऑफर्स!!

April 15, 2026
Summer Hair Care Tips

Summer Hair Care Tips: इस गर्मी बाल झड़ना कैसे रोकें? जानिए 5 असरदार घरेलू उपाय

April 15, 2026
MS Dhoni की वापसी तय? CSK vs SRH मैच में खेल सकते हैं, कोच Stephen Fleming का बड़ा बयान

MS Dhoni की वापसी तय? CSK vs SRH मैच में खेल सकते हैं, कोच Stephen Fleming का बड़ा बयान

April 15, 2026
MI vs PBKS

MI vs PBKS मैच प्रेडिक्शन IPL 2026: पिच रिपोर्ट, मैच का शेड्यूल, प्लेइंग 11 और अधिक

April 15, 2026
रणवीर सिंह

जब रणवीर सिंह थे शर्मीले… सोनाली राउत ने खोला पुराना राज, आज हैं बॉक्स ऑफिस के बादशाह

April 15, 2026
Classic Suzuki Jimny बना माइक्रो पिकअप ट्रक Indonesia

Classic Suzuki Jimny बना माइक्रो पिकअप ट्रक Indonesia से वायरल इस यूनिक 4×4 की पूरी कहानी

April 15, 2026
Soyabean Imports

Soyabean Imports : देश में सोयाबीन उत्पादन घटने से आयात में आया उछाल, किसानों और बाज़ार पर बड़ा असर

April 15, 2026
फुकेट बीच वायरल सेक्स वीडियो

फुकेट बीच वायरल सेक्स वीडियो: विदेशी कपल ने की हदें पार… मेक आउट वीडियो हुआ वायरल..मिली सजा और सबक!!

April 15, 2026
Aloe Vera Juice

Aloe Vera Juice: चाय की चुस्की छोड़ सुबह खाली पेट पीयेंगे ये जूस तो दिनभर रहेंगे चुस्त-दुरुस्त, जानें इसके फायदे?

April 15, 2026
रणवीर सिंह

रणवीर सिंह का वो दौर जब वो शरमाते थे… सोनाली राउत ने सुनाई दिलचस्प कहानी

April 15, 2026
Pithoragarh Case: 14 साल की लड़की बनी मां, नाबालिग पति पर POCSO केस—बाल विवाह की सच्चाई फिर आई सामने

Pithoragarh Case: 14 साल की लड़की बनी मां, नाबालिग पति पर POCSO केस—बाल विवाह की सच्चाई फिर आई सामने

April 15, 2026
Amravati Mobile Video Download Scandal

अमरावती वायरल MMS वीडियो: Mohammad Ayaz Alias Tanveer ने किया 180 नाबालिग लड़कियों का शोषण, 350 अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल

April 15, 2026
Wednesday, April 15, 2026
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
  • होम
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • टैकनोलजी
      • गैजेट
      • गेमिंग
    • स्पोर्ट्स
    • जॉब वेकेन्सीस
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • अन्‍य
      • धार्मिक
      • हैल्‍थ
  • एग्रीकल्चर
  • आईपीएल 2026
  • बिज़नेस
    • सोने और चांदी के भाव
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • ट्रेंडिंग
  • वायरल वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश
No Result
View All Result
StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech
No Result
View All Result
Home Informative

सोमनाथ मंदिर के 6 रहस्य : सृष्टि का पहला ज्योतिर्लिंग और उसके वह रहस्य जो किताबों में नहीं मिलते

bbhavna Kalyani by bbhavna Kalyani
April 10, 2026
in Informative, Lifestyle
सोमनाथ मंदिर के 6 रहस्य

सोमनाथ मंदिर के 6 रहस्य

8
VIEWS
whatsappShare on FacebookShare on Twitter

सोमनाथ मंदिर के 6 रहस्य : भारत के पश्चिमी तट पर गुजरात के प्रभास पाटन में स्थित सोमनाथ मंदिर हिंदू धर्म का सबसे प्रतिष्ठित तीर्थ स्थल माना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में से सबसे प्रथम माना जाता है। कहा जाता है कि यहां भगवान शिव दिव्य ज्योतिर्लिंग के रूप में सदैव विराजमान है। स्कंद पुराण के अनुसार सोमनाथ में शिवलिंग एक विशिष्ट ज्योति के रूप में विराजमान हैं और यह ज्योति एक विशिष्ट ऊर्जा के रूप में यहां आने वाले भक्तों को भी महसूस होती है।

सोमनाथ मंदिर का नाम सोम और नाथ इन दो शब्दों से आया है। सोम अर्थात चंद्र देव और नाथ अर्थात ईश्वर, पुराणों की मान्यता है कि चंद्र देव ने अपने श्राप से मुक्ति पाने के लिए शिव जी की आराधना की थी और जब भगवान शिव चंद्र देव की आराधना से प्रसन्न हुए तो उन्होंने इसी स्थल पर प्रकट होकर चंद्र देव को श्राप से मुक्ति दी थी। तब से अब तक यह मंदिर अचल अविरल यही खड़ा है। इस मंदिर पर अब तक 17 बार हमला हो चुका है। हालांकि हमलों में हर बार मंदिर के बाहरी आवरण को नुकसान पहुंचा  परंतु शिवलिंग को कोई स्पर्श तक नही कर सका।

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के विनाश और पुनर्निर्माण का चक्र

सोमनाथ मंदिर को लेकर इतिहासकारों का मानना है कि यह मंदिर कम से कम 6 से अधिक बार जीवन-वरण से गुजरा है और हर बार पहले से ज्यादा भव्य रूप में स्थापित हुआ है। हालांकि अंग्रेजों और भारतीय स्रोत के अनुसार इस मंदिर को मुगलों द्वारा 17 बार ध्वस्त करने की कोशिश की गई। हर बार आक्रमण हुआ धन-संपत्ति लूटी गई लेकिन शिवलिंग पर खरोंच तक नहीं आई। सबसे पहले महमूद गजनी ने ई.1026 में इस मंदिर पर आक्रमण किया। इसके बाद ई.1159 में चालुक्य राजा कुमारपाल ने मंदिर का पुनर्निर्माण करवाया। 1299 ई. में अलाउद्दीन खिलजी ने इस मंदिर पर पुनः आक्रमण किया इसके बाद 14वीं-15वीं सदी में चूड़ासमा राजाओं ने मंदिर का पुनर्निर्माण कराया।

RelatedPosts

Summer Hair Care Tips

Summer Hair Care Tips: इस गर्मी बाल झड़ना कैसे रोकें? जानिए 5 असरदार घरेलू उपाय

April 15, 2026
Aloe Vera Juice

Aloe Vera Juice: चाय की चुस्की छोड़ सुबह खाली पेट पीयेंगे ये जूस तो दिनभर रहेंगे चुस्त-दुरुस्त, जानें इसके फायदे?

April 15, 2026
Cinnamon Tea

Cinnamon Tea : डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए किसी औषधीय जड़ी-बूटी से कम नहीं है दालचीनी, जानें इसके फ़ायदे

April 14, 2026
Moringa Benefits

Moringa Benefits : गर्मियों में सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है मोरिंगा, जानें इसे खाने के फ़ायदे

April 13, 2026

इसके पश्चात 1665ई. और उसके बाद लगातार इस मंदिर को मुगल बादशाहों द्वारा नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि भारतीय स्वतंत्रता के पश्चात सरदार वल्लभभाई पटेल ने 1947 में मंदिर के पुनर्निर्माण का निर्णय लिया और सोमनाथ ट्रस्ट की स्थापना की। 1951 में भारत के राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद ने मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा की। अब प्रधानमंत्री भारत सरकार की अध्यक्षता में इस मंदिर की देखभाल की जाती है। अब यह मंदिर केवल एक धार्मिक केंद्र नहीं बल्कि राष्ट्रीय प्रतीक भी बन चुका है।

सोमनाथ मंदिर से जुड़े 6 अनोखे रहस्य

1.ज्योतिर्लिंग जो हवा में तैरता है:  पुराणों की माने तो सोमनाथ मंदिर का ज्योतिर्लिंग असल में कोई लिंग नहीं बल्कि साक्षात ज्योति है। स्कंद पुराण में उल्लेख है कि सोमनाथ वह स्थान है जहां शिव ने वचन दिया था कि मैं यहां ज्योति के रूप में स्थित रहूंगा। जानकारों की माने तो यहां शिवलिंग के आसपास रेडियोएक्टिव गतिविधियां भी महसूस होती है। कहा जाता है कि सोमनाथ मंदिर का शिवलिंग हवा में तैरता है और इसीलिए कोई भी मुगल बादशाह शिवलिंग को नष्ट नहीं कर पाया। हालांकि कुछ लोगों ने यह दावा भी किया है गर्भगृह के पास खड़े होने पर साधकों को हल्का चक्कर, सीने में कंपन और लिंग घूमने जैसा आभास होता है। असल में यह ऊर्जा का प्रभाव है। यहां समुद्र- चंद्रमा-काल की उपस्थिति की वजह से निरंतर गति महसूस होती है।

2.सोमनाथ के कलश का रहस्य: सोमनाथ मंदिर के शिखर पर एक दिव्य कलश स्थित है। इस कलश का वजन 17 टन बताया जाता है। कलश का वास्तविक भार इससे कई गुना ज्यादा है। परंतु साधकों का मानना है कि जब कलश को ऊंचाई पर ले जाया जा रहा था तब अचानक से इसका वजन हल्का महसूस होने लगा, जिसकी वजह से इसे उठाने में किसी तरह की कोई असुविधा नहीं हुई। इसे शिव की अनुग्रह शक्ति माना जाता है जो अहंकार छोड़ता है उसे सब कुछ हल्का लगने लगता है।

3.सोमनाथ के पास गुप्त नदी का संगम: सोमनाथ के पास त्रिवेणी संगम माना जाता है। यहां कपिला, हिरण्य और सरस्वती नदियों का संगम है। हालांकि आज तक यह तीनों नदियां स्पष्ट रूप से नहीं दिखी हैं लेकिन पुराणों में इसका उल्लेख है। सबसे विशेष बात यहां सूर्य के ढलने के साथ-साथ नदी और समुद्र का पानी काफी पीछे चला जाता है और सुबह तक यह पानी बहुत दूर रहता है। परंतु जैसे-जैसे सूरज चढ़ता जाता है पानी मंदिर के नजदीक आता जाता है। परंतु कितना भी तूफान क्यों ना आये समुद्र  सोमनाथ की सीढ़ियों को नहीं लांघता।

4.बाण स्तंभ और दक्षिण दिशा का रहस्य: सोमनाथ में मंदिर के पास ही बाण स्तंभ बना हुआ है। इस बाण स्तंभ पर एक प्राचीन श्लोक उल्लेखित है जिसका अर्थ है कि “स्तंभ से सीधी दक्षिण दिशा में कोई भूमि नहीं केवल शिव क्षेत्र है”। दक्षिण दिशा यम और महाकाल की दशा मानी जाती है और सोमनाथ इस दिशा का द्वार है। सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस समय सोमनाथ मंदिर का निर्माण किया जा रहा था उस समय ऐसी कौनसी तकनीक या यंत्र मौजूद थे जिससे यह पता लगाया गया कि यहां से दक्षिण दिशा में कोई भूमि नहीं है बल्कि अंत में अंटार्कटिका है जहां पर कोई नहीं रह सकता। शायद इसी वजह से सोमनाथ को मोक्ष का द्वार भी कहा जाता है।

5.सृष्टि के अंत का संकेत:  शिव पुराण में स्पष्ट रूप से वर्णन किया गया है कि सोमनाथ कि सीढ़ियों को जब समुद्र लांघेगा वह दिन सृष्टि का अंतिम दिन होगा। सोमनाथ क्षेत्र इस अंतिम क्षण का साक्षी बनेगा। यह वही क्षेत्र होगा जहां सृष्टि ने पहली बार शिव को देखा और यही वह क्षेत्र होगा जो सृष्टि के अंत का भी साक्षी होगा।

सोमनाथ मंदिर को लेकर सदियों से अनेक रहस्य कथाएं और मान्यताएं प्रचलित हैं। लेकिन तथ्यों और धार्मिक परंपराओं को अलग-अलग रखकर भी समझें तो एक ही सत्य सामने आता है कि सोमनाथ मंदिर के गर्भ ग्रह के नीचे सच में कुछ विशेष शक्तियां मौजूद हैं। इसीलिए शायद 17 बार हमला होने के बावजूद भी शिवलिंग को कोई नष्ट नहीं कर सका। साधकों ने भी प्रमाण दिया है कि सोमनाथ का शिवतत्व भूमि के भीतर गहराई तक व्याप्त है जो की लगातार घूमता रहता है। यह आध्यात्मिक भाव है जिसे विज्ञान या खुदाई से नहीं बल्कि श्रद्धा और अनुभूति से समझा जा सकता है।

Read More: पोंगल 2026: तारीख, उत्सव, सांस्कृतिक और चार दिवसीय फसल महत्व

 

Recent Posts

  • Natalia Janoszek: बिग बॉस 19 के बाद बदल गई पोलैंड से आई इस हसीना की जिंदगी….एक के बाद एक मिल रहे हैं बड़े ऑफर्स!!
  • Summer Hair Care Tips: इस गर्मी बाल झड़ना कैसे रोकें? जानिए 5 असरदार घरेलू उपाय
  • MS Dhoni की वापसी तय? CSK vs SRH मैच में खेल सकते हैं, कोच Stephen Fleming का बड़ा बयान
  • MI vs PBKS मैच प्रेडिक्शन IPL 2026: पिच रिपोर्ट, मैच का शेड्यूल, प्लेइंग 11 और अधिक
  • जब रणवीर सिंह थे शर्मीले… सोनाली राउत ने खोला पुराना राज, आज हैं बॉक्स ऑफिस के बादशाह

StackUmbrella – Breaking News, Jobs & Tech

Copyright © 2026 stackumbrella.

Navigate Site

  • About Us
  • Contact Us
  • RSS Feeds
  • Privacy Policy
  • Terms and Conditions

Follow Us

No Result
View All Result
  • होम
  • टॉप न्यूज़
    • ऑटोमोबाइल
    • टैकनोलजी
      • गैजेट
      • गेमिंग
    • स्पोर्ट्स
    • जॉब वेकेन्सीस
    • राज्य
      • मध्य प्रदेश
    • अन्‍य
      • धार्मिक
      • हैल्‍थ
  • एग्रीकल्चर
  • आईपीएल 2026
  • बिज़नेस
    • सोने और चांदी के भाव
  • मनोरंजन
    • ‎बॉलीवुड
    • हॉलीवुड
    • ट्रेंडिंग
  • वायरल वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • इंग्लिश

Copyright © 2026 stackumbrella.